पंजाब / पाक पीएम इमरान की पार्टी के पूर्व विधायक पहुंचे भारत, बोले- वहां जान का खतरा; राजनीतिक शरण मांगी



former mla of Pak PM Imran Khan party soughts for political asylum reaching India
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  • पूर्व विधायक ने पहले परिवार को भेजा था, अब खुद पाकिस्तान नहीं लौटना चाहते
  • खन्ना के मॉडल टाउन में दो कमरों के किराए के मकान में  परिवार के साथ रह रहे हैं विधायक
  • 2007 में लुधियान के खन्ना इलाके की रहने वाली युवती से की थी शादी

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2019, 03:42 PM IST

खन्ना (लुधियाना). पाकिस्तान में सिख युवती के धर्मांतरण के बाद अब अल्पसंख्यकों की उपेक्षा और उनसे हिंसा का एक मामला सामने आया है। यह किसी आम आदमी से नहीं, बल्कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी का है। दरअसल, इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के पूर्व विधायक बलदेव कुमार को अपने परिवार समेत जान बचाकर भारत में आना पड़ा। उन्होंने भारत में राजनीतिक शरण की मांग की है। बलदेव खैबर पख्तून ख्वा (केपीके) विधानसभा में बारीकोट (आरक्षित) सीट से 36 घंटे के विधायक रहे हैं।

 

बलदेव ने कुछ महीने पहले परिवार को यहां लुधियाना के खन्ना भेज दिया था। 12 अगस्त को तीन महीने के वीजा पर खुद भी यहां आ गए थे। लेकिन, अब वह वापस नहीं लौटना चाहते। बलदेव का कहना है कि अल्पसंख्यकोंं पर पाकिस्तान में अत्याचार हो रहे हैं। हिंदू और सिख नेताओं की हत्याएं की जा रही हैं। इसलिए वह जल्द ही भारत में शरण के लिए आवदेन करेंगे।

 

36 घंटे रहे विधायक

बलदेव ने बताया कि साल 2016 में उनके विधानसभा क्षेत्र के विधायक की हत्या हो गई थी। इस मामले पर उन पर झूठे आरोप लगाए गए और उन्हें दो साल तक जेल में रखा गया। 2018 में वह इस मामले से बरी हो गए। पाकिस्तान कानून के मुताबिक, अगर विधायक (पाकिस्तान में इन्हें एमपीए कहा जाता है) की मौत हो जाए तो इसी पार्टी के दूसरे नंबर पर रहने वाले उम्मीदवार को विधायक बना दिया जाता है। 

 

..ताकि बचा सकें परिवार की जान

विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के दो दिन पहले उन्हें हत्या के मामले में बरी कर दिया गया। ऐसे में वह शपथ लेकर 36 घंटे के लिए विधायक रहे। बलदेव का कहना है कि उनके बुजुर्गों ने पाकिस्तान के लिए कुर्बानियां दीं, लेकिन पाकिस्तान में अल्पसंख्यक दहशत के माहौल में रहने को मजबूर हैं। वह अपना सबकुछ छोड़कर यहां सिर्फ इसलिए आए हैं, ताकि अपने और अपने परिवार की जान बचा सकें।

 

खन्ना की युवती से 2007 में हुई थी शादी

बलदेव की शादी 2007 में खन्ना की रहने वाली भावना से हुई थी। शादी के समय वह पाकिस्तान में पार्षद थे और बाद में विधायक बने। इन दिनों वह खन्ना के समराला मार्ग पर स्थित मॉडल टाउन में दो कमरों के किराये के मकान में अपने परिवार के साथ दिन गुजार रहे हैं।

 

11 साल की बेटी थैलेसीमिया से पीड़ित

बलदेव की पत्नी भावना अभी भारतीय नागरिक हैं। उनके दो बच्चे 11 साल की रिया और 10 साल का सैम पाकिस्तानी नागरिक हैं। बेटी रिया थैलेसीमिया से पीड़ित है और उसका इलाज चल रहा है। बलदेव का कहना है कि पाकिस्तान में सेहत सुविधाएं नहीं हैं।

 

बाले- मोदी बब्बर शेर हैं, उनसे उम्मीदें

बलदेव का कहना है कि पाकिस्तान को इमरान खान से उम्मीदें थीं कि वह एक नया पाकिस्तान बनाएंगे, लेकिन वह अपनी जनता की सुरक्षा करने में नाकाम रहे हैं। सेना और आइएसआइ इमरान पर हावी है। दूसरी तरफ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बब्बर शेर की तरह हैं और उन्हें उम्मीद है कि मोदी उनकी मदद जरूर करेंगे।

 

पत्नी बोलीं- महिलाओं की हालत भी बदतर

बलदेव की पत्नी भावना ने कहा कि पाकिस्तान में महिलाओं की हालत बदतर है। वह अपनी मर्जी से घरों से बाहर भी नहीं जा सकती। नौकरी करना तो बहुत दूर की बात है। वहां के हालात देखकर ही शादी के बाद भी उन्होंने भारतीय नागरिकता नहीं छोड़ी थी।

 

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