रिश्वत / मीटर रीडर ने मीटर खराब करने का आरोप लगा जुर्माने की धमकी दे मांगे 15 हजार रुपए, 7 हजार घूस लेते गिरफ्तार



विजिलेंस ने पकड़ा मीटर रीडर विजिलेंस ने पकड़ा मीटर रीडर
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विजिलेंस ने पकड़ा मीटर रीडरविजिलेंस ने पकड़ा मीटर रीडर

  • खराब मीटर को बदलवाकर नया लगवाया तो मीटर रीडिंग वाला करने लगा ब्लैकमेल
  • मीटर रीडर पिछले तीन साल से कांट्रैक्ट बेस पर काम कर रहा था

Dainik Bhaskar

Sep 06, 2019, 01:47 PM IST

मोगा. बिजली विभाग में कान्ट्रैक्ट के तौर पर कार्यरत बिजली मीटर रीडर द्वारा एक व्यक्ति को डरा धमका कर सात हजार रुपए की रिश्वत लेने के मामले में विजिलेंस विभाग ने शिकायतकर्ता की शिकायत पर ट्रैप लगाकर गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस विभाग ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

 

विजिलेंस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गांव जीदड़ां निवासी गुरसेवक सिंह पिछले कुछ समय से अपने ससुराल घर गांव चुघा रोड बस्ती धर्मकोट में रह रहा था। कुछ समय पहले उसके ससुर बलविंदर सिंह के घर पर लगा बिजली का मीटर अचानक खराब हो गया था।

 

इस उपरांत उनके द्वारा बिजली विभाग में दस्तावेजी कार्रवाई पूरी करके नया मीटर अप्लाई किया गया था, जोकि बिजली विभाग द्वारा लगा दिया गया था। इसका पता चलते ही मीटर रीडर जसपाल सिंह धमकाकर पैसे मांगने लगा था।

 

मालिक से मुलाजिम बोला-Rs.80 हजार जुर्माना लगेगा, मैं 15 में निपटा दूंगा
बिजली विभाग द्वारा प्राइवेट तौर पर रखे बिजली मीटर रीडर जसपाल सिंह को पता चला तो उसने गुरसेवक सिंह को डराना शुरू कर दिया कि उन लोगों ने जानबूझकर मीटर खराब किया है। उनके द्वारा बिजली विभाग को जो धोखा किया गया है, उसके लिए 70 से 80 हजार रुपए तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। अगर वे उसे 15 हजार रुपए दे दें तो वह सारा मामला खुद ही सैट कर देगा।

 

इसके लिए सात हजार रुपए की पहली किश्त वीरवार को देने की बात तय हुई थी। इसके बाद गुरसेवक सिंह ने विजिलेंस विभाग को मामले की लिखित शिकायत की तो विजिलेंस द्वारा ट्रैप लगा दिया गया।

 

वीरवार को जसपाल सिंह ने शिकायतकर्ता गुरसेवक सिंह को फोन करके पूछा की कहां मिलना है। ऐसे में उसने कहा कि वह कस्बे में बने आईसीआईसीआई बैंक में रुपए निकलवाने के लिए आया हुआ है। वह बैंक के निकट एक दुकान में बैठकर उसका इंतजार करें।

 

कुछ देर बाद गुरसेवक सिंह बैंक के अंदर के निकला तथा पास स्थित दुकान में जाकर विजिलेंस विभाग द्वारा रंग लगाए नोट जसपाल सिंह को थमा दिए। उसने वह रुपए पैंट की जेब में डाल लिए।

 

इतने में शिकायतकर्ता ने विजिलेंस विभाग के अधिकारियों का इशारा किया तो उन लोगों ने तुरंत दुकान में घुसकर उसे सात हजार रुपए की रिश्वत के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को मोगा विजिलेंस ब्यूरो कार्यालय लाया गया, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

 

आरोपी 3 साल से कान्ट्रैक्ट बेस पर काम कर रहा था
डीसीपी विजिलेंस हरजिंदर सिंह ने बताया कि गुरसेवक सिंह की शिकायत पर बिजली विभाग में मीटर रीडर जसपाल सिंह को सात हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले लगभग तीन सालों ने विभाग में कान्ट्रैक्ट बेस पर काम कर रहा है।

 

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