पर्यावरण दिवस / प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कैप्टन का रुख कड़ा, लोगों से पर्यावरण रक्षा में मांगा सहयोग



CM captain Amrinder Singh Seems very strict against industries for environment
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CM captain Amrinder Singh Seems very strict against industries for environment
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  • रोपड़ आईटीआई के कैंपस में राज्य स्तरीय पर्यावरण समारोह में शिरकत की मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने
  • पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की तरफ से डिजाइन बैटरी से चलने वाले थ्रीव्हीलर की सवारी का भी आनंद लिया

Dainik Bhaskar

Jun 05, 2019, 07:22 PM IST

रोपड़. पर्यावरण रक्षा के लिए कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने हर नागरिक को सांझे तौर पर प्रयास करने का न्योता दिया। साथ ही उन्होंने प्रदूषण की रोकथाम के लिए पर्यावरण के मापदण्डों के पालन के लिए उद्योग के साथ सख्ती से पेश आने की जरूरत पर जोर दिया। बुधवार को रोपड़ में आयोजित प्रदेश स्तरीय पर्यावरण दिवस समारोह के मंच से बोल रहे थे।

 

रोपड़ की आईटीआई के कैंपस में आयोजित इस समारोह में आईआईटी के डायरेक्टर डॉ. एसके दास ने मुख्यमंत्री का पहुंचने पर स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पर्यावरण से संबंधित मसलों को हल करने के लिए गैर राजनैतिक पहुंच अपनाने की महत्ता दिखाई, जिससे हमारी आने वाली पीढ़ियों को टिकाऊ पर्यावरण मुहैया करवाया जा सके। आज इत्तफाक से पंजाब सरकार के प्रोजेक्ट ‘मिशन तंदुरुस्त पंजाब’ की पहली वर्षगांठ भी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नीतियां बनाकर उनको लागू कर सकती है, लेकिन उसे वास्तविक रूप देने के लिए हर नागरिक द्वारा निजी यत्न किए जाने की जरूरत है। उद्योग द्वारा पर्यावरण नियमों का सख्ती से पालन करना भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इस साल गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व का भी वर्ष है, जो पर्यावरण की रक्षा के लिए हमेशा लोगों को संदेश देते रहे हैं।

 

साल के अंत में बूढ़े नाले की सफाई का प्रोजेक्ट शुरू करने का ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों को भूजल की संभाल के लिए जिम्मेदारी निभाने का न्योता दिया। अगले 20 साल में पंजाब के मरूस्थल बन जाने की रिपोर्टों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुफ्त बिजली और पानी के साथ इसकी बर्बादी हुई है, जिस कारण इस सम्बन्ध में किसानों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास करने की जरूरत है।

 

अमृतसर के हवाई सफर के दौरान अपना तजुर्बा सांझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें ब्यास नदी तो साफ दिखी, जबकि दूसरी तरफ सतलुज गंदी थी, जिसका पानी पास के शहरों, कस्बों और उद्योगों के प्रदूषण के कारण गंदला था। चाहे पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड इस स्थिति को उलटने के लिए अपने तरफ से पूरी ताकत लगा रहा है, लेकिन इन यत्नों में लोगों को भी सहयोग करना चाहिए।

 

मुख्यमंत्री ने राज्य के पर्यावरण को बचाने के लिए जामुन, आम जैसे परंपरागत पौधे लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सड़कों के दोनों तरफ सफेदे जैसे पानी के उपभोग वाले पौधे लगाने पर रोक लगाने के लिए एक बार फिर हुक्म जारी किए हैं। उन्होंने अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी इसकी पाबंदी लगा दी थी। मुख्यमंत्री ने धान के फसली चक्र से निकलकर वैकल्पिक फसलों की तरफ लौटने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि माछीवाड़ा में स्थापित किया जा रहा फूड प्रोसैसिंग पलांट इस क्षेत्र में एक अन्य कदम है।

   

इस मौके पर प्रोग्राम की होस्ट आईआईटी रोपड़ के कैंपस की तरफ से भी एक प्रस्तुति दी गई। वहीं सीएम ने बैटरी से चलने वाले थ्रीव्हीलर की सवारी का भी आनंद लिया। खास बात यह है कि इन थ्रीव्हीलर्स को पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की तरफ से डिजाइन कराया गया है।

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