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सरकार अवेयरनेस के साथ ही सेनेटाइजर और मास्क फ्री बांटे, लोग भी न हों पैनिक

एक वर्ष पहले
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चीन के वुहान से शुरू हुआ जानलेवा कोरोना वायरस दुनियाभर के 68 देशों में हड़कंप मचाने के बाद अब भारत में भी अपने पैर पसार रहा है। अमेरिका, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, ईरान और इटली जैसे कई देश इस बेहद खतरनाक वायरस की चपेट में आ चुके हैं। भारत में भी कोरोना वायरस के नए मामले सामने आने की पुष्टि हो रही है। इस वजह से विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे अंतरराष्ट्रीय हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। इस बेहद गंभीर मुद्दे पर देवकी देवी जैन मेमोरियल कॉलेज फॉर वुमन की छात्राओं ने अपनी टिप्पणी करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखकर लोग इस वायरस को लेकर डरें नहीं, बल्कि ज्यादा सावधान रहें। कोरोना वायरस से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी, इसके लक्षण, बचाव के उपायों के बारे में जानकारी हासिल करें। इससे जुड़े मिथकों और उनकी हकीकत पर भी नजर डालेंे। घर में साफ सफाई पर पूरा ध्यान दें। सेनिटाइजर और मास्क का इस्तेमाल अवश्य करें। खांसी जुकाम होने पर भी तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

हफ्ते का मुद्दा: कोरोना वायरस का खौफ

देश में कई तरह के वायरस फैले, लेकिन सबका मुकाबला किया, तो कोरोना वायरस से भी पैनिक होने की जरूरत नहीं है। इसके लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अफवाहों से न खुद बचें, बल्कि दूसरों को भी जागरुक करें। देश में लोग कोरोना से ज्यादा अफवाहों से परेशान हैं।
-पारुल जैन, एमकॉम फाइनल ईयर


अफवाहों से बचें, खुद पॉजिटिव रहकर आसपास सकारात्मकता फैलाएं

कोरोना वायरस पर देवकी देवी जैन मेमोरियल कॉलेज फॉर वुमन की छात्राएं बोलीं-

युवाओं की बात भास्कर के साथ

कोरोना वायरस से बचाव की शुरुआत खुद से करें। इसके बाद अपने घर को वायरस से निपटने के लिए तैयार करें। सकारात्मक खुद भी रहें और आसपास भी सकारात्मकता फैलाएं। कोरोना का संक्रमण फैलने के बारे में सावधानी बरतकर ही इससे निजात संभव हो सकती है।
-करिश्मा, बीकॉम फाइनल ईयर


कोरोना वायरस से बचने के लिए सरकार पर ही निर्भर रहना काफी नहीं है। सरकार अपने स्तर पर काम कर रही है, लेकिन लोगों को को चाहिए कि वे खुद समझें। कोरोना वायरस की चिंता बढ़ाने से कुछ हासिल नहीं होगा। डॉक्टरों के दिशा निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए फॉलो करें।
-हरप्रीत, बीकॉम फाइनल ईयर


दिन में कई बार साबुन या अल्कोहल-बेस्ड सेनेटाइजर से हाथ धोएं। खांसते और छींकते समय मुंह को ढंक कर रखें, क्योंकि बचाव ही सबसे ज्यादा जरूरी है। स्कूल कॉलेजों में छुटि्टयों से पढ़ाई का नुकसान होगा। इसके बजाय प्रिकॉशन के निर्देश दिए जाने चाहिए थे।
-समृद्धि सहगल, बीए सेकेंड ईयर


कोरोना वायरस को लेकर कॉलेज में अवेयरनेस स्पीच दी जा रही है, ताकि स्टूडेंट्स पैनिक न हों। सेनेटाइजर जोन भी बनाया गया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क अनिवार्य रूप से पहनें। कोरोना से बचाव के लिए परिजनों, रिश्तेदारों और मित्रों को जीवनशैली से जुड़ी सावधानियों के बारे में बताएं।
-संगीता, बीकॉम फाइनल ईयर

व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इससे जुड़े कुछ मिथक फैलाए जा रहे हैं। इससे बचने की जरूरत है। ये सिर्फ लोगों को पैनिक कर रहे हैं। बच्चों में भी डर की स्थिति बनी हुई है। कोरोना वायरस से जुड़ी किसी भी जानकारी की पहले पुष्टि कर लें और फिर उस पर अमल करें।
-विक्की कुमार, एमए स्टूडेंट


खांसी-बुखार को नजरअंदाज ना करें। कच्चे पदार्थ और सी-फूड खाने से परहेज करें। मेडिकल मास्क का उपयोग अवश्य करें। सांस की समस्या से बचने के लिए योगा करें। इंफेक्टेड व्यक्ति से दूरी बना कर रखें और ज्यादा से ज्यादा सावधानी बरतें।
-पूजा मेहता, बीकॉम फाइनल ईयर


सरकार अवेयरनेस के साथ ही सेनेटाइटजर और मास्क फ्री बांटे। मास्क और सेनेटाइजर की कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। लोग डरें नहीं बल्कि प्रोटेक्शन के साथ बाहर निकलें। इसके अलावा कोरोना वायरस प्रभावित जगहों पर यात्रा करने से बचें।
-कशिका, बीकॉम फाइनल ईयर
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