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शब-ए-बारात के मौके शैक्षणिक अदारों को छुट्टी न करना अफसोसजनक : मुबीन फारूकी

मालेरकोटला| मुस्लिम फेडरेशन ऑफ पंजाब के प्रधान एडवोकेट मुबीन फारूकी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि देश...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:40 AM IST

मालेरकोटला| मुस्लिम फेडरेशन ऑफ पंजाब के प्रधान एडवोकेट मुबीन फारूकी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि देश में अल्पसंख्यक शैक्षणिक अदारों को कायम करने का मुख्य मकसद अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के धार्मिक व सांस्कृतिक अस्तित्व को कायम रख उनके सभ्याचार व धार्मिक अधिकारों की की रक्षा करना है। परंतु इस्लामी महीने शब-ए-बारात के मौके शैक्षणिक अदारों को छुट्टी न करना अफसोसजनक है। उन्होंने कहा कि इस्लामी इतिहास में 15वें शाबान का खास महत्व है। मुस्लिम विद्वानों ने भी कहा है कि यह दिन व रात अल्लाह से ध्यान लगा अपने गुनाहों की तोबा करने का इशारा करता है। इस दिन विशेष प्रार्थना सभाएं की जाती है। समूह मुस्लिम अदारों का फर्ज बनता है कि वह इस्लाम की विरासत व सभ्याचार की रक्षा करे। पंजाब वक्फ बोर्ड इसके लिए माहौल तैयार करे। उन्होंने कहा कि पंजाब वक्फ बोर्ड अपने शैक्षणिक अदारे खुले रख व बोर्ड के दफ्तर बंद कर मुस्लिमों को कौन सी धार्मिक शिक्षा देने का प्रयास कर रहा है। इस संबंधी पंजाब वक्फ बोर्ड के सीअीओ जनाब अब्दुल लतीफ थिंद ने कहा कि इस्लाम धर्म में केवल दो त्योहार ईद-उल-फितर व ईद-उल-अजहा मनाने के लिए कहा गया है। देश में सर्व उच्च योगिता प्राप्त स्कूलों में फालतू छुट्टियां करने से परहेज किया जाता है। (जमाली)

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