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अवैध निर्माण रोकने की जिम्मेदारी अब सेवादारों पर, हर हफ्ते देंगे रिपोर्ट

शहर में बिना नक्शा पास कराए या नक्शे के उलट बनने वाले इललीगल कंस्ट्रक्शन रोकने का जिम्मा अब नगर निगम के सेवादारों...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 04:35 AM IST

शहर में बिना नक्शा पास कराए या नक्शे के उलट बनने वाले इललीगल कंस्ट्रक्शन रोकने का जिम्मा अब नगर निगम के सेवादारों का होगा। निगम के 22 सेवादारों को अपने एरिया में बन रही बिल्डिंगों की हर हफ्ते रिपोर्ट दफ्तर को देनी होगी। यह रिपोर्ट एरिया के बिल्डिंग इंस्पेक्टर, जोन के एटीपी और एटीपी हेडक्वार्टर को देनी जरूरी होगी।

यही नहीं सेवादारों को चेतावनी दी गई है कि अगर सरप्राइज चेकिंग में कोई ऐसी बिल्डिंग मिली या किसी ऐसी अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग की शिकायत आई, जो लिस्ट में शामिल नहीं तो सेवादार के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। निगम कमिश्नर जसकिरन सिंह ने यह आदेश जारी कर सभी जोनों की बिल्डिंग ब्रांचों को भेज दिए हैं। आदेश में सेवादारों को स्पष्ट कहा गया है कि अगर उनकी लिस्ट के बगैर अवैध तरीके से बनती कोई बिल्डिंग पकड़ी गई तो फिर साफ हो जाएगा कि इसमें उनकी मिलीभगत है और उन पर एक्शन लिया जाएगा।

ऐसे होगा सेवादार की रिपोर्ट पर एक्शन

सेवादार को हर शुक्रवार अपने एरिया में बन रही बिल्डिंगों की लिस्ट बिल्डिंग इंस्पेक्टर, जोन के एटीपी और हेडक्वार्टर को देनी है। सेवादार का काम सिर्फ लिस्ट देना है। इसके बारे में जांच या कार्रवाई करने का नहीं। वो किसी भी बिल्डिंग का नक्शा भी चेक नहीं करेगा और न ही पूछताछ करेगा। लिस्ट आने के बाद बिल्डिंग इंस्पेक्टर और जोन एटीपी रिकॉर्ड से पड़ताल करेंगे कि उस बिल्डिंग का नक्शा पास है या नहीं। इसके बाद बिल्डिंग की मौके पर जाकर भी जांच होगी। कार्रवाई का काम इंस्पेक्टर और एटीपी का होगा। यह दोनों सेवादार की रिपोर्ट पर सही से एक्शन लें, इसकी निगरानी एटीपी हेडक्वार्टर करेंगे।

ट्रांसफर|मोहन सिंह जोन ए एटीपी, मांगट और हनी के जोन बदले

जोन ए में मोहन सिंह को एटीपी नियुक्त किया गया है। वो अभी तक 6 केटेगरी बिल्डिंग के एटीपी का काम देख रहे थे। उनकी जगह अब ये जिम्मेदारी जोन बी में तैनात हेड ड्राफ्ट्समैन राजकुमार को दी गई है। बतौर एटीपी तैनात राजकुमार के साथ मोहन सिंह वाली टीम ही काम करेगी। वहीं जोन सी के एटीपी कुलजीत मांगट को जोन बी में और जोन बी के एटीपी हरविंदर सिंह हनी को जोन सी का एटीपी लगाया गया है। ड्राफ्ट्समैन दविंदर सिंह अब जोन बी में हेड ड्राफ्ट्समैन का अतिरिक्त कामकाज भी देखेंगे। वहीं बिल्डिंग इंस्पेक्टर (टेक्निकल) मनप्रीत कौर को जोन ए से जोन सी, किरनदीप सिंह को जोन सी से जोन ए और जोन सी के जूनियर ड्राफ्ट्समैन को अब बिल्डिंग इंस्पेक्टर का भी चार्ज दिया गया है।

फैसला इसलिए, बिल्डिंग इंस्पेक्टर कम हैं

निगम में अभी सिर्फ 13 बिल्डिंग इंस्पेक्टर हैं, जबकि जरूरत लगभग 25 की है। ऐसे में 159 स्क्वेयर किलोमीटर में फैले निगम एरिया में अवैध बिल्डिंगों के निर्माण और बिल्डिंग बायलॉज पर नजर रखना संभव नहीं होता। ऐसे में निगम ने ब्रांच में तैनात 22 सेवादारों को भी यह ड्यूटी दे रखी है। उनका काम अपने-अपने एरिया में होने वाले अवैध निर्माणों के नोटिस देना है, लेकिन अब उन्हें बिल्डिंगों के अवैध निर्माण रोकने की भी जिम्मेदारी दे दी गई है।

सेवादारों को फील्ड चेकिंग का काम दिया गया है। अभी तक इनकी जिम्मेदारी फिक्स नहीं होती थी, लेकिन अब अगर मिलीभगत या बिल्डिंग की सूचना न दी तो उन पर भी एक्शन लेंगे। वहीं बिल्डिंगों की हर हफ्ते कंप्यूटराइज्ड लिस्ट तैयार कर निगरानी भी होगी। -सुरिंदर बिंदरा, एटीपी(हेडक्वार्टर)।

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