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पीड़ित की लिपिस्टिक से अब पकड़ा जाएगा रेपिस्ट

7 महीने पहले
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  • महिलाओं के साथ रेप और सेक्सुअल असाल्ट की जांच को आसान बनाने के लिए किया रिसर्च
  • पंजाबी यूनिवर्सिटी के फॉरेंसिक साइंस डिपार्टमेंट की स्टूडेंट्स ने बनाई कॉस्मेटिक क्रीम
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पटियाला (शशांक सिंह). महिलाओं के साथ रेप और सेक्सुअल असाल्ट की जांच को आसान बनाने के लिए पंजाबी यूनिवर्सिटी के फॉरेंसिक साइंस डिपार्टमेंट की स्टूडेंट्स ने कॉस्मेटिक क्रीम को लेकर रिसर्च की है। जिससे रेप से जुड़े मामले में जांच आसान होगी और आरोपी के खिलाफ सुबूत इकठ्ठा हो जाएंगे।


सुपरवाइजर डॉ. राजिंदर सिंह की देख-रेख में स्वीटी शर्मा, रितो चोफी, हरकमलप्रीत कौर, और पीएचडी स्टूडेंट्स राजिंदर ने कॉस्मेटिक फाउंडेशन क्रीम पर रिसर्च पेपर पेश किया है। यह रिसर्च पेपर अमेरिकन फॉरेंसिक अकादमी ने जनरल अॉफ फॉरेंसिक साइंस ने जारी किया है।


महिलाएं कॉस्टमेटिक क्रीम व लिपिस्टक का उपयोग करती हैं। जब उनके खिलाफ रेप और सेक्सुअल असाल्ट होता है तो महिलाओं द्वारा लगाई गई क्रीम या लिपिस्टक क्राइम करने वाले के ऊपर लग जाता है। पीड़ित और आरोपी के ऊपर लगने वाली लिपिस्टक या क्रीम को एटीआर, एसटीआईआर स्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक से मिलाया जाता है और दोनों एक ही ब्रांड के मिलते हैं तो यह जांच में अहम सबूत बन जाएगा।


इस तकनीक से जांच 2 से 3 मिनट में पूरी हो जाएगी और सैंपल कभी खराब नहीं होगा। वहीं रिसर्च ने काजल पर रिसर्च पेपर पेश किए हैं जिसमें रेपिस्ट के शरीर पर काजल ट्रांसफर हो जाएगा और जांच में पता चल जाएगा आरोपी और पीड़िता के शरीर में किस ब्रांड की काजल है। रिसर्च स्कॉलर स्वीटी शर्मा ने बताया कि इस तकनीकि नॉन डिस्टेक्टिव है। सैंपल कभी खराब नहीं होगा और जब भी चाहे इस सैंपल का उपयोग किया जा सकता है। इससे पहले जो सैंपल होता था वह जल्दी नष्ट हो जाता था।

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