ऑपरेशन के बाद निकालनी पड़ी दो मरीजों की आंखें
जगराओं| सरकारी अस्पताल जगराओं के आंखों के डॉक्टर व एसएमओ सुखजीवन कक्कड़ पर मरीजों के घरवालों ने लापरवाही के आरोप लगाए हैं। लोगों ने बताया कि डॉक्टर ने कुछ दिन पहले तीन लोगों के आंखों की रोशनी होने के कारण ऑपरेशन किए गए। इनमें से दो मरीजों की आंखों जलन व दर्द होने के कारण उनकी आंखें निकालनी पड़ी। सुखविंदर सिंह कोठे जीवा ने बताया कि दो मार्च को उसके बुजुर्ग दादा हरजीत सिंह की आंखों की रोशनी कम होने के कारण उन्होंने सरकारी अस्पताल में दिखाया तो डॉक्टर ने उन्हें ऑपरेशन की सलाह दी तो 2 मार्च को उन्होंने सरकारी अस्पताल में ही ऑपरेशन करवाया। उस दिन डाक्टर ने तीन लोगों के ऑपरेशन किएे। अगले ही दिन उनके दादा की आंखों में जलन व दर्द शुरू हो गया। जब उन्होंने फिर अस्पताल में दिखाया तो डॉ. कक्कड़ ने कहा कि आंख में पस भर गई है। इन्हें लुधियाना ले जाएं। जो भी खर्च होगा वह खुद देंगे। वह किचलू नगर में डॉ. दिनेश गर्ग के पास चले गए। जहां डॉ. गर्ग ने कहा कि आंख खराब हो चुकी है। जहां से ऑपरेशन हुआ है, वहीं दिखाएं। वह जगराओं आए तो उनके पिता की आंख निकालनी पड़ी। वहीं, दूसरे मामले में सिधवां वेट की गजीदरोबाई ने बताया कि उसका भी ऑपरेशन किया था। इसके बाद उसकी आंख में पस भर गई तो चेकअप कराने पर पता चला आंख खराब हो गई है। सुखविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने सेहत मंत्री को शिकायत भेजी है।
एसएमओ डॉ. सुखजीवन कक्कड़ ने कहा कि इंफेक्शन से आंखें खराब हो गई थी। इसी कारण इनकी आंख निकलनी पड़ी। इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।