गायें चुका रहीं भारत-पाक के बीच खराब रिश्तों की कीमत
जालंधर | भारत-पाकिस्तान के बीच खराब रिश्तों की कीमत पशुधन को भी चुकानी पड़ रही है। साहिवाल नस्ल के सुधार में पाकिस्तान हमसे आगे है। दोनों देशों के बीच खटास के कारण पशुधन और विकसित स्पर्म का आयात प्रतिबंधित है। नूरमहल स्थित डीजेजेएस संस्थान की कामधेनू गौशाला में देसी गायों की नस्ल सुधार पर काफी काम किया जा रहा है। इस संबंध में स्वामी चिन्मयानंद का कहना है कि देसी गायों की नस्ल सुधरेगी तो पूरे देश को फायदा होगा। साहिवाल नस्ल से मिलने वाला ए-2 दूध स्वास्थ्य के अाैषधी समान है। दुनियाभर में देसी गायों के दूध काे जर्सी की तुलना में बेहतर माना गया है। नस्ल सुधार कार्यक्रम के लिए भारत सरकार पशुधन के आयात की इजाजत दे तो इससे फायदा होगा। देसी गायों की नस्ल सुधरेगी तो गाय पालक किसान के साथ-साथ पूरे देश काे फायदा हाेगा।