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शहर के प्री-स्कूल्स की पहल ताकि स्टूडेंट्स रहें सेफ, केबीसी, डॉल्स चार्ट्स और सॉन्ग्स बन रहे उनको गुड और बैड टच बताने का जरिया

एजुकेशन रिपोर्टर | लुधियाना जिलेभर में चाइल्ड एब्यूज के केसों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आज के समय में...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:30 AM IST

  • शहर के प्री-स्कूल्स की पहल ताकि स्टूडेंट्स रहें सेफ, केबीसी, डॉल्स चार्ट्स और सॉन्ग्स बन रहे उनको गुड और बैड टच बताने का जरिया
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    एजुकेशन रिपोर्टर | लुधियाना

    जिलेभर में चाइल्ड एब्यूज के केसों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आज के समय में स्टूडेंट्स को अच्छे और बुरे के बारे में जानकारी देना भी बेहद जरूरी है। बच्चों के साथ होने वाले दुष्कर्म में कई बार जान-पहचान के लोग ही घिनौनी हरकत करते हैं। इसे देखते हुए स्कूलों में स्टूडेंट्स को जागरूक करना बेहद जरूरी है। इससे वो कुछ भी गलत होने पर अपने पेरेंट्स या टीचर्स को इस बारे में जानकारी दे सकेंगे। शहर के प्री-स्कूलों में बच्चों को गुड टच बैड टच के बारे में बताने के लिए कई तरीके अपनाए जा रहे हैं। स्कूलों में केबीसी, चार्ट्स, डॉल्स, प्ले और सॉन्ग्स के जरिए जागरूक किया जा रहा है। पेरेंट्स को भी अवेयर करने की जरूरत है। उन्हें भी अपने बच्चों से इस बारे में बात करनी होगी। दोस्त की तरह रवैया रखने के साथ ही बच्चों की बात सुननी होगी। ऑर्किड इंटरनेशनल स्कूल में स्टूडेंट्स को चार्ट्स के जरिए गुड टच और बैड टच के बारे में बताया जा रहा है। स्कूल डायरेक्टर पुनीत चड्ढा स्टूडेंट्स को वीकली एक्टिविटी करवाती हैं। इससे बच्चे इन बातों को याद रख सकेंगे।

    केबीसी का मिनी वर्जन किया तैयार, बच्चे बता रहे कहां छूना ठीक, कहां किया जाए मना

    बीआरएस नगर स्थित एबीसी मैजिकल वर्ल्ड स्कूल की ओर से हाल ही में केबीसी का मिनी वर्जन तैयार किया है। गुड टच और बैड टच पर स्पेशल इनेक्टमेंट के जरिए स्टूडेंट ने अमिताभ बच्चन की वेशभूषा में सजकर बच्चों को अवेयर किया। स्कूल डायरेक्टर अमनप्रीत सिंह अरोड़ा ने कहा कि बच्चे अपनी उम्र के बच्चों की बात को अच्छे से समझते हैं। इसलिए ये इनेक्टमेंट तैयार किया गया।

    ट्वाय के जरिए सिखाया जा रहा स्टूडेंट्स को:पंजाब माता नगर स्थित चाइल्डहुड किंडरगार्टन की डायरेक्टर इशनीत शर्मा ने बताया कि बच्चों को सिखाना जरूरी है। इससे उन्हें सही गलत के बारे में जानकारी हो सकेगी। स्कूल में टीचर्स गर्ल और ब्वॉय ट्वाय का इस्तेमाल कर बच्चों को जागरूक कर रहे हैं। इसके लिए स्कूल में कविता भी है, जिसे बच्चों को सिखाया गया है। साथ ही ये भी बताया जाता है कि गलत छुअन महसूस होने पर तुरंत पेरेंट्स या टीचर्स को बताएं।

    टीचर्स प्ले के जरिए स्टूडेंट्स को किया अवेयरचाइल्ड एब्यूज के केस परेशान कर रहे हैं। टीचर्स ने गुड और बैड टच के बारे में बताने के लिए इनेक्टमेंट कर स्टूडेंट्स को अवेयर किया। बच्चों को बताया किस तरह टॉफी और चॉकलेट का लालच देकर कई बार गलत तरीके से उन्हें छुआ जाता है। स्कूल की डायरेक्टर रुचिका ने बताया कि स्टूडेंट्स को ये भी बताया जाता है कि हर टच गलत नहीं है। इससे कि बच्चे नेगेटिव न हों।

    पेरेंट्स के सामने किया जाता है जागरूक:ब्रैट्स एंड क्यूटिस के डायरेक्टर बलविंदर सिंह ने बताया कि टीचर्स एक्ट करके बच्चों को अवेयर करती हैं। उन्हें अवेयर रहने के लिए भी कहा जाता है। स्कूल में हर दो महीने में आयोजित होने वाली स्पेशल असेंबली में पेरेंट्स के सामने भी बच्चों को अवेयर किया जाता है। पेरेंट्स भी अवेयर रहें, लेकिन इस एक्टिविटी में शब्दों का खासतौर पर ध्यान रखा जाता है।

    बच्चों से खुलकर बात करें माता-पिता : सूद

    लुधियाना| पंपकिन्स किंडरगार्टन में गुड टच और बैड टच विषय पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। काउंसलर शिखा सूद की ओर से आयोजित वर्कशॉप में सौ से भी ज्यादा पेरेंट्स ने हिस्सा लिया। शिखा सूद ने कहा कि बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में बताने की बहुत जरूरत है। उन्होंने पेरेंट्स को अपने बच्चों के साथ खुलकर बात करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लगातार बच्चों से दुष्कर्म के मामले बढ़ रहे हैं। इसी को देखते हुए बच्चों और पेरेंट्स को जागरूक होने की बहुत जरूरत है। उन्होंने कहा कि पेरेंट्स आजकल अपने काम में काफी व्यस्त रहते हैं। इस वजह से उन्हें अपने बच्चे में पॉजिटिव और नेगेटिव बदलाव के बारे में जानकारी नहीं हो पाती। प्रिंसिपल बल्ली कलेर ने कहा कि पेरेंट्स को अपने बच्चों के सकारात्मक चरित्र निर्माण में शामिल होने की जरूरत है। माता-पिता को दुर्व्यवहार के किसी भी संकेत को पकड़ने के लिए भी संवेदनशील होना चाहिए। पेरेंट्स और टीचर्स के हस्तक्षेप से इन घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

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