पीड़ित परिवार ने विस के बाहर लगाया धरना

2 वर्ष पहले
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फाइनेंस कंपनी के मैनेजर युवक दीपक शुक्ला की कथित टार्चर के बाद जेल में मौत होने के मामले में पीड़ित परिवार एसएचओ व अन्य मुलाजिमों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की जा रही है। लेकिन पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस व प्रशासन पर अपने अफसरों व मुलाजिमों को बचाने की कोशिश का आरोप लगाया है। इंसाफ के लिए पीड़ित परिवार व इलाके के लोगों ने सोमवार को चंडीगढ़ जाकर विधानसभा के बाहर करीब दो घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान विधानसभा में बजट संबंधी सभी कैबिनेट मिनिस्टर मौजूद थे। प्रदर्शन में पीड़ित परिवार द्वारा कहा गया कि पुलिस जान-बूझकर एसएचओ, चौकी इंचार्ज और अन्य दो मुलाजिमों को बचाने की कोशिश कर रही है। चाचा राकेश शुक्ला ने बताया कि दीपक शुक्ला को अवैध हिरासत में रखने के दौरान कई बार थाने और कभी चौकी ले जाकर पीटा जाता था। जबकि उनसे जब पैसों की मांग की गई तो चारों मुलाजिम चौकी में थे। लेकिन पुलिस ने चौकी इंचार्ज एएसआई जसकरन सिंह और कांस्टेबल मनदीप सिंह को लाइन हाजिर कर सिर्फ खानापूर्ति की है। राकेश का आरोप है कि जब तक चारों मुलाजिमों पर हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें सस्पैंड नहीं किया जाता। तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं पीड़ित परिवार की ओर से राम नगर से फोर्टीज अस्पताल और फिर चंडीगढ़ रोड से होते हुए वापिस राम नगर तक कैंडल मार्च निकाला गया। जिसमें भारी मात्रा में लोग शामिल हुए। वहीं, राकेश शुक्ला के अनुसार जब तक एसएचओ और बाकी मुलाजिमों पर मामला दर्ज कर उन्हें सस्पेंड नहीं किया जाता। तब तक वह दीपक की लाश का संस्कार नहीं करेंगे। जिसके चलते उसकी लाश सिविल अस्पताल की मोर्चरी में पड़ी है।

घरवालों को नकदी और प|ी को नौकरी दिलाने का दिया जा रहा ऑफर

कई नेताओं और अज्ञात लोगों द्वारा दीपक के घर जाकर फैसला करने के लिए अलग अलग तरह के ऑफर दिए जा रहे हैं। राकेश के मुताबिक एक व्यक्ति उनके घर आया। जिसने परिवार को नकदी लेकर फैसला करने की बात कही। जबकि उसने दीपक की प|ी को नौकरी दिलाने की भी बात बोली। लेकिन उनकी तरफ से साफ इंकार कर दिया गया। पीड़ित परिवार के अनुसार वह दीपक को पीट पीटकर मारने वालों पर कार्रवाई कराएंगे। वह किसी भी सूरत में फैसला नहीं करेंगे। वहीं, मामले में ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट द्वारा जांच की जा रही है। जांच में दीपक के परिवार के पहले ही बयान लिए जा चुके हैं। जबकि 28 फरवरी को एसएचओ रिचा रानी के बयान लिए गए।

इंसाफ की मांग को लेकर लोगों ने निकाला कैंडल मार्च।

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