एमएसएमई में सुधार के लिए जीएनई और जीआईजेड जर्मनी ने मिलाया हाथ

Ludhiana News - अनुसंधान और विकास उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र का एक अभिन्न अंग हैं। इसके अनुसार गुरु नानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज...

Dec 04, 2019, 08:26 AM IST
अनुसंधान और विकास उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र का एक अभिन्न अंग हैं। इसके अनुसार गुरु नानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज ने जीआई जेड जर्मनी के साथ हाथ मिलाया। इसके तहत जीएनई के स्टूडेंट नई तकनीक और इनोवेशन के साथ माइक्रो स्माॅल इंडस्ट्रीज की टेक्नोलॉजी में सुधार करने की कोशिश करेंगे। 2,3,4 वर्षीय मैकेनिकल और प्रोडक्शन विभाग के स्टूडेंट इस प्रोजेक्ट में भाग लेंगे। स्टूडेंट्स के लगभग 25 समूह बनाए गए हैं। प्रत्येक समूह में एक गाइड और 4 स्टूडेंट्स हैं। प्रत्येक समूह को एक उद्योग अलाॅट किया गया है। स्टूडेंट्स अपने अपने अलाॅट किए गए उद्योग में जाएंगे और लेटेस्ट तकनीक के अनुसार वहां सुधार करने का प्रयास करेंगे। जीआईजेड जर्मनी की तरफ से तकरीबन 5.5 लाख की फाइनेंशियल मदद भी इस प्रोजेक्ट के लिए दी जाएगी।

डॉ. पीएस बिलगा, मुखी, मैकेनिकल विभाग और इस प्रोजेक्ट के कॉर्डिनेटर होने पर खुशी जताई और इस तरह के प्रोजेक्टों जिनसे स्टूडेंट्स और उद्योग दोनों को लाभ होगा को और बढ़ावा देने पर जोर दिया। प्रिंसिपल डॉ. सहिजपाल सिंह ने इस मौके पर खुशी जाहिर की और कहा कि यह परियोजना स्टूडेंट्स के तकनीकी कौशल को बहुत बढ़ाएगी। जीएनई काॅलेज हमेशा टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उत्कृष्ट रहा है और उद्योग को इस क्षेत्र में हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि काॅलेज 24 दिसंबर को प्रोजेक्ट एग्जीबिशन लगाने का प्लान कर रहा है जो इंडस्ट्री के नुमाइंदों और काॅलेज स्टाफ और स्टूडेंट्स में आपसी तालमेल बढ़ाएगा।

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