चुनावी रंजिश में सरपंच और उसके रिश्तेदारों पर युवक ने बरसाईं गोलियां, चाचा की मौत

3 वर्ष पहले
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मेहरबान के गांव नूरवाला में चुनावी रंजिश में युवक ने वीरवार सुबह करीब 8.30 बजे सरपंच के बुजुर्ग पिता और चाचा पर 315 बोर राइफल से गोलियां बरसा दीं। उसके पिता ने किसी तरह बचाव किया, मगर चाचा की कनपटी और गले में दो गोलियां जा लगीं। इसके बाद हमलावर ने 5 से ज्यादा फायर किए। दो गोलियां मेन गेट पर भी लगीं। बुजुर्ग को खून से लथपथ देख हमलावर नीचे उतरा और फिर फायरिंग करने की कोशिश की। गांव का युवक उसे पकड़ने लगा तो वह एक्टिवा पर हवा में राइफल लहराते हुए फरार हो गया। उसे लोगों ने दबोचने की कोशिश की तो उसने उनपर भी गोलियां बरसाने की कोशिश की। जख्मी को सीएमसी ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बुजुर्ग की पहचान बलवीर सिंह (65) के रूप में हुई है। हैरानीजनक है कि हमले से करीब 5 मिनट पहले हेड कांस्टेबल हरजीत सिंह को एसएचओ ने आरोपी का असलहा लेने को भेजा था, लेकिन मुलाजिम बिना असलहा लिए वापस लौट गया था। सूचना मिलने पर पौने घंटे बाद पुलिस पहुंची और मौके पर 315 बोर के 3 और 12 बोर के दो कारतूस मिले। आरोपी के घर से 315 बोर के 15, 32 बोर और 12 बोर के कई जिंदा कारतूस और टेलीस्कोप बरामद हुआ। थाना मेहरबान पुलिस ने सरंपच रुपिंदर गरेवाल के बयान पर जगदेव गरेवाल पर मामला दर्ज किया है।

मृतक बलवीर

रुपिंदर को सरपंच बनाने के कारण रखता था रंजिश
कई बार कहने पर भी जमा नहीं हुआ था आरोपी का असलहा

आरोपी जगदेव

जानकारी के मुताबिक बलवीर सिंह के 3 बेटियां और बेटा है। चारों शादीशुदा हैं। वह अपने बेटे के साथ खेतीबाड़ी करता था। उसका भतीजा रुपिंदर गरेवाल कांग्रेस से गांव का सरपंच है। गांव नूरवाला में रुपिंदर को आम राय से गांव वालों ने सरपंच चुना था। आरोपी जगदेव सिंह का घर भी रुपिंदर के घर के सामने है। आरोपी खुद सरपंच बनना चाहता था, लेकिन उसकी गलत हरकतों के कारण गांव वालों ने उसे सपोर्ट नहीं किया। आरोपी सरपंच के परिवार से रंजिश रखने लगा और कई बार झगड़ा भी किया। वह अकसर गोली मारने की धमकी देता था। इस कारण रुपिंदर और पंचायत मेंबर थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत देकर आए थे।

गांव में सरपंची के इलेक्शन के दौरान पूरे गांव के असलहा और कारतूस पुलिस ने जमा किए थे, लेकिन आरोपी के पास उसकी राइफल समेत और भी असलहा था। मैंने कई बार पूर्व एसएचओ दविंदर शर्मा को शिकायतें की। लिखित में भी कहा गया, लेकिन उन्होंने असलहा जमा नहीं किया। -रुपिंदर गरेवाल, सरपंच

गांववालों का असलहा कराया था जमा: सरपंच रुपिंदर गरेवाल ने बताया कि गांव में सरपंची के इलेक्शन के दौरान पूरे गांव के असलहा और कारतूस पुलिस की ओर से जमा कर लिए गए थे, लेकिन आरोपी के पास उसकी राइफल समेत ओर भी असलहा था। उन्होंने कई बार पूर्व एसएचओ दविंदर शर्मा को शिकायतें की। लिखित में भी कहा गया। लेकिन उन्होंने असलह जमा नहीं किया।

आरोपी बच्चों को भी फायरिंग करने की देता था ट्रेनिंग -पढ़ें पेज 8 पर

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