फैसले का स्वागत, सभी से आपसी भाईचारे को कायम रखने की अपील

Ludhiana News - श्री राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सभी धर्मों के नुमाइंदों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। ...

Nov 10, 2019, 08:16 AM IST
श्री राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सभी धर्मों के नुमाइंदों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है।

शहर के फील्ड गंज स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद के नायब शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले स्वीकार्य करेंगे। पूरे देश केे मुसलमानों ने इसे स्वीकार किया है। मुसलमानों की ओर से हमारा यह कहना है कि श्री राम जन्म भूमि पर मंदिर बने, इसका कोई विरोध नहीं है। लेकिन मुसलमानों ने जो यह कानूनी लड़ाई लड़ी है, वो इंसाफ के लिए लड़ी थी। और सुप्रीम कोर्ट ने आज भी यह कहा कि बाबरी मस्जिद को गिराए जाना एक गैर कानूनी कदम था। क्योंकि उस समय कोर्ट की ओर से स्टे था तथा वो सब बिना अदालत की फैसले से हुआ। हमारा यह कहना है कि अगर वह गैर कानूनी कदम था, तो जहां राम जन्म भूमि का फैसला किया गया, इससे संबंधित सारे मुकदमे खारिज कर दिए गए हैं, वहीं बाबरी मस्जिद के कातिलों को भी साथ ही सजा दी जाती तो हम समझते हैं कि यह दोनों पक्षों के साथ मुकम्मल इंसाफ होता। हमारी दोनों पक्षों के लोगों से अपील है कि सभी आपसी भाईचारे को कायम रखें।

भाईचारे और सदभाव को कायम रखें

एसजीपीसी धर्म प्रचार कमेटी के सदस्य और गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार प्रितपाल सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नकारा नहीं जा सकता, ना ही कहीं चैलेंज किया जा सकता है। हमें इस फैसले को किसी भी धर्म की हार-जीत ना मानते हुए, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए आपसी भाईचारे और सदभाव को कायम रखना है। हम गुरू नानक देव जी महाराज का 550 वां प्रकाश पर्व मना रहे हैं। गुरू नानक देव जी महाराज ने हमें सभी धर्मों का सम्मान करने, किरत करो, नाम जपो, वंड छ़को का उपदेश दिया था। गुरू महाराज का फरमान है " अव्वल अल्लाह नूर उपाया, कुदरत दे सब बन्दे, एक नूर ते सब जग उपज्या कौन भले कौ मंदे।।

सौहार्द पूर्ण तरीके से समाधान निकाला

विश्व हिन्दू परिषद पंजाब के प्रांतीय सह महासचिव प्रदीप मिश्रा ने अयोध्या फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि श्री अयोध्या जी में श्री राम जन्मभूमि पर मानीय सर्वोच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों को ध्यान में रखते हुए दशकों पुराने मसले पर सौहार्द पूर्ण तरीके से समाधान निकाल कर जो ऐतिहासिक फैसला दिया है, वह सराहनीय है। विश्व हिन्दू परिषद पंजाब उसका स्वागत करती है। सभी धर्मों के अनुयायियों से आग्रह किया जाता है कि सभी मिल कर समाज में आपसी सद्भाव और संयम कायम रखने का प्रयास करें।

वैदिक सनातन धर्म के लिए ऐतिहासिक दिन

शहर की पहली महिला महामंडलेश्वर स्वामी वेद भारती जी महाराज ने श्री राम जन्म भूमि अयोध्या पर फैसला आने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि “ बाजे अवध में बधाई, जन्म भूमि जीते रघुराई। उन्होंने कहा कि आखिरकार न्याय की जीत हुई, भारतीय वैदिक सनातन धर्म के लिए इससे बड़ा दिन नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सभी देशवासियों को बिना किसी धार्मिक भेदभाव के सभी धर्मों के अनुयायियों को मिल कर श्री राम जन्म भूमि पर भव्य राम मंदिर भनाने में जुट कर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने सभी देशवासियों को बधाई दी।

भाईचारे को मजबूत करते हुए देश की प्रगति के लिए कार्य करें

राम मंदिर आंदोलन की कमान संभालने वाली विश्व हिंदू परिषद के लुधियाना विभाग सत्संग प्रमुख पंडित कृष्णदत्त गोस्वामी ने भी अयोध्या मुद्दे पर संतुलित प्रतिक्रिया व्यक्त की। अदालती फैसला न्याय का प्रतीक है, जिसे लेकर समाज के हर वर्ग ने सम्मानपूर्वक स्वीकृति व्यक्त की है। अब सबको मिलकर आपसी भाईचारे को मजबूत करते हुए देश की प्रगति के लिए कार्य करना चाहिए।

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