चंडीगढ़ ने 5 विकेट खोकर बनाए 259 रन, बनाई बढ़त

Ludhiana News - स्पोर्ट्स रिपोर्टर | लुधियाना जीआरडी अकेडमी में कटोच शील्ड 2019 के तहत लुधियाना और चंडीगढ़ के बीच चल रहे क्रिकेट...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 08:10 AM IST
Ludhiana News - chandigarh scored 259 runs losing 5 wickets
स्पोर्ट्स रिपोर्टर | लुधियाना

जीआरडी अकेडमी में कटोच शील्ड 2019 के तहत लुधियाना और चंडीगढ़ के बीच चल रहे क्रिकेट मैच के दूसरे दिन चंडीगढ़ के खिलाड़ियों ने अपनी पारी खेली। बारिश के चलते पिच गिली होने के कारण मैच देरी से शुरू हुआ। बुधवार को लुधियाना के खिलाड़ियों ने 255 रनों पर सिमट गई थी। पहली पारी में चंडीगढ़ के खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। चंडीगढ़ की टीम ने 5 विकेट के नुकसान पर 57.5 ओवर में ही 259 रन बना लिए। बलतेज सिंह की कप्तानी में चंडीगढ़ के खिलाड़ी मैदान में उतरे। गौरव पुरी ने 84 बॉल्स में सबसे ज्यादा 73 रन बनाए। शिवम भांबरी ने 103 बॉल्स में 66 रन बनाए। वहीं, अरिजीत सिंह ने 68 बॉल्स में 47 रन बनाए। चंडीगढ़ के गौरव पुरी और रमन बिश्नोई नॉट आउट रहे। लुधियाना के कृष्ण ने 22 ओवर में 91 रन देकर 3 विकेट्स लीं। सुखजिंदर सिंह ने 11.5 ओवर में 59 रन देकर 1 विकेट और सिमरनजीत सिंह ने 14 ओवर में 71 रन देकर 1 विकेट ली।

जीटीबी नेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चल रहा समर कैंप

खिलाडि़यों को दिए फुटबाॅल के टिप्स

खन्ना|जीटीबी नेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चल रहा समर कैंप आज समाप्त हो गया। कैंप के दौरान खिलाड़ियों को फुटबॉल के टिप्स दिए गए। कार्यकारी मुख्य अध्यापक जगदेव सिंह की अगुवाई में स्टूडेंट्स को खेलों के गुर भी सिखाए गए। जगदेव सिंह ने कहा कि खेलें निरोगता के लिए बहुत जरूरी हैं, इससे मानसिक तनाव भी कम होता है। इस मौके पर गुरमीत सिंह, तारा चंद, मैनेजर रुपिंदर सिंह, गुरनाम िसंह, स्वराज सिंह के अलावा अन्य मौजूद थे।

कटोच शील्ड : पहली पारी में लुधियाना ने बनाए थे 255 रन

जीसस सेक्रेड हार्ट स्कूल में समर कैंप का आयोजन

क्रिकेट, स्केटिंग की स्टूडेंट्स ने ली ट्रेनिंग

लुधियाना| जीसस सेक्रेड हार्ट स्कूल में समर कैंप का आयोजन किया गया। कैंप के दौरान स्टूडेंट्स ने अपनी क्रिएटिविटी का बखूबी प्रदर्शन किया। इस दौरान इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक, सेमी क्लासिकल म्यूजिक और कंटेंपररी डांस क्लासेस का आयोजन करने के साथ ही क्रिकेट, स्विमिंग, स्केटिंग, हैंडबॉल की ट्रेनिंग भी आयोजित की गई। कैंप के समापन पर सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। प्रिंसिपल ने स्टूडेंट्स की क्रिएटिविटी और टेलेंट की सराहना की।

 

अच्छी आदतों के लिए नए साल का इंतजार क्यों करना?

