बुड्ढे नाले को लेकर 650 करोड़ के प्रोजेक्ट की जांच करेगी केंद्रीय टीम
जल शक्ति मंत्री शेखावत ने हफ्तेभर में तलब की रिपोर्ट
लुधियाना| बुड्ढे नाले के कायाकल्प को लेकर मंजूर किए 650 करोड़ के बजट को लेकर जारी होने वाले टेंडर में पारदर्शिता का अभाव होने की सूरत में पंजाब-राजस्थान की एनजीओ के मेंबरों ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। उन्होंने नाले के कारण दूषित हो रहे सतलुज दरिया के मामले को गंभीरता से देखकर 650 करोड़ से कैसे बुड्ढा नाला साफ हो पाएगा, इसकी जांच की मांग उठाई। शेखावत ने केंद्रीय टीम भेज रिपोर्ट हफ्तेभर में देने के आदेश दिए।
डेलीगेशन के जसकीरत सिंह ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री को साफ कहा कि यहां पर 650 करोड़ से होने वाले बुड्ढे नाले के कायाकल्प को लेकर तस्वीर स्पष्ट नहीं है। रूटीन प्रोजेक्ट के तहत बुड्ढे नाले को लेकर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एसटीपी की केपेसिटी बढ़ाने से लेकर नाले के आसपास फूल-पौधे लगाने का बजट बताया जा रहा है। जबकि जमालपुर के एसटीपी के फेल होने के पीछे जो कारण सामने आए हैं, वो बताए जा रहे हैं कि इंडस्ट्री का केमिकलयुक्त पानी ट्रीटमेंट प्लांट में जाने से वो फेल हुए हैं। ऐसे में 650 करोड़ के नए टेंडर सरकार लगाने जा रही हैं, उसमें भी ये प्रावधान रखा है कि 20% पानी इंडस्ट्री का ट्रीट होगा। उन्होंने आशंका जताई कि 650 करोड़ के प्रोजेक्ट से जो ट्रीटमेंट प्लांट अपग्रेड किए जा रहे हैं, वो फिर से इंडस्ट्री के केमिकलयुक्त पानी से फेल होंगे।