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वाल्मीकि समाज ने संस्थापक प्रभु ऋषिनाथ रत्नाकर को दी श्रद्धांजलि

घुमारमंडी में प्रेम नगर के भगवान वाल्मीकि पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वाल्मीकि धर्म समाज के संस्थापक...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:40 AM IST

वाल्मीकि समाज ने संस्थापक प्रभु ऋषिनाथ रत्नाकर को दी श्रद्धांजलि
घुमारमंडी में प्रेम नगर के भगवान वाल्मीकि पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वाल्मीकि धर्म समाज के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे प्रभु ऋषिनाथ जी महाराज को श्रद्धांजलि दी गई। भावासद के जसवीर लवण की अगुवाई में आयोजित समारोह के दौरान वक्ताओं ने धर्म समाज में प्रचल्लित नित्यनेम पाठ को एक करने पर विचार किया।

हरियाणा से पहुंचे राज्यमंत्री कृष्ण बेदी के बड़े भाई सुभाष भील ने कहा कि प्रभु जी को अकसर यह चिंता रहती थी कि धर्म समाजी उनके जाने के बाद एक कैसे होंगे। इस लिए प्रभु जी को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम लोग 24 मई 1964 से प्रचल्लित नित्यनेम पाठ में वर्तमान समय में आ चुकी विसंगतियों को दूर करके एक बना लें और सभी संगठन उसे ही मान्यता देते हुए प्रचार करे।

भावाधस के मुख्य संचालक नरेश धींगान ने कहा कि हमें नित्यनेम पाठ को एक करने की दिशा में काम करना चाहिए। इसके साथ ही हमें यह इंतजाम भी करना पड़ेगा कि भविष्य में हमारे समाज का कोई संत विकल जी महाराज और प्रभु र|ाकर जी महाराज की तरह दुखी मन से दुनिया नहीं छोड़े। इसके लिए आश्रमों की स्थापना भी करनी होगी। प्रभु जी के उत्तराधिकारी व धर्म पुत्र प्रभु प्राणनाथ भील ने कहा कि वे कोशिश करेंगे कि सारे समाज को साथ लेकर चलें। इस मौके पर गुरु मां ऊषा द्राविड़, संत बाबा जसपाल नाथ (वाल्मीकि तीर्थ वाले), बाबा दाता शाह जी, बाबा बलदेव जी, सीनियर डिप्टी मेयर शाम सुंदर मल्होत्रा, समय सिंह बिरला, डीपी खोसला, विक्की सहोता, संजीव एकलव्य, केपी राणा, राजेश दैत्य, एडवोकेट नरिंदर आदिया, एडवोकेट राहुल पुहाल, जय कुश, अशोक शूद्र, कन्नौज प्रकाश, विजय लवण, राम लाल असुर, कपिल सोनू, अजय चौहान, अरुण वैद व वकील चौधरी समेत कई लोग मौजूद रहे।

प्रभु र|ाकर जी

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