संभवत: वह मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर का सबसे बड़ा सिग्नल है। यहां के सदर और मंडला रोड को जोड़ने वाले इस पेंटीनाका चौक के सिग्नल पर कार सवारों को चारों दिशाओं में 60 सेकंड तक सिग्नल के खुलने का इंतजार करना पड़ता है। मंगलवार के दिन जब हम अपनी कार में इसी सिग्नल पर खड़े थे, तो पीछे एक फोर्ड एसयूवी सवार ने अचानक जोरों से ब्रेक लगाए और हॉर्न बजाने (हॉन्किंग) लगा, जबकि रेड सिग्नल दिखा रहा था कि ग्रीन सिग्नल में अभी पूरे 59 सेकंड बाकी हैं। यह दोपहर के 3:30 बजे की बात है और इस समय मौसम खराब होने लगा था। तेज हवाओं ने कई शादी पंडाल उखाड़ दिए थे और उठाने के लिए जमा कचरा चारों ओर बिखरने लगा था। प्लास्टिक और धूल कारों की विंड स्क्रीन को ढंक रही थी।

मैंने पहले ही उस शोर मचा रही गाड़ी की क्लास के बारे में बता दिया है, ताकि आप आसानी से समझ जाएं कि उस ऊंची गाड़ी के ड्राइवर के लिए यह देखना बड़ा आसान रहा होगा कि सिग्नल रेड है। लेकिन, बावजूद इसके उसका हॉर्न बजाना जारी था। हर गाड़ी वाला पीछे की ओर इस चिंता के साथ देख रहा था कि “कहीं कुछ गड़बड़ हो गई है या फिर वह गाड़ी वाला किसी मेडिकल इमरजेंसी में है और इसीलिए लगातार हॉर्न बजा रहा है’। उस ब्रांड न्यू एसयूवी में ड्राइवर सीट पर अच्छे कपड़े पहने एक युवा बैठा नजर आया। जिज्ञासावश देखने वालों ने भी न तो इमरजेंसी जैसा कोई संकेत दिया और न ही उस युवा ड्राइवर को देखकर ऐसा लग रहा था कि वह किसी परेशानी में है! हमारी लाइन में लगे कार वाले एक दूसरे का चेहरा देख रहे थे, कुछ व्यंग्य मुद्रा में मुस्कुरा रहे थे और कुछ ने सिर पर हाथ रख लिया था और उनके हावभाव का अगर अनुवाद किया जाए तो उसके शब्द कुछ ऐसे होंगे, “ऐसे अमीर मां-बाप की औलादों का क्या किया जाए?”

और इस सब से बेखबर वह एसयूवी वाला युवा ड्राइवर सिग्नल के ग्रीन होने तक हॉर्न बजाए जा रहा था। मैंने अपने ड्राइवर से कहा, ‘आगे निकलो, और इस बेसब्र आदमी को थोड़ी जगह दे दो’। जैसे ही ऐसा हुआ, वह एक ‘विजेता’ की तरह हमारी कार को बेहद करीब से कट मारते हुए बिना देखे तेजी से आगे निकल गया। यह ठीक वैसा ही था, जैसा कार रेस में एक विजेता करता है। इस घटना ने मुझे बेंगलुरू के भारती अथिनारायणन की याद दिला दी, जिन्होंने जुलाई 2016 में एक कैंपेन शुरू किया था ताकि लोगों को जबरन हॉर्न न बजाने (नो हान्किंग) के प्रति जागरूक किया जा सके। सबसे पहले उन्होंने खुद को अनुशासित किया और हॉर्न बजाने पर नियंत्रण रखा। मई 2019 तक वे बिना हॉर्न बजाए अपनी बुलेट से 10,500 किमी और जीप से 15,000 किमी का सफर कर चुके हैं। अथिनारायणन अब स्व-अनुशासन से आगे, लोगों को हॉन्किंग के प्रति हतोत्साहित करने के मिशन में जुटे हैं। भीड़-भाड़ वाली सड़कों पर गाड़ियों के बीच से रास्ता बनाते हुए, अथिनारायणन लोगों को बेवजह हॉर्न न बजाने से हतोत्साहित करने के लिए कारों और दो पहिया वाहनों पर इस आशय का लेबल लगाते हैं।

