राजनीति / कैप्टन अमरिंदर भी नहीं पहुंचे नीति आयोग की बैठक में शामिल होने, वित्त मंत्री को भी नहीं भेजा



captain amrinder singh avoids to attend policy commission meeting telling sickness reason
X
captain amrinder singh avoids to attend policy commission meeting telling sickness reason

  • पूरा एक हफ्ता हिमाचल प्रदेश में अपने फार्म पर छुट्टियां बिताकर गुरुवार को पंजाब लौटे थे सीएम
  • नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं होने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह दूसरे सीएम, इससे पहले ममता रहीं नदारद
  • वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल को भेजना चाहती थी सरकार, नहीं मिली आयोग की अनुमति

Dainik Bhaskar

Jun 15, 2019, 06:51 PM IST

पटियाला. पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के बाद अब पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने भी नीति आयाेग से दूरी बना ली। कैप्‍टन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में शनिवार को हुई नीति आयोग की बैठक में भाग लेने नहीं गए। ममता बनर्जी के बाद ऐसे वह दूसरे सीएम हैं।कैप्‍टन जहां खुद ही नहीं गए, बल्कि वित्‍तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल को भी नहीं भेजा। ऐसा नीति आयोग द्वारा अनुमति नहीं देने के कारण हुआ। हालांकि कैप्टन के बैठक में शामिल न होने का कारण उनका बीमार होना बताया गया है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पूरा एक हफ्ता हिमाचल प्रदेश में अपने फार्म पर छुट्टियां बिताकर गुरुवार को पंजाब लौटे थे। शुक्रवार शाम को उनके दिल्ली जाने की संभावना थी, लेकिन नहीं जाने का फैसला किया।

 

कैप्टन के मीटिंग में शामिल न होने और उनकी जगह वित्तमंत्री मनप्रीत बादल को भेजने की राज्य सरकार की मांग को नीति आयोग ने ठुकरा दिया है। सरकार ने आयोग से आग्रह किया था कि उनकी जगह वित्तमंत्री मनप्रीत बादल पंजाब का एजेंडा पेश करेंगे, लेकिन आयोग ने साफ कर दिया है कि मीटिंग में केवल मुख्यमंत्री ही बोल सकते हैं। इसलिए उनकी जगह किसी और मंत्री को शामिल होने की इजाजत नहीं दी जा सकती। बाद में आयोग ने राज्य सरकार के चीफ सेक्रेटरी करण अवतार सिंह को मीटिंग में शामिल होने की इजाजत इस शर्त पर दे दी कि वह केवल मीटिंग में शामिल होंगे। उन्हें राज्य सरकार का एजेंडा को रखने का मौका नहीं दिया जाएगा। पंजाब के लिए राहत की बात केवल इतनी ही है कि आयोग की ओर से भेजे गए एजेंडा पर राज्य सरकार का व्यू प्वाइंट मीटिंग में पेश हो जाएगा।

 

जमीन रहित किसानों का मुद्दा अहम

पंजाब की ओर से जमीन रहित किसानों को भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना में शामिल करने का मुद्दा उठाया गया है। किसानों के खेती संकट का मुद्दा उठाने के लिए सरकार उनके लिए कर्ज राहत में सहयोग देने की मांग भी कर सकती है। महत्वपूर्ण यह है कि देश में भूमिहीन किसानों की कोई गणना नहीं हुई है, जबकि बड़ी संख्या में भूमिहीन किसान जमीन किराए पर लेकर खेतीबाड़ी कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद से ही केंद्र के प्रति आक्रामक रवैया अपनाने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह भूमिहीन किसान के साथ-साथ खेतिहर मजदूर को भी मासिक सहायता देने के पक्ष में है। नीति आयोग के सामने यह मुद्दा उठाकर पंजाब एक तीर से दो शिकार करना चाहता है। अगर नीति आयोग मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो इसका सेहरा कैप्टन के सिर पर बंधेगा। वहीं, अगर इस प्रस्ताव को अस्वीकार किया जाता है तो कैप्टन पंजाब में इस मुद्दे को उठा सकते हैं कि उन्होंने केंद्र के समक्ष मुद्दा उठाया था, लेकिन उसे अस्वीकार कर दिया गया।

 

सिद्धू का मामला भी लटकने के आसार

यह भी अटकलें लगाई जा रही थी कि कैप्टन नीति आयोग की मीटिंग के बाद कांग्रेस आलाकमान से भी मिलेंगे। पंजाब में कैप्टन और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच अच्छी खासी तनातनी चल रही है। सिद्धू विभाग बदलने से नाराज हैं और अपना महकमा ज्वाइन नहीं कर रहे हैं। सिद्धू इस मामले को लेकर राहुल गांधी से भी मिल चुके हैं, जिन्होंने अहमद पटेल से मसले को सुलझाने के बारे में कहा था। अब कैप्‍टन के दिल्‍ली नहीं जाने से सिद्धू का मामला लटक गया।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना