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पब्लिक भी होगी निगम मालकी की ‘हिस्सेदार’, 100 करोड़ के बॉन्ड बेचेगी कार्पोरेशन

Ludhiana News - जल्द ही पब्लिक भी नगर निगम की मालकी में हिस्सेदार होगी। इसके लिए फंड की कमी से जूझ रहा नगर निगम 100 करोड़ के म्युनिसिपल...

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:45 AM IST
पब्लिक भी होगी निगम मालकी की ‘हिस्सेदार’, 100 करोड़ के बॉन्ड बेचेगी कार्पोरेशन
जल्द ही पब्लिक भी नगर निगम की मालकी में हिस्सेदार होगी। इसके लिए फंड की कमी से जूझ रहा नगर निगम 100 करोड़ के म्युनिसिपल (मुनी) बांड बेचेगा। इसे कोई भी आम आदमी, संस्था, बीमा कंपनियां, बैंक या कार्पोरेट ग्रुप खरीद सकेगा। अगर किसी सूरत में इनवेस्टमेंट की मूल रकम वापस लौटानी पड़े तो निगम की प्रॉपर्टी से उसकी रिकवरी होगी। अमेरिका में बेहद कामयाब यह बांड देश की अहमदाबाद, पुणे व मुंबई निगम में भी बेचे जा रहे हैं। लुधियाना में नगर निगम इसकी शुरूआत केंद्र सरकार की अटल मिशन फॉर रिजूवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमरुत) स्कीम के तहत कर रहा है। पहले इसे स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट्स के लिए शुरू करने की योजना थी, लेकिन अब अमरुत में इसका इस्तेमाल होगा। इसके लिए केंद्र की एजेंसी यहां पहुंचकर सर्वे शुरू कर चुकी है।

इसके बाद मुनी बांड बेचने के टर्म्स एंड कडीशंस तैयार कर इसकी घोषणा होगी। अगर रिस्पॉन्स अच्छा रहा तो फिर यह सौ करोड़ की अमाउंट को और बढ़ाया जाएगा। मुनी बांड से मिलने वाले पैसे को शहर के बड़े प्रोजेक्टों पर खर्च किया जाएगा। अभी निगम को प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए केंद्र व राज्य सरकार से मिलने वाली मदद पर निर्भर रहना पड़ता है। बांड की योजना सिरे चढ़ी तो इससे निगम आर्थिक तौर पर भी मजबूत होगा।

केंद्र की अमरुत स्कीम के तहत निगम कर रहा शुरुआत, रिस्पॉन्स अच्छा रहा तो सौ करोड़़ के अमाउंट को बढ़ाया जाएगा

मुनी बॉन्ड : ब्याज दर के हिसाब से रिटर्न, टैक्स में छूट, रिस्क कम

म्युनिसिपल यानि मुनी बांड फिक्स डिपॉजिट की तरह होगा। मसलन, अगर आप बांड खरीदते हैं तो आपको तय करना होगा कि इसे 3, 7 या 10 साल के लिए खरीद रहे हैं। अलग-अलग साल के लिए खरीदने पर ब्याज भी उसी हिसाब से मिलेगा। इसमें लोगों को तय ब्याज दर पर रिटर्न के साथ टैक्स में भी छूट मिलेगी। निगम यह फायदा बांड खरीदने वालों को दे सके, इसके लिए निगम की तीन साल की बैलेंस सीट के साथ प्रॉपर्टी व कमाई के दूसरे साधनों के बारे में भी एजेंसी डेटा तैयार करेगी। इसके बाद सेबी से बांड जारी करने के लिए परमिशन ली जाएगी। इसके अलावा म्युनिसिपल बांड में रिस्क मार्केट के उतार-चढ़ाव के मुकाबले रिस्क भी कम रहेगा।


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देश में 1997 से हैं मुनी बांड

म्युनिसिपल यानि मुनी बांड साल 1977 से देश में चल रहे हैं। उस वक्त अहमदाबाद, बैंगलुरु व मदुरई आदि से इश्यू हुए थे। जानकारों के मुताबिक देश में इसका कारोबार 1750 करोड़ का है। जबकि, अमेरिका में मुनी बांड का कारोबार 304 बिलियन डॉलर सालाना है। जहां ये बांड काफी कामयाब है। पिछले साल पुणे कार्पोरेशन ने भी बांड बेच 200 करोड़ कमाए थे।

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