अमेरिकन टेलीफोन एंड टेलीग्राफ कंपनी में मुख्य इंजीनियर अथिनारायणन के तरकश में हॉन्किंग रोकने के लिए कई तरह के शस्त्र स्टिकरों के रूप में हैं। इनमें नो हॉन्किंग’, ‘हॉर्न नॉट ओके प्लीज’, ‘क्वाइट प्लीज’ के साथ ‘नो हॉन्किंग अनलेस फॉर डेंजर’ जैसे कई वन-लाइनर भी हैं और सभी में ‘नो हॉन्किंग’ का संकेत अच्छी तरह से दिखाई देता है। सामान्य तौर पर गाड़ी के हॉर्न की ध्वनि तीव्रता 84 डेसिबल्स (डीबी) से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, लेकिन देश में कई क्षेत्रीय परिवहन विभागों ने पाया है कि उनके यहां सड़कों पर हॉर्न की तीव्रता 135 डेसिबल्स तक है। 90 डेसिबल्स से ज्यादा तीव्रता पर सुनने की क्षमता कम होने लगती है और 120 डेसिबल्स पर ये क्षमता खत्म भी हो सकती है। हमारे यहां अधिकांश आरटीओ हॉर्न की तीव्रता को डेसिबल्स में नापने के मीटर न होने के कारण ‘नो हॉन्किंग’ जैसा नियंत्रण करने में अक्षम हैं।

अथिनारायणन से प्रेरित होकर, उनके मित्र, श्रीहरि नरसिम्हन ने भी पिछले दो साल से हॉर्न नहीं बजाया है। अब वे भी ‘नो हॉन्किंग’ के स्टिकर सबको दिखाते हैं और पूरे शहर में शांति का संदेश फैलाते हैं। जाहिर तौर पर, आपके दिल के अलावा, ऐसी कोई एजेंसी नहीं है जो इस बात का सर्टिफिकेट दे सके कि, “आपने कभी हॉन्किंग नहीं की’।

फंडा यह है कि अगर आप कुछ अच्छी आदतों में भरोसा रखते हैं तो उन्हें शुरू करने के लिए आपको नए साल का इंतजार करने की जरूरत नहीं। अगर आप आज से और अभी से उस पर अमल करते हैं तो निश्चित रूप से आपका दिल उसकी गवाही जरूर देगा।

मैनेजमेंट फंडा एन. रघुरामन की आवाज में मोबाइल पर सुनने के लिए 9190000071 पर मिस्ड कॉल करें

एन. रघुरामन

मैनेजमेंट गुरु

raghu@dbcorp.in

Ludhiana News - chandigarh scored 259 runs losing 5 wickets
Ludhiana News - chandigarh scored 259 runs losing 5 wickets
Ludhiana News - chandigarh scored 259 runs losing 5 wickets
Ludhiana News - chandigarh scored 259 runs losing 5 wickets
Ludhiana News - chandigarh scored 259 runs losing 5 wickets
Ludhiana News - chandigarh scored 259 runs losing 5 wickets
X
Ludhiana News - chandigarh scored 259 runs losing 5 wickets
Ludhiana News - chandigarh scored 259 runs losing 5 wickets
Ludhiana News - chandigarh scored 259 runs losing 5 wickets
Ludhiana News - chandigarh scored 259 runs losing 5 wickets
Ludhiana News - chandigarh scored 259 runs losing 5 wickets
Ludhiana News - chandigarh scored 259 runs losing 5 wickets
Ludhiana News - chandigarh scored 259 runs losing 5 wickets
COMMENT