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लड़के का अपहरण कर उसे पीटते हुए 3 राज्यों में घुमाते रहे, दो रिवाॅल्वर लगा फेसबुक पर करवाया लाइव

युवक लकड़ी के दो दस्ते से उसे पीटने लगे। पीटते-पीटते लकड़ी के दस्ते टूट गए और वह बेहोश हो गया।

Dainik Bhaskar

May 02, 2018, 09:07 AM IST
अस्पताल में घायल युवक त्रिभुव अस्पताल में घायल युवक त्रिभुव

जालंधर(पांजाब)। मोगा-लुधियाना रोड स्थित विश्वकर्मा भवन के पास रविवार रात करीब 8.30 बजे कार सवार बदमाशों ने जिस युवक को अगवा कर लिया था, उसे पुलिस ने मंगलवार को दोपहर करीब 2.30 बजे कस्बा बधनी कलां स्थित नहर के पास से घायल हालत में बरामद लिया है। घायल युवक का इलाज कर रहे डॉक्टर ने 23 चोटें एमएलआर में दर्ज की है। वहीं पीठ पर गोली के छर्रे लगने की बात कही जा रही है। रंजिशन युवक का अपहरण करने के मामले को ट्रेस करने के लिए पुलिस द्वारा अपहरणकर्ताओं के घर वालों को उठाकर दबाव बनाना रंग लाया और आरोपी अपने एक दोस्त के जरिए युवक को छोड़ गए। इस दौरान आरोपी युवक को पंजाब के अलावा हरियाणा व राजस्थान लेकर घूमते रहे। इस मामले में पुलिस ने सेबू, मोनू वासी शहीद भगत सिंह नगर और 3 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है।

युवक को इतना पीटा कि पीटते-पीटते टूट गई लकड़ी
सरकारी अस्पताल में दाखिल त्रिभुवन शर्मा ने बताया कि उसका अपहरण करने के बाद गाड़ी तेज गति से चड़िक रोड पर जा रही थी। इसके बाद उक्त लोगों ने उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी और कोई नशीली चीज को सुंघाने पर वह बेहोश हो गया। रात को उसे हरियाणा में सिरसा में एक खेतों में मोटर पर रखा गया। जहां पर तीन नकाबपोश युवक थे, जबकि दो युवक बिना मुंह ढके हुए थे। इसके बाद उक्त युवक लकड़ी के दो दस्ते से उसे पीटने लगे। पीटते-पीटते लकड़ी के दस्ते टूट गए और वह बेहोश हो गया। सोमवार सुबह सिर्फ उसे एचआर नंबर की गाड़ियां दिखाई दे रही थीं। कुछ देर बाद उसे आरजे नंबर की गाड़ियां दिखाई देने लगीं। वहां रेतीले इलाके में गाड़ी रोककर नंगे पैर रेत पर खड़े करके उक्त लोग उसे फिर लकड़ी के दस्ते से पीटने लगे एक टूटने पर दूसरे से पीटा कुछ देर पीटने के बाद वह भी टूट गया।

पार्षद के बेटे से मारपीट में मुख्य गवाह था युवक
पुलिस के अनुसार जिन युवकों ने अपहरण किया था, उनका 1 फरवरी 2017 को नाई की दुकान पर बाल कटवाने को लेकर अजय नामक लड़के से झगड़ा हुआ था। पर्चा दर्ज करवाने में अजय का त्रिभुवन ने मदद किया था। वहीं, 21 अप्रैल 2017 को वार्ड पार्षद नरिंदरपाल सिद्धू के बेटे से उक्त लोगों पर मारपीट का पर्चा दर्ज हुआ था, त्रिभुवन इस मामले में मुख्य गवाह था। इसी वजह से उक्त लोग त्रिभुवन से रंजिश रखते थे। इसी रंजिश को लेकर युवक का अपहरण कर मारपीट की गई।

दो रिवाॅल्वर दिखा कराया फेसबुक लाइव
दो रिवाॅल्वर लगा फेसबुक पर करवाया लाइव फेसबुक लाइव होने संबंधी त्रिभुवन शर्मा ने कहा कि सेबू व मोनू ने उस पर रिवाल्वर तानकर उससे जो कुछ बोलने के लिए कहा वह बोलता चला गया। वह समझ चुका था कि अब उसका अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुटकर घर जा पाना मुश्किल है। क्योंकि जिस निर्दयता से उक्त पांचों युवकों ने उसे पीटा था, वह उनकी मार से मार जाता। इतना ही नहीं उसके हाथों के नाखून खींचने की कोशिश की गई। साथ ही दोनों युवक उसके मोबाइल के वाट्सअप नंबर से परिवार को धमका रहे थे कि अगर उनके परिवार के सदस्यों को पुलिस ने तंग किया तो वह उनके त्रिभुवन को जिंदा नहीं छोड़ेंगे।


भाई को रात एक बजे जैसे ही सेबू ने फोन किया तो पुलिस ने फोन उठा लिया और युवक को छोड़ने की चेतावनी दी
त्रिभुवन को सही सलामत वापस लाने के लिए पुलिस ने साम, दाम, दंड व भेद के सभी फार्मूलों को इस्तेमाल करते हुए सेबू व मोनू के परिवार वालों को उठा लिया। इसी बीच सेबू के भाई मोहने को रात एक बजे जैसे ही सेबू ने उसे फोन किया तो पुलिस ने उसे फोन पर सीधे बात करते हुए कहा कि अगर उन लोगों ने त्रिभुवन को नहीं छोड़ा तो उनके परिवार पुलिस वालों के पास हैं। इस पर अपहरणकर्ता पुलिस ने बात करने को तैयार हो गए। इसके बाद लगातार पुलिस और अपहरण कर्ताओं के बीच फोन पर संपर्क होने लगा। पुलिस ने उनसे कहा कि वह उसे खुद लेकर आएं। लेकिन अपहरणकर्ताओं ने पुलिस की इस बात को मानने से इंकार कर दिया। उन्होंने अपने एक दोस्त पुरी का हवाला देते हुए उसके पास बधनी कलां में छोड़ने की बात कही। एसपी-डी वजीर सिंह की अगुवाई में डीएसपी-डी सर्बजीत सिंह, सीआईए स्टाफ के प्रभारी किक्कर सिंह की टीम सुबह से बधनी कलां में डेरा जमाए हुए थी। जैसे ही अपहरणकर्ताओं ने त्रिभुवन को बधनी कलां में पुरी नामक युवक के पास छोड़ा तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने युवक को कब्जे में लेकर तुरंत मोगा के लिए रवाना हुई। फिर सरकारी अस्पताल ले गए।

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अस्पताल में घायल युवक त्रिभुवअस्पताल में घायल युवक त्रिभुव
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