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जीएसटी विद आईटीसी और विदाउट आईटीसी, एक नंबर पर नहीं ले सकते दोनों विकल्प

एक वर्ष पहले
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सीए विकास गोयल, अध्यक्ष, इनडायरेक्ट टैक्सेस कंसल्टेंट्स एसोसिएशन


}अपने सवाल हमें बताएं: जीएसटी की उलझन है या रिटर्न फाइलिंग से जुड़ा कोई सवाल, हमें बताएं-8770590208 पर व्हाट्सएप या news.ludhiana@dbcorp.in पर मेल कीजिए। सवाल के साथ अपना और शहर का नाम जरूर लिखें। कारोबारी अपने सवाल भास्कर के फेसबुक पेज DainikBhaskarPunjab पर जाकर इनबॉक्स में मैसेज के जरिए भी पूछ सकते हैं। एक्सपर्ट के जवाब, सुझाव व समाधान इसी कॉलम के तहत प्रकाशित किए जाएंगे हर रविवार...।

भास्कर एक्सपर्ट


? मेरा लुधियाना में ट्रांसपोर्ट का बिजनेस है। ब्रांच ऑफिस पानीपत में भी है। मैंने जीएसटी पंजीकरण कराया हुआ है। क्या मैं कुछ बिल 12% और कुछ बिल 5% जीएसटी रेट पर काट सकता हूं? क्या पंजाब व हरियाणा का अलग-अलग पंजीकरण कराना होगा? क्या मैं पंजाब में 12% विद आईटीसी और हरियाणा में 5% विदाउट आईटीसी ऑपरेट कर सकता हूं? -सुभाष जिंदल, लुधियाना

{आपने यदि गुड्स ट्रांसपोर्ट एजेंसी के रूप में पंजाब में जीएसटी का पंजीकरण कराया है और फारवर्ड चार्ज के रूप में जीएसटी पे करते हैं, तो आपको वित्त वर्ष के शुरू होने पर ओपीटी करना होगा कि आप 12% जीएसटी देकर आईटीसी क्लेम करना चाहते हैं या फिर बिना आईटीसी के 5% जीएसटी देना चाहते हैं। आप एक ही जीएसटी नंबर पर दोनों तरह के ऑप्शन नहीं ले सकते। यदि आप चाहे तो अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग ऑप्शन ले सकते हैं। जैसे पंजाब में 12% जीएसटी विद आईटीसी और पंजाब के बाहर हरियाणा में 5% विदाउट आईटीसी।

? जहां से हम माल खरीदते हैं, वहां बिल पर 18% जीएसटी लगता है। परंतु उनमें से कुछ पर 5% जीएसटी वाली वस्तुएं भी होती हैं। टैक्स स्लेब को कैसे मेंटेन करें? -सतिंदर कुमार, लुधियाना।

{यदि आप कोई माल 18% जीएसटी पर खरीदते हैं और बाद में उस पर कोई प्रोसेस करके उसे ऐसी वस्तु में बदल देते हैं, जिसका जीएसटी रेट 5% है तो आप जीएसटी डिपार्टमेंट से इंवर्टड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत अनयूटिलाइज्ड आईटीसी का रिफंड ले सकते हैं।

? मैं एक होटल का मालिक हूं। एक कमरे का किराया 6500 से लेकर 9500 रुपए तक है। मेरे संबंध में जीएसटी का क्या प्रावधान है? मेरे होटल में रेस्टोरेंट भी है। -अश्विनी कुमार, लुधियाना।

{होटल में ऐसे कमरे जिनका रोजाना किराया 1000 से 7500 रुपए के बीच है, उस पर जीएसटी का रेट 12% है। यदि कमरे का किराया प्रतिदिन 7500 से ज्यादा है तो जीएसटी का रेट 18% है। रेस्टोरेंट के मामले में बिना आईटीसी क्लेम के जीएसटी का रेट 5% है। अब आपके केस में रेस्टोरेंट ऐसे होटल में स्थित है, जिसमें कमरे का किराया 7500 रुपए से अधिक है तो यह 5% रियायती दर लागू नहीं होगी।

भास्कर जीएसटी गाइड

अप्रैल से जीएसटी रिटर्न के नियम बदल रहे हैं। ऐसे में दैनिक भास्कर में पढ़िए-‘जीएसटी गाइड: सवाल आपका, समाधान हमारा’। जीएसटी या रिटर्न से जुड़ी दिक्कतें हमें बताएं, हमारे एक्सपर्ट देंगे जवाब। हर रविवार इसी कॉलम के तहत।

सालाना बिक्री 100 करोड़ से ज्यादा तो ई-इनवॉइस जरूरी


सीए सुमीर गुप्ता मेंबर, इनडायरेक्ट टैक्सेस कंसल्टेंट्स एसोसिएशन व डिस्ट्रिक्ट टेक्सेशन बार एसो.


1 अक्तूबर 2020 से जिनकी सालाना बिक्री 100 करोड़ रुपए से अधिक है, ऐसे रजिस्टर्ड डीलर्स को धारा 48(4) के तहत माल की बिक्री के समय ई-इनवॉइस जारी करना होगा। ई-इनवॉइस यानी इलेक्ट्रॉनिक इनवॉइस के लिए विभाग ने जीएसटी ई-इनवॉइसिंग ट्रायल वर्जन भी लाॅन्च कर दिया है। व्यापारी को हर बिल काटते समय अपने ईआरपी से इलेक्ट्रॉनिक इनवॉइस बनाना पड़ेगा। यह जीएसटी के इनवॉइस रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर रिपोर्ट किया जाएगा। पोर्टल पर इनवॉइस रेफरेंस नंबर जेनरेटर होगा और इनवॉइस डिजिटली साइंंड हो जाएगा। फिर क्यूआर कोड जेनरेटर होगा। इस कोड में इनवॉइस की जानकारी होगी। सभी जीएसटी ई-इनवॉइस व्यापारी की इनवॉइस रजिस्ट्रेशन सिस्टम के द्वारा साइन और वेरीफाई करने के बाद जीएसटी रिटर्न में ऑटो पोपुलेट हो जाएंगे। इसमें गलती के चांस ना के बराबर होंगे और जीएसटी रिटर्न व अकाउंट बुक्स का डाटा भी रिकौंसिल करने की जरूरत नहीं रहेगी।
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