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अंधविश्वास ले डूबा / तांत्रिक बोला-पत्नी को नहर में बैठाने से बच्चा होगा डूबने लगी तो बचाने कूदा, महिला बची, खुद डूबा



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  • कटाना साहिब के पास नहर पर रात में पाठ करने पहुंचा था दंपति 
  • 5 साल पहले लुधियाना के बलजीत और मुक्तसर की युवती से की थी लव मैरिज
Danik Bhaskar | Sep 16, 2018, 06:50 AM IST

लुधियाना. बच्चा न होने पर अंधविश्वास के चलते तांत्रिक के कहने पर लुधियाना के 24 साल के बलजीत सिंह ने अपनी पत्नी को नहर में पाठ करने के लिए बैठा दिया। जब पत्नी बहने लगी तो उसेे बचाने के लिए वह भी उसके पीछे ही कूद गया। कुछ दूरी पर गुरुद्वारा कटाना साहिब के सेवादारों  ने महिला को बाहर निकाल लिया।

 

मगर बलजीत बह गया। शनिवार को युवक की लाश दोराहा के पास बरामद हुई। पुलिस चौकी कटानी कलां ने लाश कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। बलजीत के पिता बूटा सिंह और पत्नी प्रभजोत कौर के बयान पर धारा-174 की कार्रवाई की गई है।

 

ऐसे फंसे तांत्रिक के चंगुल में : गांव कुब का बलजीत सिंह तीन बहनों का इकलौता भाई था। वह दोराहा में एक प्राइवेट फैक्टरी में नौकरी करता था। उसकी मुलाकात पांच साल पहले मुक्तसर की रहने वाली युवती से हुई। दोनों ने लव मैरिज करवा ली थी। मगर उनके घर कोई बच्चा नहीं था। इसे लेकर दोनों परेशान रहते थे।

 

बच्चे के लिए वे कभी डॉक्टरों के पास तो कभी तांत्रिकों के पास जाने लगे। इसी बीच उनकी मुलाकात एक ऐसे तांत्रिक से हुई जिसने उन्हें कहा कि अगर वह रात को अपनी पत्नी को बहती नहर में बिठाकर पाठ कराएगा तो बच्चा जरूर होगा। तांत्रिक की बाद मानकर दोनों पति-पत्नी बुधवार रात 8 बजे कटाना साहिब के पास नहर पर पहुंचे।

 

जैसे ही पत्नी पानी में बैठकर पाठ करने लगी पानी का बहाव तेज होने से वह बहने लगी। उसे बचाने के लिए बलजीत ने भी पानी में छलांग लगा दी। दोनों को बहता देख गुरुद्वारा साहिब के सेवादारों ने उन्हें बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। महिला के कपड़ों में हवा भरने से सेवादारों ने उसे बाहर निकाल लिया, जबकि युवक पानी में बह गया। शनिवार को उसकी लाश दोराहा से बरामद कर ली गई। 

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