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सेवा केंद्रों में कामकाज रहा ठप, पब्लिक हुई परेशान, आज काम पर लौटेंगे मुलाजिम

सेवा केंद्रों को आर्थिक लिहाज से नुकसानदेह करार देकर सरकार पहले ही लगभग 1600 सेवा केंद्र बंद करने पर मुहर लगा चुकी...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 03:45 AM IST
सेवा केंद्रों को आर्थिक लिहाज से नुकसानदेह करार देकर सरकार पहले ही लगभग 1600 सेवा केंद्र बंद करने पर मुहर लगा चुकी है। इनमें लगभग 700 सेवा केंद्र अगले महीने बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं। यह सभी सेवा केंद्र टाइप थ्री यानि गांवों में खुले हुए हैं। हालांकि इन्हें बंद करने के बाद स्टाफ कहां जाएगा?, इसके बारे में कुछ भी तय नहीं है।

फिरोज गांधी मार्केट स्थित बीएलएस कंपनी के दफ्तर पहुंचे और बाहर किया रोष प्रदर्शन

प्रदर्शन में लुधियाना के साथ मोहाली और बरनाला के मुलाजिम भी हुए शामिल

सिटी रिपोर्टर | लुधियाना

नवंबर महीने के बाद से सैलरी न मिलने से भड़के सेवा केंद्रों के मुलाजिमों ने सोमवार को कामकाज ठप कर दिया। वो सेवा केंद्रों में काम कराने आई जनता को छोड़ एमएलए सिमरजीत बैंस की अगुवाई में फिरोज गांधी मार्केट स्थित बीएलएस कंपनी के दफ्तर पहुंचे और बाहर रोष प्रदर्शन किया।

इस प्रदर्शन में लुधियाना के साथ मोहाली व बरनाला के मुलाजिम भी शामिल हुए। वहां पहुंचे सेवा केंद्र चलाने वाली बीएलएस कंपनी के अफसरों ने मजबूरी जताई कि सरकार उन्हें पैसा नहीं दे रही, ऐसे में वो सैलरी देने में असमर्थ हैं। इस दौरान एमएलए बैंस ने चंडीगढ़ में फाइनेंस महकमे के अफसरों से भी बात की और फिर मुलाजिमों को सैलरी दिलाने का भरोसा देकर चले गए। अब मुलाजिम मंगलवार से फिर कामकाज पर लौटेंगे। वहीं, मुलाजिमों की हड़ताल से वहां काम कराने आए लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।

हड़ताल हुई तो मैनुअल काम चलाएं डीसी: मीटिंग में यह भी फैसला किया गया कि जहां के सेवा केंद्र मुलाजिम हड़ताल कर रहे हैं, वहां डिप्टी कमिश्नर मैनुअल कामकाज शुरू करा दें। इसी मीटिंग में लुधियाना के भी कुछ सेवा केंद्रों में मुलाजिमों की हड़ताल का मुद्दा उठा था।

अगले महीने बंद कर दिए जाएंगे 700 सेवा केंद्र

30 जुलाई तक नई कंपनी चलाएगी सेवा केंद्रों काे

पंजाब सरकार ने राज्य में खुले 1626 सेवा केंद्र बंद करने का फैसला कर लिया है। इसके बाद बचे 513 सेवा केंद्रों का कामकाज 30 जुलाई तक पूरी तरह नई कंपनी को दे दिया जाएगा। इस बारे में चंडीगढ़ में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी एनएस कलसी की अगुवाई में मीटिंग हुई थी, जिसमें तय हुआ कि 14 जून को नई कंपनी से कांट्रेक्ट साइन कर लिया जाएगा।

सैलरी की मांग को लेकर फिरोजगांधी मार्केट में विधायक बैंस की अगुवाई में रोष प्रदर्शन करते सेवा केंद्र मुलाजिम।

सैलरी न देने पर कंपनी से सरकार करेगी जवाब-तलबी

वहीं, मुलाजिमों को नवंबर के बाद अब तक सैलरी न देने के मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए सरकार ने बीएलएस कंपनी से जवाब-तलबी का फैसला लिया है। मीटिंग में बताया गया कि कंपनी के 320 करोड़ के बिल के मुकाबले 131 करोड़ दिए जा चुके हैं। कंपनी का पहला काम मुलाजिमों को सैलरी देना है, जबकि बाकी जगह बाद में पैसा यूज किया जाना है। इसके बाद सरकार ने कंपनी को 5 करोड़ और रिलीज किए। मगर, कंपनी का कहना है कि सैलरी 7 करोड़ बनती है, उन्होंने तो 2 करोड़ और डालकर मुलाजिमों को नवंबर तक की सैलरी दी है।