वर्दी पर लगे धब्बे धोने को पुलिस मुलाजिमों का डोप टेस्ट, कई मिले पाॅजिटिव
पुलिस विभाग में इन दिनों हडकंप मचा है, क्योंकि पुलिस कमिश्नर द्वारा रेंडमली सभी पुलिस मुलाजिमों का डोप टेस्ट करवाया जा रहा है। एेसे में जो नशे का सेवन करते हैं या तो वो छुट्टी के लिए बहाना ढूंढ रहे हैं और कुछ छुट्टी पर निकल गए हैं। फिलहाल अधिकारी मुलाजिमों का टेस्ट करवाने के लिए थाना वाइज नहीं, बल्कि रेंडमली चुन-चुन कर मुलाजिमों का टेस्ट करवा रहे हैं। ताकि किसी को बचने का मौका न मिल सके। आकंड़ों की बात करें तो पिछले 6 महीनों में इंस्पेक्टर से लेकर कांस्टेबल लेवल तक के 11 के करीब मुलाजिम एेसे मिल चुके हैं, जोकि नशे का सेवन और तस्करी करते रहे हैं। एेसी शर्मनाक स्थिति और वर्दी पर लग रहे धब्बों से बचने के लिए सीपी राकेश अग्रवाल द्वारा इस सिस्टम की शुरूआत की है।
रेंडमली थानों, दफ्तरों, पुलिस लाइन और अफसरों के साथ अटैच मुलाजिमों का करवाया जा रहा टेस्ट
इस टेस्ट के लिए किसी एक थाने से शुरू नहीं किया गया। मुलाजिमों को चुनने के लिए भी अलग सिस्टम रखा गया है। कभी थाने से तो कभी दफ्तरों में बैठे मुलाजिमों को टेस्ट के लिए कभी भी बुला रहे हैं। इसके अलावा अफसरों के साथ लगे रीडर और गनमैन का भी टेस्ट इसी तरह से अचानक किया जा रहा है। एेसा करने का मकसद ये है कि किसी को खुद को बचाने का मौका न मिल सके। इसी वजह से कुछ पकड़े भी जा चुके हैं। जिनकी लिस्ट भी तैयार हो रही है।
छुट्टी का ले रहे सहारा
नाॅर्मल टेस्ट की आड़ में डोप
पाॅजिटिव आने वाले होंगे बर्खास्त
सूत्र बताते हैं कि कुछ मुलाजिमों को इसकी भनक लग गई, जिसकी वजह से वो छुट्टी लेने के िलए अधिकारियों की शरण में पहुंचने लगे हैं। कुछ ने तो छुट्टी ले ली, लेकिन कई की अधिकारियों के टेबल पर अटकी है। सूत्र बता रहे हैं कि 50 से ज्यादा मुलाजिम छुट्टी पर हैं और इससे दोगुने एप्लीकेशन अलग-अलग अधिकारियों के पास मूव कर चुके हैं। वहीं, पूरी विभाग में डोप टेस्ट ने हड़कंप मचा दिया है। उनका डोप पॉजिटिव न आ जाए इसके लिए नुस्के ढूंढने लगे हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक मुलाजिमों को इस बात की भनक न लगे कि उनका डोप टेस्ट करवाया जा रहा है। लिहाजा उन्हें नाॅर्मल टेस्ट के बहाने बुलाया जा रहा है, जिसके बाद उनका डोप टेस्ट करवा लिया जाता है। अभी तक 100 से ज्यादा मुलाजिमों का टेस्ट करवाया जा चुका है। जिसमें कुछ के टेस्ट पॉजिटिव भी निकले हैं। इसके बारे में मुलाजिमों को भी नहीं बताया गया। क्योंकि पुलिस सभी का एक साथ रिकाॅर्ड कंपाइल करेगी। लेकिन इस संबंध में कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है और किसी ने भी इसकी पुष्टि नहीं की।
नार्मल टेस्ट के साथ डोप टेस्ट भी करवाए जा रहे हैं। ताकि पता चल सके कि कोई एडिक्ट तो नहीं। कुछ में गड़बड़ है, लेकिन उसे डाॅक्टर चेक कर रहे हैं। बाकी अगर कोई मुलाजिम एेसा काम कर रहा है तो उसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। जो मुलाजिम डोप में पॉजिटिव पाए गए, वो कभी पब्लिक डिलिंग का काम नहीं करेंगे। उन्हें तीन महीने के िलए नशा छुड़वाने के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा।
-राकेश अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर