संगरूर को 10-0 से पटखनी दे लुधियाना बना चैंपियन, करिश्मा को बेस्ट प्लेयर का खिताब

Ludhiana News - स्पोर्ट्स रिपोर्टर | लुधियाना 8वीं जूनियर पंजाब स्टेट बेसबॉल चैंपियनशिप गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी...

Nov 10, 2019, 08:16 AM IST
स्पोर्ट्स रिपोर्टर | लुधियाना

8वीं जूनियर पंजाब स्टेट बेसबॉल चैंपियनशिप गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल गिल में हुई। इसमें 12 जिलों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। चैंपियनशिप के दौरान जिला खेल अफसर रविंदर सिंह और गांव गिल के सरपंच हरप्रीत सिंह मुख्यातिथि रहे, जिन्होंने विजेता टीमों को सम्मानित किया। इस मौके पर पंजाब बेसबॉल एसोसिएशन के सेक्रेटरी सुखदेव सिंह औलख, लुधियाना डिस्ट्रिक्ट बेसबॉल एसोसिएशन के प्रधान हरबीर सिंह गिल, नीरू, हरजिंदर कौर, गुरदीप सिंह, रणजीत सिंह, वनिंदरजीत सिंह, जतिंदर कुमार ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। ये रहे रिजल्ट्स: पहले मैच में बठिंडा ने मोगा को 1-0 से मात दी। इसमें कोमलप्रीत ने 1 रन बनाया। दूसरे मैच में फाजिल्का ने फिरोजपुर को 2-0 से मात दी, जिसमें तमन्ना और रूबल ने 1-1 रन बनाया। वहीं, तीसरे मैच में रोपड़ ने जालंधर को 1-0 से हराया। इसमें जसजोत ने 1 रन बनाया। वहीं, चौथे मैच में मानसा ने फतेहगढ़ साहिब को 2-1 से हराया। इसमें ज्योति और वंदना को 1-1 स्कोर का योगदान दिया। 5वें मैच में बठिंडा ने पटियाला को 2-0 से हराया, जिसमें कोमलप्रीत और रमनप्रीत ने 1-1 रन बनाया। वहीं, छठे मैच में अमृतसर ने फाजिल्का को 1-0 से हराया, जिसमें काजल ने 1 रन से बनाया। 7वें मैच में लुधियाना ने मानसा को 4-0 से हराया, जिसमें करिश्मा और संदीप पाल ने 2-2 रन बनाए। आठवें मैच में संगरूर ने रोपड़ को 2-0 से हराया, जिसमें प्रभजोत और कमलप्रीत ने 1-1 रन बनाया। इसके बाद पहले सेमीफाइनल में लुधियाना ने बठिंडा को 5-1 से हराया, जिसमें अमनजोत, संदीप पाल, कमला, करिश्मा ने लुधियाना के लिए 1-1 रन और कोमलप्रीत ने बठिंडा के लिए 1 रन बनाया। दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में संगरूर ने अमृतसर को 6-5 से हराया, जिसमें जैसमीन और ज्योति ने संगरूर के लिए 2-2 रन बनाए, जबकि अंजलि और कोमल ने अमृतसर के लिए 1-1 रन बनाया। तीसरे स्थान के मुकाबले के लिए बठिंडा ने अमृतसर को 1-0 से हराया, जिसमें कोमलप्रीत ने बठिंडा के लिए 1 रन का योगदान दिया। फाइनल मैच में लुधियाना ने संगरूर को 10-0 से मात दी। करिश्मा, कोमल, अमनजोत, संदीप पाल, कमला ने 2-2 रन बनाए। लुधियाना टीम की कैप्टन करिश्मा को बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के खिताब से नवाजा गया।

महाजन ट्रॉफी: अंडर-14 कैटेगरी का फाइनल मुकाबला महाजन क्लब और कोचिंग सेंटर लुधियाना में आज

स्पोर्ट्स रिपोर्टर | लुधियाना

जीआरडी अकादमी में लुधियाना डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन की ओर से महाजन ट्रॉफी करवाई जा रही है। शनिवार को अंडर-12 के बीच सम्राट कूलर्स और लुधियाना क्लब के बीच 40 ओवर का फाइनल मुकाबला करवाया गया। इसमें सम्राट कूलर्स की टीम 17 रन से विजेता रही। सम्राट कूलर्स ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी शुरू की और 34 ओवर में सभी विकेट गंवाकर 90 रन बनाए। इसमें सोहम जिंदल 12, दिवम शर्मा 12, अमन अंसारी ने 6 रन बनाए। लुधियाना क्लब की टीम की तरफ से मनकरण ने 11 रन देकर 5 विकेट, कविश ने 5 रन देकर 2 विकेट, अंश ने 7 रन देकर 2 विकेट, अमन ने 6 रन देकर 1 विकेट हासिल की। वहीं, लुधियाना क्लब ने बल्लेबाजी करते हुए 38.2 ओवर में सभी विकेट गंवाकर मात्र 73 रन जुटाए। इसमें कविश ने 28, मनकरण ने 12, अंश मसंद ने 4, बलराज ने 4 रन बनाए। सम्राट कूलर्स के अर्नव चीमा ने 7 रन देकर 5 विकेट, हर्षित ने 4 रन देकर 2 विकेट, दिवम ने 4 रन देकर 2 विकेट, कुशगर ने 11 रन देकर 1 विकेट हासिल की। मैन आफ द मैच अर्नव चीमा को चुना गया। रविवार को अंडर-14 का फाइनल मुकाबला महाजन क्लब और कोचिंग सेंटर लुधियाना के बीच खेला जाएगा।

8वीं जूनियर पंजाब स्टेट बेसबॉल चैंपियनशिप में विजेता रही लुधियाना टीम।

अंडर-12 के फाइनल में सम्राट कूलर्स ने लुधियाना क्लब को हराया

सम्राट कूलर्स ने लुधियाना क्लब को हराकर 17 रन से जीता फाइनल मैच।

दो दिवसीय जीतो गेम्स-2019 की शुरुआत

टेबिल टेनिस अंडर-19 लड़कियों में श्वेता फर्स्ट

स्पोर्ट्स रिपोर्टर | लुधियाना

जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन लुधियाना चैप्टर (जीतो) के यूथ विंग की तरफ से दो दिवसीय जीतो गेम्स 2019 की शुरुआत शनिवार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय स्थित स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स जिम्नेजियम में हुई। गेम्स की शुरुआत जीतो लुधियाना चैप्टर के चेयरमैन भूषण कुमार जैन, प्रमुख सचिव राजीव जैन चमन, उप चेयरमैन नॉर्थ जोन अमित जैन, मनीष जैन, मंजू ओसवाल की मौजूदगी में सामूहिक महामंत्र नवकार के उच्चारण के साथ हुई। इस मौके पर भूषण जैन ने कहा कि खेल को खेल भावना से ही खेले जाने चाहिएं। जैन समाज की ओर से उत्तर भारत में पहली बार जीतो गेम 2019 का आयोजन यूथ विंग के चेयरमैन मनीष जैन की सरपरस्ती में करवाया गया, जिसमें दिल्ली, जम्मू, जालंधर, बटाला, होशियारपुर से खिलाड़ी शामिल रहे। गेम में बैडमिंटन, लॉन टेनिस, चैस, टेबल टेनिस के मुकाबले करवाए गए, जिसमें पहले दिन टेबल टेनिस और बैडमिंटन के खिलाड़ी आमने-सामने रहे।

