आरएसएस राष्ट्रीय प्रचारक पर हमले की नीयत से दीवार फांद घुसे चार नकाबपोश

2 वर्ष पहले
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खन्ना के चकमाफी के श्री दीप्तानंद अवधूत आश्रम के संचालक व आरएसएस के राष्ट्रीय प्रचारक स्वामी श्री कृष्णानंद पर हमले की साजिश के तहत देर रात चार नकाबपोश दीवार फांदकर आश्रम में घुस गए। डंडों व हथियारों से लैस चारों नकाबपोश करीब एक घंटे तक आश्रम के चप्पे चप्पे को खंगालते रहे, दरवाजा तोड़ अंदर सामान भी बिखेरा गया, लेकिन हैरत की बात है कि आश्रम से कोई सामान भी नहीं उठाया गया। आश्रम में मौजूद सेवादारों के कमरों को बाहर से कुंडा लगा बंद कर एक सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ दिया गया। वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है। आरएसएस प्रचारक स्वामी कृष्णानंद ने कहा कि पूरे घटनाक्रम को देखकर साफ है कि नकाबपोश उनपर हमला करने की नीयत से ही आश्रम में घुसे थे। लेकिन वह आश्रम में मौजूद नहीं थे, तो उनकी जान बच गई। उधर, सूचना मिलने पर एसपी आई जसवीर सिंह, एसएचअो सुखबीर सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने मौके का जायाजा लेकर फुटेज को कब्जे में ले लिया है। फिलहाल पुलिस मामले को संदिग्ध मान रही है। पुलिस के अनुसार आश्रम की दीवार 12 फीट के करीब है, उपर से चार फीट की कंटीली तारें लगी है। आश्रम के चारों तरफ तीन से चार फीट गहरे खेत हैं। एेसे में बाहर से आश्रम में घुसना नामुमकिन लग रहा है। पुलिस के अनुसार आश्रम में घुसने वाले हमलावर थे या मामूली चोर, अभी इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

देर रात दो बजे के करीब वारदात सीसीटीवी में हुई रिकॉर्ड
सुबह सेवादार उठे तो वारदात का खुलासा
आश्रम में एक घंटे तक चार नकाबपोश घूमते रहे, लेकिन आश्रम में मौजूद पांच लोगों में को इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह साढ़े तीन बजे पूजा पाठ के लिए उठे एक सेवादार ने टूटा दरवाजा व अंदर बिखेरा सामान देखा तो सभी को उठाया गया। गांव के मोहत्वर लोगों को बुलाया गया। इसकी जानकारी सरपंच को दी गई। सरपंच इंदरजीत सिंह ने बताया कि आश्रम के कुछ लोग उनके पास सुबह सात बजे आए, जिन्होंने बताया कि आश्रम में रात को वारदात हुई है। जिसमें आश्रम में कुछ नकाबपोश घुस आए थे। इसके बाद वारदात की पूरी बात चौकी बरदाला में फोन कर सूचना दी गई।

लूट नहीं हमले की रची गई साजिश
आश्रम के संचालक व आरएसएस के राष्ट्रीय प्रचारक स्वामी कृष्णा नंद ने कहा कि फुटेज में दिखाई दे रहा है कि आश्रम में देर रात चार नकाबपोश डंडों व कृपाणों से लैस होकर अंदर घुसे थे। उनका मकसद लूट नहीं बल्कि उन पर हमला करना था। नकाबपोशों ने आश्रम में कोई भी सामान या कैश नहीं उठाया, जिसके उनके मनसूबे साफ हैं। आश्रम में पहले भी होने वाले प्रोग्रामों में कई संदिग्ध दिख चुके हैं। आरएसएस के जुड़े होने से जम्मू कश्मीर, उतराखंड व अन्य राज्यों में प्रचार किया है, जिनमें कई मुद्दे बहुत अहम हैं। इसी कारण उनको नुकसान पहुंचाने के मकसद से ही आश्रम में नकाबपोश घुसे। आश्रम में मौजूद ना होने की वजह से उनका बचाव रहा।

फुटेज कब्जे में लेकर की जा रही है जांच
एसएचअो समराला सुखबीर सिंह ने कहा कि सूचना मिलने पर घटनास्थल का जायजा लेकर सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले लिया गया है। आश्रम की भौगोलिक स्थिति के अनुसार आश्रम की दीवारें आठ फीट ऊंचा दीवारें हैं, उसमें चार फीट की तारे लगी हैं। बाहर चारों तरफ तीन फीट गहरे खेत हैं। एेसे में बाहर से किसी भी व्यक्ति का आश्रम में घुसना नामुमकिन लग रहा है। सीसीटीवी फुटेज में चार नकाबपोश जरूर देखे हैं, लेकिन नकाबपोशों के आश्रम में उनके घुसने अौर बाहर भागने का क्लीयर पता नहीं चल पा रहा है। सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। जांच के बाद ही मामला क्लीयर होगा।

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