मॉनसून / पंजाब के कई इलाकों में झमाझम बारिश, लुधियाना में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त

लुधियाना में बारिश के पानी से गुजरते लोग।
Water Logging in Ludhiana due to heavy rainfall on the 1st day of August
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Water Logging in Ludhiana due to heavy rainfall on the 1st day of August

  • सुबह साढ़े 7 बजे से लगभग साढ़े 10 बजे तक हुई भारी बारिश
  • शहर के चौड़ा बाजार, घंटाघर, अकालगढ़ मार्केट, प्रताप चौक में भरा पानी
  • रेलवे स्टेशन पर रेल की पटरी भी पानी में डूब गई, जिससे गाड़‍ियों के आवागमन पर असर पड़ा

दैनिक भास्कर

Aug 01, 2019, 06:01 PM IST

लुधियाना. पंजाब के विभिन्न इलाकों में गुरुवार सुबह भारी बारिश हुई है। हालांकि बीते दिनों से हल्की बूंदाबांदी हो ही रही थी, इसके चलते मौसम तो सुहाना हो चला है। गर्मी से लोगों को खासी राहत महसूस हुई, वहीं आज की बारिश ने कई जगह दिक्कतें खड़ी कर दी। खासकर लुधियाना में साढ़े तीन घंटे की झमाझम बारिश में अधिकतर हिस्सों में पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। निचले इलाकों में लोगों के घरों में पानी घुस गया है। सड़कें भी पानी से लबालब हैं, जिसके चलते पानी में वाहन रुक रहे हैं और कई जगह पर ट्रैफिक जाम की स्थिति है। बच्चों को स्कूल जाने एवं आम लोगों को दफ्तर, दुकानों एवं अपने कामकाज पर जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

 

आज सुबह साढ़े 7 बजे से लगभग साढ़े 10 बजे तक हुई भारी बारिश की वजह से शहर के चौड़ा बाजार, घंटाघर, अकालगढ़ मार्केट, प्रताप चौक इत्यादि बाजारों की दुकानों में पानी घुस गया है। नगर निगम कमिश्नर कमलप्रीत बराड़, मंत्री भारत भूषण आशु की पत्नी ममता आशु ने सड़कों पर उतरकर जलभराव का जायजा लिया। रेलवे स्टेशन पर रेल की पटरी भी पानी में डूब गई, जिससे गाड़‍ियों के आवागमन पर असर पड़ा है। दिक्कतो पर विस्तार से नजर डालें तो रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पानी में डूब गया। कई जगह दुकानों में भी पानी घुस गया है, जिसकी वजह दुकानों में रखा सामान खराब हो गया है।

 

इस साल जुलाई में कम बरसा मानूसन
शहर में भले ही हर दूसरे और तीसरे दिन बारिश हो रही हो, लेकिन पिछले साल की तुलना में इस साल जुलाई में मानसून कम बरसा है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के वैज्ञानिकों की मानें तो इस साल जुलाई में महज 200.4 मिलीमीटर बारिश हुई, जोकि सामान्य से भी कम है, जबकि पिछले साल मानसून सीजन में जुलाई में 382.5 मिलीमीटर बारिश रिकाॅर्ड की गई थी। वैज्ञानिकों के अनुसार जुलाई में सामान्य तौर पर 216 मिलीमीटर बारिश होती है। पीएयू के वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तक जुलाई में मानसून की परफार्मेंस बेहतर रही है। हर तीसरे दिन मानसून बरस रहा है। इसी वजह से अभी तक नौ के करीब रेनी डे हो चुके हैं, जबकि आमतौर पर दस रेनी डे होते हैं।

 

जून में 33 मिलीमीटर हुई बारिश
मौसम वैज्ञानिक डॉ. केके गिल के अनुसार इस साल जून में महज 33 मिलीमीटर बारिश हुई थी। जोकि सामान्य से 50 मिलमीटर कम थी, लेकिन जून में बारिश की कमी को मानसून ने जुलाई में पूरा कर दिया है। जुलाई में अच्छी बारिश हो रही है और एक सामान हो रही है, जिससे धान की फसल को फायदा हुआ है। डॉ. गिल के अनुसार अगस्त में भी अच्छी बारिश का पूर्वानुमान है।

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