बेसबॉल चैंपियनशिप के लिए लुधियाना बॉयज टीम का चयन

लुधियाना| 8वीं जूनियर पंजाब स्टेट बेसबॉल चैंपियनशिप (बॉयज) पीजीएस गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन पटियाला में 10-11 नवंबर को करवाई जाएगी। इसके लिए लुधियाना टीम का चयन किया गया है। टीम की सलेक्शन 4 से 7 नवंबर तक लुधियाना डिस्ट्रिक्ट बेसबॉल एसोसिएशन की ओर से गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल गिल में लगाए गए कैंप के दौरान की गई। टीम में गवर्नमेंट हाई स्कूल शेरपुर कलां के सोनू (कैप्टन), पवन, केके सिंह, डीएवी पब्लिक स्कूल से अमिंदर सिंह और रमित बत्रा, जोसेफ स्कूल दुगरी से जतिन, बीसीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल फोकल पॉइंट से नारायाण, शिवम, शिवम यादव, दीपेंद्र, जीएनआईपीएस मॉडल टाउन से गुलनूर सिंह, परमप्रीत सिंह, बीसीएम आर्य मॉडल स्कूल से माधव-गुरसेहज, बीसीएम सेक्टर- 32 से जय आनंद और अभिषेक का चयन किया गया।

बेसबॉल चैंपियनशिप के लिए चुनी गई टीम।

ये रहे रिजल्ट: टेबल टेनिस अंडर-19 अधिक उम्र वर्ग के सेमीफाइनल मैच सिंगल में अदिश व नमन, रिश्व व सिद्धार्थ, अंडर-19 वर्ष से अधिक डबल्स में सनिल व विशाल, विशाल व नमन, अंडर-19 सिंगलस के फाइनल में विशरूत व प्रणव, अंडर-17 सिंगल्स में अभिनव व संभव, अरिश्त व दीपक, अंडर-15 सिंगल में अक्षय व गोयम, निर्माण व संभव खेलेंगे। वहीं अंडर-19 लड़कियों में श्वेता पहले, अंडर-15 उम्र वर्ग में रजवी ने भाविक को हराया। अंडर-15 लड़कों में मानित पहले अौर देवांश दूसरे स्थान पर रहे।

जीतो गेम्स में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी।

 

क्वालिटी का “जवाब’ नहीं!

आ मतौर पर दीपावली के दौरान या उसके अगले हफ्ते के दौरान मैं अपने एक-दो परिचितों से कहता हूं कि मुझे कुछ सामान भेजना है तो कुरियर की बजाय स्पीडपोस्ट से भेजें। ऐसा इसलिए है कि हमारी कॉलोनी में कचरा उठाने वाले, वॉचमैन और अन्य ऐसी ही सेवाएं देने वाले कर्मचारी तो मल्टी-स्टोरी बिल्डिंगों में रहने वालों हम जैसे लोगों से मिल लेते हैं लेकिन अकेला पोस्टमैन ऐसा होता है जिसे यह मौका नहीं मिलता। ऐसा इसलिए है क्योंकि मुम्बई के अपार्टमेंट्स में ग्राउंड फ्लोर पर ही बॉक्स बने होते हैं और पोस्टमेन डाक उनमें डालकर चले जाते हैं। इसके बाद यह वॉचमैन की जिम्मेदारी होती है कि डाक को सही घर तक पहुंचाए क्योंकि कई बिल्डिंग 14 मंजिल या उससे ज्यादा ऊंची होती हैं।

स्पीडपोस्ट के लिए आग्रह करने के पीछे मेरा मुख्य उद्देश्य यह भी होता है कि, इसे देने के लिए पोस्टमेन को स्वयं लिखे पते पर पहुंचना होता है और उसे घर के दरवाजे तक आना ही पड़ता है। इस तरह मुझे साल में एक बार उससे व्यक्तिगत रूप से मिलने का मौका मिलता है और मैं उसे दीपावली की ‘बख्शीश’ भी दे पाता हूं। जब भी ऐसे किसी दिन पोस्टमेन घंटी बजाता है, और दरवाजा घर का कोई भी सदस्य खोले, तो उसे पता होता है कि पोस्टमेन को अंदर बुलाना है, और उसे एक तोहफा भी देकर उसके साथ शुभकामनाओं के कुछ अच्छे पल बिताना है। जब वह कुछ अच्छी बातों और यादगार पलों के साथ लौटता है तो इससे उसका भी दिन अच्छा बन जाता है। हां, इसका एक बड़ा फायदा यह भी होता है कि वह भविष्य में आने वाले सभी पार्सल और डाक को हम तक सुरक्षित पहुंचाना सुनिश्चित करता है लेकिन यह उसके साथ अच्छे संबंध बनाए रखने पर निर्भर है। इसके अलावा एक तोहफा देना इसलिए बहुत महत्वपूर्ण नहीं है क्योंकि वह आपके लिए जरूरी चिटि्ठयां लाता है, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि उस तोहफे को कैसे दिया जाता है, क्योंकि देने का यह काम भी एक ‘क्वालिटी कंट्रोल’ प्रक्रिया के तहत आता है!

