डेरा प्रबंधन ने अस्पताल से शव लाने से किया इनकार बोले-हत्यारोपियों की गिरफ्तारी होने पर ही करेंगे संस्कार

Moga News - कोटकपूरा के थाना सदर के अधीन आते गांव कोट सुखिया के डेरा बाबा हरका दास के सेवादार बाबा दियाल दास की दो दिन पहले हुई...

Nov 10, 2019, 08:25 AM IST
कोटकपूरा के थाना सदर के अधीन आते गांव कोट सुखिया के डेरा बाबा हरका दास के सेवादार बाबा दियाल दास की दो दिन पहले हुई हत्या के बाद अब उनके डेरा प्रबंधकों व पैरोकारों ने उनके हत्यारों की गिरफ्तारी होने तक उनके शव का अंतिम संस्कार न करने का ऐलान किया है। पुलिस ने संस्कार न करने का कारण गुरु नानक जयंती के समारोह को बताया है।

मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार गांव कोट सुखिया के डेरा बाबा हरका दास के गद्दीनशीन बाबा हरी दास के वृद्ध होने के चलते उनके स्थान पर डेरा का कार्य संचालन कर रहे बाबा दियाल दास की वीरवार शाम को बाइक सवार दो अज्ञात युवकों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। डेरा के अन्य सेवादार गगन दास के बयान पर थाना सदर पुलिस ने मोगा जिले के गांव कपूरा के संत बाबा जरनैल दास व दो अज्ञात युवकों पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी।

मामले की अब तक की प्रगति को लेकर डेरा संचालक संत बाबा हरी दास के नेतृत्व में आज डेरा परिसर में हुई बैठक के बाद डेरा प्रबंधकों ने बाबा दियाल दास के हत्यारों की गिरफ्तारी व हत्या के पीछे की साजिश के बेनकाब होने तक बाबा दियाल दास का शव जस का तस रखने व उनका अंतिम संस्कार न करने का ऐलान किया। बाबा हरी दास ने बताया कि पुलिस ने उनसे आरोपियों को काबू करने को दो दिन का वक्त मांगा है व जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती वह न तो मेडिकल कालेज के शवगृह से बाबा का शव लाएंगे व न ही संस्कार करेंगे। इस बैठक के दौरान गांव कोटसुखिया की सरपंच बलजिंदर कौर, उनके पति बलजीत सिंह, समेत पंचायत सदस्य, गांव ढूडी के पूर्व सरपंच गुरतेज सिंह समेत डेरा के श्रद्धालु व भक्तजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रंजिश... जरनैल दास पहले इसी डेरे में था सेवादार, निकाले जाने पर रची साजिश

डेरा के प्रवक्ता व सेवादार गगन दास ने बताया कि बाबा जरनैल दास इससे पहले बाबा डेरा हरका दास में ही बाबा हरी दास के चेले के तौर पर रहता था। उस समय वह डेरा की गांव पंजगराई स्थित जमीन का काम देख रहा था लेकिन उसका डेरे के प्रति व्यवहार ठीक न होने के चलते 2008 में बाबा हरी दास ने जमीन का प्रबंध व मुख्तयारनामा उनके बजाय बाबा दियाल दास को दे दिया। तबसे ही यह लगभग तय था कि बाबा दियाल दास ही बाबा हरी दास के उत्तराधिकारी होंगे व उनके बाद वही डेरा संचालन संभालेंगे। इसी जमीन के मुख्तयारनामे को लेकर प्रबंधन का बाबा जरनैल सिंह के साथ विवाद चल रहा था। इस मामले को बाबा दियाल दास ही देख रहे थे। इसी के चलते करीब छह महीने पहले भी बाबा जरनैल दास ने कुछ युवक बाबा दियाल दास को नुकसान पहुंचाने को गांव कोटसुखिया भेजे थे जिसकी सूचना तब भी पुलिस को दी गई थी लेकिन पुलिस ने इस पर कोई विशेष कार्रवाई नहीं की। अब उन्हें संदेह है कि बाबा जरनैल दास के इशारे पर ही बाबा दियाल दास की हत्या की गई है।

(जैसा सेवादार गगन दास ने बताया)

काेटसुखिया के डेरा बाबा हरका दास में बाबा दियाल दास के शव के संस्कार को लेकर आयोजित बैठक में उपस्थित श्रद्धालु।

गुरु नानक जयंती समारोह के कारण रखा है शव, इसके बाद होगा संस्कार : डीएसपी

इस संबंध में संपर्क करने पर डीएसपी कोटकपूरा बलकार सिंह ने कहा कि अभी तक उनके सामने गिरफ्तारी होने तक संस्कार न करने की बात नहीं आई है। उन्हाेंने कहा कि 12 नवंबर को गुरु नानक जयंती पर समारोह होने के कारण संगत ने 12 के बाद संस्कार की बात कही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मात्र एक डेरा सेवादार के बयान पर ही जरनैल सिंह व दो अज्ञात युवकों पर मामला दर्ज किया है जिसकी प्रमाणिकता की जांच होनी बाकी है। जब तक गोली चलाने वाले आरोपियों का पता नहीं चलता व बाबा जरनैल सिंह पर जताए गए संदेह प्रमाणित नहीं होता गिरफ्तारी संभव नहीं है।

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