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2500 घायलों व 253 लावारिस शवों को पहुंचाया अस्पताल

समाजसेवा सोसायटी मोगा द्वारा करीब 17 साल से जिले में समाज सेवी कार्य किए जा रहे हैं। लावारिस शवों को मौके से उठाकर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:45 AM IST

2500 घायलों व 253 लावारिस शवों को पहुंचाया अस्पताल
समाजसेवा सोसायटी मोगा द्वारा करीब 17 साल से जिले में समाज सेवी कार्य किए जा रहे हैं। लावारिस शवों को मौके से उठाकर सरकारी अस्पताल पहुंचाना, शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद उनका अंतिम संस्कार करने से लेकर अस्थियां विधिवत रूप से जल में प्रवाहित करने तक का काम भी पिछले 8 साल से शहर की समाज सेवा सोसायटी मोगा द्वारा करवाया जा रहा है। यहां तक कि पुलिस भी इसी संस्था से सहयोग लेने में विश्वास रखती है। साथ ही सोसायटी को जिले के किसी कस्बे या गांव या सड़क पर हादसे की मोबाइल काॅल आने पर उनकी सहायता के लिए सोसायटी के सदस्य तुरंत एबुलेंस लेकर पहुंचते हैं और घायलों को अस्पताल पहुंचाते हैं। सोसायटी के 80 सदस्य है, जिनमें 25 से 30 सदस्य एक्टिव हैं।

तीन आपातकाल एबुलेंस घायलों के लिए तत्पर उपलब्ध

सोसायटी के पास तीन आपातकाल एबुलेंस के साथ ही एक शवयात्रा वाहन है। इन वाहनों को लोग अपनी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करते हैं। पहले किसी घर में मौत होने पर शव कंधे पर उठाकर ले जाते थे, परिवार वाले आजकल गाड़ी में रखकर ले जाते हैं, ऐसे में शवयात्रा वाहन काफी कारगर साबित हो रहा है। वहीं सरकारी अस्पताल से अगर मरीज को किसी अन्य अस्पताल के लिए रैफर किया जाता है तो ऐसे में परिजनों से एबुलेंस में तेल डलवाने व ड्राइवर का खर्चा लिया जाता है। पिछले 17 सालों से सोसायटी ने 2500 घायलों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया है। वहीं आठ सालों में 253 लावारिस शवों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। 72 घंटे बाद शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद उनका अंतिम संस्कार करने से लेकर अस्थियां विधिवत रूप से जल प्रवाह किया गया है। मार्च 2016 से 2017 तक 33 लावारिस शवों, मार्च 2017 से 2018 तक 33 शवों का अंतिम संस्कार करने से लेकर अंतिम अरदास करवाई गई। वहीं रविवार को नौ लावारिस शवों की अस्थियां समाज सेवा सोसायटी के सदस्य फरीदकोट स्थित गुरुद्वारा साहिब ग्रीन एवेन्यु के साथ लगती नहर में जलप्रवाह करने के लिए ले गए। वहीं साल 2017 में मिली 33 लावारिस शवों की अंतिम अरदास 22 अप्रैल को करवाई जाएगी।

मानव सेवा से आत्मिक शांति मिलती है : गुरसेवक सिंह संन्यासी

समाजसेवा सोसायटी के प्रधान गुरसेवक सिंह संन्यासी ने कहा कि शहर वासियों के सहयोग से उनकी सोसायटी दिन रात लोगों की सेवा में जुटी हुई है। मानव सेवा करके उनको व उनके सदस्यों को आत्मिक शांति मिलती है। साथ ही सड़क पर पड़े घायल को उठाकर सरकारी अस्पताल में ले जाकर इलाज करवाना तथा लावारिस शव का संस्कार करवाकर मरने वाले व्यक्ति की आत्मा को शांति पहुंचाना ही उनका मुख्य उद्देश्य है।

17 साल से निरंतर समाजसेवा में

शहर की समाजसेवा सोसायटी ने साल 2000 से शहर के लिए समाजसेवा का कार्य आरंभ किया था। जबकि सोसायटी एक साल बाद 2001 में रजिस्टर्ड हुई थी। सोसायटी के रजिस्टर्ड होने के बाद धीरे-धीरे शहर के लोग इससे जुड़ने लगे। अब तक 80 सदस्य इस सोसायटी का हिस्सा बने हैं। सोसायटी का कार्यालय मोगा लुधियाना रोड स्थित अकालसर चौक के निकट हीरा सिंह बिल्डिंग में बना हुआ है।

शवों की अस्थियां जल प्रवाहित करने से पूर्व अरदास करते हुए सदस्य।

ये हैं सोसायटी के प्रमुख सदस्य

प्रधान गुरसेवक सिंह संन्यासी, सीनियर मीत प्रधान परमजीत सिंह मुंडे, मीत प्रधान गुरनाम सिंह लवली, जरनल सेक्रेटरी हरदीप सिंह जंडू , कैशियर गोबिंद राम, बलजीत सिंह चाननी, गुरनाम सिंह, गुरदीप सिंह , हरजीत सिंह मीता, जसप्रीत सिंह कलसी, हरप्रीत सिंह, डॉक्टर जगतार सिंह, डॉक्टर रवि, हरमीत सिंह खालसा, परमजीत सिंह पप्पू, लखबीर सिंह, अमनप्रीत सिंह नोनी, गुरप्रीतम सिंह चीमा, मनदीप सिंह बेदी, जसकरण सिंह बेदी, अगस्त कुमार शामिल हैं।

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