संयोगवश, जब मैंने कोलकाता में टी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मुदित कुमार को उनकी 47वीं सालाना बैठक में सुना, तो उन्होंने मेरा विश्वास पुख्ता किया। उन्होंने कहा, “चाय की खपत बढ़ाने का एक बढ़िया तरीका यह होगा कि लोग जो कुछ पीते हैं, वे उसकी गुणवत्ता का आनंद लें और हम उन्हें अच्छी चाय पीने का पूरा अनुभव दें।” भारत में 2013 में चाय का उत्पादन 878 मिलियन किग्रा था जो 2018 में बढ़कर 1,338 मिलियन किग्रा हो गया है। बीते 15 वर्षों में उत्पादन में 52 प्रतिशत वृद्धि के बावजूद, चाय उत्पादक अभी भी क्वालिटी और अनुभव की बात कर रहे हैं।

जब स्पीडपोस्ट भेजने वाले को मेरे इस उद्देश्य का पता चला, तो उन्होंने पोस्टमेन के साथ हुए एक नकारात्मक अनुभव के बारे में बताया जो यकीनन ‘काम की क्वालिटी’ के खिलाफ था। उन्होंने बताया कि, “कई वर्ष पहले मप्र के देवास जिले की सतवास तहसील के गोला गुठान गांव में डाक चिट्‌ठी नहीं पहुंच पाती थी। होता यह था कि जिम्मेदार पोस्टमेन लेटर के बंडल गांव जा रहे किसी ग्रामीण या राज्य परिवहन के कंडक्टर के हाथ भिजवा कर अपने कर्त्तव्य की इतिश्री कर लेता था। अमूमन, सभी रजिस्टर्ड पोस्ट बिना डिलीवरी के लौट आती थी और उन पर लिखा होता था कि - ‘इस पते वाले घर पर कोई नहीं मिला’ और यदाकदा ही वह पोस्टमेन कोई चिट्‌ठी पहुंचाता था।” इसी कारण मेरे स्पीडपोस्ट वाले दोस्त को एक आइडिया आया। वह गांव में 10 रुपए का मनी ऑर्डर भेजने लगा, जिस पर 1 रुपया शुल्क लगता था और जिसे वह भेजता था उसके लिए संदेश वाले हिस्से में वह लिख देता था कि “यह तुम्हारे लगाए गए पौधे की मजदूरी है।” जब भी पोस्टमेन के पास वह मनीऑर्डर आता तो वह संदेश पढ़कर 10 रुपए अपनी जेब में रख लेता और फर्जी दस्तखत करके रसीद आगे बढ़ा देता। वह सोचता था कि सिर्फ 10 रुपए के मनीऑर्डर के लिए कोई मजदूर क्यों शिकायत करेगा। लेकिन वह अपने ही जाल में फंस गया। ऐसे करीब 40 मनीऑर्डर भेजने के बाद पोस्टमेन की हरकतों को लेकर आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई और उसके बाद से उसकी चोरी और लापरवाही की आदत इतिहास बन गई। इसके बाद चिटि्ठयां नियमित रूप से गांव में पहुंचने लगीं। अब आपको समझ आ गया होगा कि एक सरकारी कर्मचारी से गुणवत्तापूर्ण काम कैसे करवाया जाता है! फंडा ये है कि अगर अगर आप अपने काम में “क्वालिटी का जवाब नहीं’ वाली सोच रखते हैं तो आपकी सेवाएं लेने वाले कई होते हैं और यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो फिर मुझे कुछ कहने की जरूरत ही नहीं है!

मैनेजमेंट फंडा एन. रघुरामन की आवाज में मोबाइल पर सुनने के लिए 9190000071 पर मिस्ड कॉल करें

एन. रघुरामन

मैनेजमेंट गुरु

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