पटियाला / दादा-दादी ने 4 लाख रुपए में अपने डेढ़ महीने के इकलौते पोते को बेचा



मां को बच्चा सौंपती पुलिस। मां को बच्चा सौंपती पुलिस।
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मां को बच्चा सौंपती पुलिस।मां को बच्चा सौंपती पुलिस।

  • बच्चा तस्कर गिरोह पकड़ा राजिंदरा अस्पताल की वार्ड अटेंडेंट समेत 7 गिरफ्तार
  • संगरूर के व्यापारी से किया सौदा; आरोपी अमृतसर, मानसा, बरनाला समेत यूपी और देहरादून के

Dainik Bhaskar

Oct 10, 2019, 03:27 AM IST

पटियाला. बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह के 7 आरोपियों को पुलिस ने शहर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि 2 अक्टूबर को गांव मीरापुर निवासी सिखाई राम व कृष्णा अपने डेढ़ माह के इकलौते पोते को चेकअप के लिए राजिंदरा अस्पताल लाए थे। यहां उन्होंने वार्ड अटेंडेंट से मिलकर बच्चे काे 4 लाख में बेच दिया। बाद में उन्होंने बच्चे के पिता को बताया कि बेटे को कोई अनजान महिला चुराकर ले गई है।

 

इसके बाद लापता बच्चे के पिता राकेश कुमार ने अस्पताल प्रबंधकों और पुलिस काे मामले की जानकारी दी थी। जांच के बाद पुलिस ने बच्चे के दादा सिखाई राम, दादी कृष्णा के अलावा राजिंदरा अस्पताल की वार्ड अटेंडेंट सरोज बाला, ममता निवासी बरनाला, कमलेश निवासी मानसा, सीमा निवासी सहारनपुर, पंकज गोयल निवासी जेपी कॉलोनी संगरूर को गिरफ्तार कर बच्चे को उनके परिवार को सौंप दिया है। पुलिस ने बताया कि बच्चे का 4 लाख में सौदा किया था। आरोपियों से सौदे की रकम में से 1. 94 लाख बरामद कर लिए हैं।


पिता ने करवाई थी शिकायत
एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि 4 अक्टूबर को राकेश कुमार बहराइच लखनऊ निवासी मीरापुर ने शिकायत दी थी कि उनके घर डेढ़ माह पहले बेटा पैदा हुआ था। उसका नाम प्रिंस था। 2 अक्टूबर को बेटे काे चेकअप के लिए पिता सिखाई राम और मां कृष्णा अस्पताल लेकर गए थे। इस दौरान एक अनजान महिला बच्चे को धोखे से अपने साथ लेकर चली गई। बाद में तलाश की लेकिन नहीं मिला। फिर पुलिस को जानकारी दी थी।

 

कैसे हुआ खुलासा-जांच की तो दादा ने उगला सच 
थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जांच में पाया था कि आरोपी दादा-दादी ने अपने पोते प्रिंस का राजिंदरा अस्पताल की वार्ड अटेंडेंट के सहयोग से 4 लाख में संगरूर के पंकज गोयल के साथ सौदा किया है। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल की वार्ड अटेंडेंट के गिरोह में शामिल 5 महिलाओं समेत 2 व्यक्तियों को गिरफ्तार करके दिए गए 4 लाख रुपए से 1 लाख 94 हजार रुपए बरामद कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर आगामी पूछताछ शुरू कर दी है। गैंग की मुख्य आरोपी ऊषा निवासी अमृतसर अभी फरार है। इसके लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
 

ऐसे हुआ सौदा:वार्ड अटेंडेंट ने की थी शुरुआत

  •  एसएसपी ने बताया कि आरोपी दादा सिखाई राम जब अपने पौते प्रिंस का चेकअप करवाने अस्पताल आया करता था। उस दौरान उसकी मुलाकात आरोपी महिला अस्पताल में तैनात वार्ड अटेंडेंट सरोज बाला से हुई थी। उसी ने ही पौते को बेचने की बात कही थी।
  •  इसके बाद सरोज बाला ने बच्चे के सौदे की जानकारी अपनी जानकार महिला ममता निवासी बरनाला को दी थी। ममता ने जानकारी अपनी सहेली कमलेश मानसा को दी। इसके बाद कमलेश ने अपनी रिश्तेदार ऊषा निवासी अमृतसर काे जानकारी दी। कमलेश ने आगे सीमा निवासी सहारनपुर काे जानकारी दी। सीमा ने आगे अपनी सहेली बीबा निवासी देहरादून से बात की। 
  •  इसके बाद बीबा ने सीमा काे बताया कि संगरूर निवासी पंकज गोयल को बच्चे की जरूरत है। इसके बाद आरोपियों ने 4 लाख रुपए में बच्चे को बेच दिया था। 
  •  वार्ड अटेंडेंट सरोज बच्चों की नर्सरी में करती है काम।
  •  राजिंदरा अस्पताल से अरेस्ट वार्ड अटेंडेंट बच्चों की नर्सरी में तैनात थी और अगले महीने उसकी रिटायरमेंट होने वाली है।  
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