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सीजन खत्म होने के बाद भी माछीवाड़ा मंडी से नहीं उठाई 90 हजार से अधिक बोरियां

एग्रीकल्चर रिपोर्टर। | श्री माछीवाड़ा साहिब पंजाब में गेहूं का सीजन करीब 20 दिनों पहले ही खत्म हो गया था। इस वक्त...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 04:40 AM IST
एग्रीकल्चर रिपोर्टर। | श्री माछीवाड़ा साहिब

पंजाब में गेहूं का सीजन करीब 20 दिनों पहले ही खत्म हो गया था। इस वक्त अनाज मंडियों में गेहूं की फसल की आमद जीरो है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि मंडियों में फसल उठाई न जाने कारण जहां आढ़ती व लेबर परेशान है, वहीं फसल को नुकसान होने का डर भी बरकरार है। स्पेस और प्रबंधों की कमी के चलते फसल मंडियों में खुले आसमान से नीचे पड़ी है। श्री माछीवाड़ा साहिब की छोटी सी अनाज मंडी में अभी तक 90 हजार से अधिक बोरिय़ां पड़ी हैं, जो खरीद एजेंसियों ने अभी तक लिफ्ट नहीं कराई हैं। इस कारण आढ़तियों को फसल की राखी रखनी पड़ रही है। जो लेबर मई के पहले हफ्ते गेहूं के सीजन से फ्री होकर वापस अपने गांव लौट जाती थी, वो सीजन में देरी के चलते परेशान हो रही है। केंद्रीय खरीद एजेंसी एफसीआई ने साथ ही साथ फसल की लिफ्टिंग करा ली थी। लेकिन स्टेट खरीद एजेंसियों के पास पर्याप्त साधन न होने कारण फसल नहीं उठाई जा रही है। इस दौरान अगर मौसम करवट लेता है तो फसल के भीगने से जहां दाना डिस्कलर हो जाएगा, वहीं आर्थिक तौर पर भी नुकसान आढ़तियों को झेलना पड़ेगा।

खुले आसमान से नीचे पड़ी हैं ज्यादातर बोरियां, आढ़तियों के साथ लेबर भी परेशान।

तेजी से चल रहा है लिफ्टिंग का काम