पटियाला / जिन क्रेडिट कार्ड में ई-मेल नहीं हाेते थे लिंक, नई आईडी एड करने के बाद करते थे ठगी

साइबर क्राइम विंग और सीआईए पुलिस ठगों के साथ। साइबर क्राइम विंग और सीआईए पुलिस ठगों के साथ।
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साइबर क्राइम विंग और सीआईए पुलिस ठगों के साथ।साइबर क्राइम विंग और सीआईए पुलिस ठगों के साथ।

  • ऑनलाइन ठगी करने वाला एक्सिस बैंक का सेल्स ऑफिसर और पूर्व मुलाजिम गिरफ्तार
  • ऑनलाइन साेना और माेबाइल खरीदकर मार्केट में बेच देते थे; 7 फोन, साढ़े 4 लाख का सोना बरामद 
     

दैनिक भास्कर

Jan 30, 2020, 06:55 AM IST

पटियाला. पटियाला साइबर क्राइम विंग और सीआईए पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले लुधियाना के एक्सिस बैंक के सेल्स ऑफिसर और पूर्व मुलाजिम को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आराेपियाें से 49 सिम कार्ड, 7 मोबाइल, करीब साढ़े 4 लाख रुपए का सोना, 40 हजार रुपए नगदी और एक स्कॉर्पियो बरामद की है। एक आरोपी के बैंक खाते में पड़े 3 लाख रुपए भी फ्रीज किए गए हैं।

पुलिस ने दाेनाें आराेपियाें काे काेर्ट में पेश करके 3 दिन के रिमांड हासिल कर पूछताछ शुरू कर दी है। एसएससी मनदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि 27 जनवरी को थाना सदर में एक ऑनलाइन ठगी के मामले का केस दर्ज किया गया था।

इसकी जांच के दौरान सामने आया कि ठगी के गिरोह का सरगना आरोपी 27 साल का 12वीं पास विकास सरपाल उर्फ गोपी निवासी पंचरत्न गली हरबंसपुरा लुधियाना और इसका साथी 25 साल का 5वीं पास रवि कुमार निवासी ईडब्ल्यूएस ताजपुर रोड लुधियाना हैं। इन्हें 28 जनवरी को लुधियाना शहर से गिरफ्तार किया गया। 
 

ऐसे आए आरोपी पकड़ में
पटियाला साइबर क्राइम विंग के पास एक्सिस बैंक से संबंधित लोगों से ठगी की 6 शिकायतें पहुंचीं। जिनमें मोबाइल नंबर अलग थे लेकिन लोकेशन लुधियाना थी। ईएमआई नंबर चेक किया गया तो पता चला कि ठगी में एक ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया है। इसके बाद आरोपी विकास और उसके सहयोगी काे अरेस्ट किया गया।
 

बेंगलुरु से मंगाते थे सामान

एसएससी सिद्धू ने बताया कि आरोपी ठगी के पैसे से सोना अन्य समान बेंगलुरु से लुधियाना के फर्जी एड्रेस पर मंगवाते थे। फाेन आने पर खुद आराेपी सामान रिसीव करते थे। आरोपी सेल्स ऑफिसर सरपाल उर्फ गोपी क्रेडिट कार्ड बनाने का भी काम करता था। 3 माह पहले काम छोड़ चुके बैंक के चपरासी काे गैंग में शामिल कर लिया था।

ऐसे बनाते थे आरोपी लोगों को ठगी का शिकार

आरोपी एक्सिस बैंक के खाता धारकों के क्रेडिट कार्ड की डिटेल, कार्ड नंबर, सीवीवी और एक्सपायरी तारीख बैंक से लेकर उन ग्राहकों को शिकार बनाते थे जिनके अकाउंट में ईमेल दर्ज नहीं होती थी। मोबाइल सिम के जरिए ईमेल बनाकर इससे ओटीपी हासिल करके ऑनलाइन फ्लिपकार्ट कंपनी से महंगी वस्तुएं मंगवा लेते थे। फिर उस सामान को मार्केट में बेच देते थे। क्योंकि इस सामान का बिल भी साथ होता था और इसी के कारण सामान बेचने में आरोपियों को कोई दिक्कत नहीं आती थी। 
 

सभी मेल का रखा एक ही पासवर्ड
एसएससी सिद्धू ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ दौरान सामने आया कि इतनी ईमेल आईडी बनाने के बाद उनके पासवर्ड कैसे याद रखते हो तो आरोपियों ने बताया कि उन्होंने सभी ईमेल आईडी का एक ही पासवर्ड रखा हुआ है जोके किंग 11 पंजाब है जिसके जरिए उन्हें कोई भी ईमेल आईडी दोबारा खोलने में परेशानी नहीं होती थी।

एक ने बहन की शादी की, दूसरे ने खरीदी स्कॉर्पियो
आरोपी उन ग्राहकों को शिकार बनाते थे जिनके बैंक डाटा में ईमेल खाता दर्ज नहीं होता था जो कि आरोपी उनके क्रेडिट कार्ड के जरिए फ्लिपकार्ट से सोने की टिकिया, मोबाइल फोन आदि खरीद कर उन्हें आगे बेचते थे। गिरफ्तार आरोपियों में रवि कुमार ने ठगी के पैसे से बहन की शादी की और बैंक मुलाजिम विकास सरपाल ने नई स्कॉर्पियो खरीदी थी। साइबर क्राइम विंग शिकायतें मिली थी कि एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड होल्डरों से ठगी हो रही हैं।

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