पंजाब / हरिद्वार पुलिस के हत्थे चढ़ा कत्ल केस का आरोपी गैंगस्टर मोनी,हुलिया बदलकर रह रहा था

गैंगस्टर मोनी को हरिद्वार पुलिस ने पकड़ा। फाइल फोटो गैंगस्टर मोनी को हरिद्वार पुलिस ने पकड़ा। फाइल फोटो
X
गैंगस्टर मोनी को हरिद्वार पुलिस ने पकड़ा। फाइल फोटोगैंगस्टर मोनी को हरिद्वार पुलिस ने पकड़ा। फाइल फोटो

  • नकली पासपोर्ट बनवा कर विदेश भागने की थी तैयारी
  • पंजाब के गैंगस्टरों का ठिकाना बना हरिद्वार, आसपास का इलाका
     

दैनिक भास्कर

Feb 04, 2020, 11:48 AM IST

लुधियाना. जवाहर नगर कैंप में सरेबाजार हरजिंदर कुमार उर्फ जिंदी की गोलियां मारकर हत्या करने वाला गैगस्टर सुखविंदर सिंह उर्फ मोनी 10 दिन बाद पुलिस के  हत्थे चढ़ गया। मोनी को उसके साथी सहारनपुर निवासी सुमित कुमार उर्फ चोटी के साथ हरिद्वार के थाना बहादराबाद पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के कब्जे से लूटी हुई गाड़ी, चोरी की बाइक, दो पिस्टल, सात कारतूस, फर्जी नंबर प्लेंटे और नकदी बरामद हुई हैं।

सूचना मिलने पर प्रोडक्शन वारंट पर लाने के लिए लुधियाना सीआईए और पुलिस अधिकारियों की एक टीम हरिद्वार के लिए रवाना हो गई है। बताते हैं कि हरिद्वार पुलिस मोनी और चोटी की पूरी ट्रैकिंग कर रही थी और रडार पर आते ही पुलिस और सीआईयू (क्रिमिनल इंट्राडक्शन युनिट) के 21 मुलाजिमों की टीम ने ट्रैप लगाकर दबोच लिया।

वहीं, हत्याकांड के बाद उत्तराखंड भागे मोनी ने दाढ़ी बढ़ाकर बाल कटवा लिए थे। सूत्रों के मुताबिक वह जाली पासपोर्ट बनवाकर विदेश भागने की तैयारी में था। इससे पहले कोचर मार्केट बैंक डकैती में भी उसने अपना हुलिया बदलकर पगड़ी पहनकर वारदात को अंजाम दिया था।
 

पंजाब के गैंगस्टरों का ठिकाना बना हरिद्वार, आसपास का इलाका
पंजाब में बड़ी वारदातें करने वाले और हथियारों की सप्लाई करने के लिए ज्यादातर गैंगस्टरों ने हरिद्वार और इसके आसपास के इलाकों को अपना ठिकाना बनाया है। पिछले दिनों गुगनी गैंग की तरफ से असले की सप्लाई के लिए खालिस्तानी फोर्स के गुर्गे अशीष सिंह को भी असलहा वहीं पर दिया गया।

उधर, जानकारी के मुताबिक मोनी के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में तकरीबन 12 पर्चे दर्ज हैं। जिसमें हत्या, हत्या की कोशिश, डकैती और आम्‌र्स एक्ट तक के मामले शामिल हैं। जबकि उसके साथी बदमाश सुमित कुमार उर्फ चोटी पर चोरी और लूट के छह पर्चे हैं।

पीएनबी डकैती से अपराध की दुनिया में उभरा मोनी, एटीएम लूट में भी नाम
मोनी का नाम नवंबर में पक्खोवाल में लूटी गई एटीएम मशीन मामले में भी आया था। इसमें वह नामजद है। हालांकि मोनी ने हरिद्वार पुलिस के सामने कहा कि वह किसी लूट में शामिल नहीं था। उसे उसके दोस्त ने फंसाया है। उधर, 2010 से 15 तक मोनी का नाम हत्या की कोशिश और लूटपाट जैसी छोटी मोटी वारदातों में आता रहा था। 2016 में पीएनबी बैंक डकैती के बाद अपराध की दुनिया में वह उभरा। उसके बाद 2018 असले के साथ 2018 में रूड़की में कैश वैन लूटने और 2019 में एटीएम मशीन जैसे कई मामलों में उसका नाम सामने आने लगा। फिर जनवरी 2020 में जिंदी हत्याकांड को अंजाम दिया।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना