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बस स्टैंड पर मनमर्जी के दामों पर बिक रहा सामान, 35 के चिप्स के वसूलते 40 रुपए

2 वर्ष पहले
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बरसात के दिनों में लोगों में संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा अधिक रहता है। बावजूद इसके शहर के कई स्थानों पर खुले में खाद्य सामग्री को बेचा जा रहा है। इन्हें ढंककर न रखने के कारण मक्खियां और धूल से खाद्य सामग्री दूषित हो रही है। इसके सेवन करने से बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। ऐसा ही कुछ नजारा लुधियाना के अंतरराज्यीय बस स्टैंड में देखने को मिला। जहां पर मनमर्जी के मुताबिक सामान बेचा जा रहा है। यहां पर टोस्ट, समोसे और अन्य सामान खुले में रखा गया है। जहां पर मक्खिया और बसों के धुएं से बाहर पड़ा खाद्य पदार्थ दूषित हो रहा है। यहां तक कि इसे किसी कपड़े से भी नहीं ढक कर रखा गया है। बस स्टैंड के अंदर बनी दुकानों में सामान को बेचने के लिए दुकानदारों ने काउंटर को दुकान से बाहर निकाला हुआ है और ब्रेड टोस्ट, समोसे को खुले में रखकर बेचा जा रहा है।

इसके अलावा अन्य सामान को अपने दाम के मुताबिक और प्रिंट रेट से अधिक में बेचा जा रहा है। दुकान में पड़े सामान के बारे में पूछा तो दुकानदार ने 40 रुपए चिप्स के पैकेट का रेट बताया। जबकि पैकेट पर 35 रुपए प्रिंट रेट लिखा हुआ था। जब इस बाबत दुकानदार से पूछा तो उसने कहा कि यह बस स्टैंड है जनाब, अधिक दाम में ही बिकेगा। यहीं नहीं खाने का जो भी सामान रखा गया है उसके लिए एक लिस्ट भी बनी हुई है। ताकि ग्राहक रेट लिस्ट देखकर सामान ले सके। परंतु अपनी मर्जी करने के लिए दुकानदारों ने रेट लिस्ट पर रेट ही नहीं लिखे हैं। एक नहीं तकरीबन सभी दुकानदारों का यही हाल है।

कई बार चेकिंग की है दोबारा करेंगे: डीएचओ

डीएचओ डाॅ. अंदेश कंग ने इस बारे में बताया कि कई बार स्टैंड में बनी दुकानों की चेकिंग की जा चुकी है और सेंपल भी भरे जा चुके हैं। इनकी ट्रेनिंग भी करवाई गई थी। इसमें सामान को ढक कर रखने व अन्य कई चीजें सिखाई गई थी। दोबारा फिर से चेकिंग करेंगे और अगर लापरवाही बरती गई होगी तो दोबारा से ट्रेनिंग करवाएंगे। अगर फिर भी न माने तो एक्शन लेंगे।

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