पराली जलाने पर मोगा िजले में 50 हजार हेक्टेयर जमीन आई रेड एंट्री के दायरे में

Moga News - जिले के 2235 किलोमीटर क्षेत्र में बसी 11 लाख की आबादी, जिसमें 55 प्रतिशत किसानों की ही है, गत 20 दिनों के दौरान 6 दिन दीवाली...

Bhaskar News Network

Nov 10, 2019, 08:25 AM IST
Moga News - 50 thousand hectare land in moga district after burning stubble under the scope of red entry
जिले के 2235 किलोमीटर क्षेत्र में बसी 11 लाख की आबादी, जिसमें 55 प्रतिशत किसानों की ही है, गत 20 दिनों के दौरान 6 दिन दीवाली के पटाखों व सभी दिन पराली के धुएं को झेलने को मजबूर रहे। अभी 10-12 दिन और परीक्षा के हैं। इन दिनों किसान पराली को जलाने को तौबा करें इसके लिए डीसी ने किसानों को गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर यात्रा के धार्मिक स्थानों में जाने को लेकर पराली को आग न लगाने की अपील की ताकि श्रद्धालुओं को रास्ते में पराली की धुआं न सताए।

जिला प्रशासन से मिले आंकड़ों के अनुसार मोगा जिला 2235 किलोमीटर के क्षेत्र में बसा हुआ है, जिसमें 11 लाख 39 हजार की आबादी है। इस आबादी में 55 प्रतिशत किसानों की आबादी है। कृषि विभाग के अधिकारी जसविंदर सिंह ने बताया कि इस बार जिले में 12 लाख हेक्टेयर में धान की बिजाई हुई थी। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार इस बार मोगा जिले में 678 स्थानों पर पराली जलाने के मामले सामने आए हैं, जो गत वर्ष के मुकाबले 342 कम हैं। गत वर्ष इस समय तक 1020 मामले सामने आए थे।

2235 किमी के क्षेत्र में 11 लाख लोग 20 दिन से झेल रहे धुआं

यहां बता दें कि अब तक 20 दिनों में पराली जलाने के जिले में 678 मामले होने तथा 6 दिन दिवाली त्योहार को लेकर चले पटाखों से निकले धुएं को 11 लाख की आबादी को सहन करना पड़ा। क्योंकि खेतों में पराली को आग लगाने का सिलसिला 20 अक्टूबर से शुरू हो चुका है और इस दौरान 25 से 30 अक्टूबर तक दिवाली त्योहार के उपलक्ष्य में पटाखे भी फोड़े गए।

ऐसे रहा एयर क्वालिटी इंडेक्स..

दिवाली से पूर्व 25 अक्टूबर को मोगा जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स पीएम 2.5 153 था, दीपाली के बाद 28 अक्टूबर को यह 189 पर पहुंच गया था। जबकि नवंबर के पहले सप्ताह में यह आंकड़ा 207 तक पहुंच गया था। इसी क्रम में शुक्रवार को 14 किसानों ने खेतों में पराली जलाई और सभी 14 किसानों पर केस दर्ज हो गए हैं। शनिवार को खबर लिखे जाने तक प्रशासन के नोटिस में 7 मामले आ चुके थे। इन पर रात तक कार्रवाई होगी।

डीसी की अपील : प्रकाश पर्व को लेकर किसान न जलाएं पराली..

डिप्टी कमिश्नर संदीप हंस ने जिले के किसानों से अपील की है कि पराली जलाने से उठते धुएं से राहगीरों व वाहन चालकों को न केवल दिक्कतें होती हैं, बल्कि कभी-कभी सड़क हादसे हो जाते हैं, जिनमें कीमती जाने चली जातीं हैं। अब भारी संख्या में संगत करतारपुर व सुल्तानपुर लोधी श्री गुरु नानक देव जी का आशीर्वाद लेने जा रही है तो संगत को रास्ते में दिक्कत न आए इसलिए किसान खेतों में पराली न जलाएं।

मोगा में पराली जलाते हुए किसान।

पराली जलाना मजबूरी है किसान नेता गुरवंत सिंह सिद्धू ने कहा कि पराली जलाना किसान की मजबूरी है। पराली प्रबंधन के लिए महंगी मशीनरी खरीदना गरीब किसानों के बस की बात नहीं है। जो सरकार ने मशीनरी उपलब्ध कराई है, उसकी संख्या इतनी कम है कि हर किसान की बारी नहीं आ सकती। इसलिए पराली जलाना किसान की मजबूरी है। उसने कहा कि पराली के धुएं के सबसे निकट स्वयं किसान रहता है। उसके मरने की मजबूरी है। अन्य लोगों के पास तो धुआं उड़कर जाएगा, किसान का घर ही खेतों में होता है। मरना उसकी मजबूरी है, शौक नहीं। किसान नेता गुरबंत सिंह ने कहा कि सरकार पराली खरीदना शुरू करे तभी यह मसला हल हो सकता है। किसान को तब मशीनरी की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

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