कुत्तों में गुर्दे और पेट की बीमारियों के निरीक्षण और इलाज की दी ट्रेनिंग
लुधियाना। गुरु अंगद देव वेटरनरी व एनीमल साइंसेस यूनिवर्सिटी द्वारा वेटरनरी मेडिसिन विभाग के सहयोग से एडवांस्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। डीबीटी गडवासू केनाइन रिसर्च सेंटर के प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट द्वारा कुत्तों में गुर्दे और पेट की बीमारियों के निरीक्षण और इलाज विषय पर एक दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया गया। ट्रेनिंग में चेन्नई, मथुरा, जम्मू, श्रीनगर, पालमपुर की वेटरनरी यूनिवर्सिटी के 21 फैकल्टी सदस्यों और क्लिनिशियन ने हिस्सा लिया। ट्रेनिंग में प्रतिभागियों को एंडोस्कोपी, अल्ट्रासोनोग्राफी, ईकोकार्डियोग्राफी, हीमोडायलिसिस के बारे में ट्रेनिंग दी गई। गडवासू के रिसर्च डायरेक्टर डॉ.जेपीएस गिल ने बताया कि डीबीटी द्वारा 10.30 करोड़ की धनराशि कुत्तों की हैल्थकेयर, बीमारियों के इलाज, न्यूट्रीशियन और वैक्सीनेशन की रिसर्च के लिए जारी की गई है। कुत्तों के स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए ये प्रोग्राम शुरू किया गया है। उन्होंने ट्रेनिज को ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल करने के लिए प्रेरित किया। वेटरनरी मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. जीएस रंधावा ने कहा कि छोटे जानवरों के क्षेत्र में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के बारे में बताने के लिए ये ट्रेनिंग आयोजित की गई। पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज के डीन डॉ.एसके उप्पल ने विभाग की फैकल्टी और आयोजकों द्वारा आयोजित किए सफल कार्यक्रम के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि छोटे जानवरों में सही इलाज के लिए एंडोस्कोपी, अल्ट्रासोनोग्राफी, ईकोकार्डियोग्राफी की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।