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पिता का इलाज कराने व पैसे कमाने दुबई गई युवती वहां पिटाई के साथ कराया जाता था 19 घंटे काम

एक वर्ष पहले
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विदेश भेजने के नाम पर युवक से 9.5 लाख रुपए की ठगी मारने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ जांच के उपरांत केस दर्ज किया है।

थाना सिटी वन के एएसआई लखविंदर सिंह ने बताया कि गांव चीमा निवासी बलजीत सिंह ने 7 सितंबर 2019 को एसएसपी मोगा को दी लिखित शिकायत में आरोप लगाया था कि वह इटली जाना चाहता था। इसके लिए हरियाणा के गांव देसू निवासी मासी के बेटे गुरमेल सिंह ने अपने पहचान के एजेंट हरदेव सिंह निवासी गांव भागड़ा जिला सिरसा के साथ साल 2016 में मुलाकात करवाई थी। इस दौरान जिला फाजिल्का के गांव आजमवाला निवासी गुरविंदरपाल सिंह भी साथ था। उक्त एजेंटों ने उसे इटली भेजने के नाम पर 11 लाख 75 हजार रुपए मांगे थे। जबकि वह आढ़ती के पास नौकरी करता है। ऐसे में तीन लाख रुपए आढ़ती से लेकर एजेंटों को दिए। सोने के गहने गिरवी रखकर डेढ़ लाख रुपया दिया। जबकि पांच लाख रुपए रिश्तेदारों से उधार लेकर एजेंटों को दिए थे।

इसी बीच उसके माैसेरे भाई गुरमेल सिंह की मौत हो गई। उसके भाई की मौत के बाद एजेंटों द्वारा उसे इटली भेजने के नाम पर टाल मटोल करना शुरू कर दिया गया। तीन साल तक टालमटोल करने के बाद उक्त एजेंटों ने उसे न दो विदेश भेजा अाैर न ही रुपए लौटाए। इसके चलते उसने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। एसएसपी ने मामले की जांच एसपी इन्वेस्टिगेशन काे साैंपी। उन्होंने छ महीने की जांच के बाद फर्जी एजेंटों हरदेव सिंह निवासी गांव भागड़ा जिला सिरसा व जिला फाजिल्का के गांव आजमवाला निवासी गुरविंदरपाल सिंह के खिलाफ ठगी के आरोप में केस दर्ज किया है।

4 युवकों को कनाडा भेजने के नाम पर 12.70 लाख ठगे -पेज 3 पर पढ़ें

मालिक के पासपोर्ट नहीं देने से अभी नहीं लौट सकी स्वदेश

पिता ने कहा कि उसकी बेटी का पासपोर्ट उक्त लोगों ने अपने पास रख लिया अाैर कहा कि उनका काफी खर्च हो चुका है। ऐसे में जब तक उनको रुपए नहीं मिलते तब तक वह किरणदीप कौर का पासपोर्ट नहीं देंगे। इस पर जत्थेदार तोता सिंह ने अजनाला के गांव नानकी चक्क के सरपंच संदीप कुमार से बात कर मामला सुलझाने के लिए कहा। क्योंकि एजेंट इसी गांव का होने के चलते सरपंच से सपंर्क साधा गया था। इस पर सरपंच ने भरोसा दिया कि युवती को सकुशल वापस लाने में मदद की जाएगी। सतनाम सिंह ने कहा कि उसने 20 हजार रुपए अाैर उधार पांच रुपए प्रति सैकड़ा के हिसाब से ब्याज पर लेकर 11 मार्च को एजेंट के खाते में डाली, उसके बाद एजेंट ने रुपए दुबई की कंपनी को आगे भेज दिए हैं। देखते है कि कब तक उसकी बेटी दुबई से भारत लौटेगी। पिता ने कहा कि बेटी को रुपये कमाने के लिए भेजा था। रुपये तो वह नहीं कमा पाई लेकिन उसके सिर पर एक लाख दस हजार रुपये का कर्जा उस पर ब्याज देने की चिंता सता रही है। जत्थेदार तोता सिंह ने कहा कि सतनाम सिंह ने उससे संपर्क किया था, जिसके बाद युवती को एंबेसी लाया जा चुका है। जल्द घर लाने की कोशिश की जा रही है।

हरसिमरत कौर के प्रयास से भारतीय एंबेसी पहुंची युवती

उसने बेटी किरणदीप कौर को पांच महीने पहले दुबई के आजमन एरिया के निकट अफनन कैंफे भेजा था। वहां पर निशा नामक नेपाली महिला ने उसे एक घर में भारतीय करंसी 12 हजार रुपए महीने की नौकरी पर रखा था। लेकिन जिस महिला के घर पर उसकी बेटी काम करती थी। सुबह चार बजे से लेकर रात के 11 बजे तक काम लिया जाता था। इसके अलावा उसे शारीरिक व मानसिक तौर पर प्रताडि़त किया जाता था। वहीं उसे खाना कम मिलता अाैर पिटाई ज्यादा की जा रही थी। उसे परिवार से फोन पर भी बात नहीं करने दी जाती थी। ऐसे में उसकी बेटी चोरी छुपे फोन करके अपनी आपबीती सुनाई। इसके बाद उसने बेटी को विदेश से वापस बुलाने के लिए अकाली नेता जत्थेदार तोता सिंह से संपर्क किया। जत्थेदार तोता सिंह ने केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल से सपंर्क किया। केंद्रीय मंत्री ने अपने ओएसडी अमनिद्र सिंह ढींढसा से बात करके दुबई में सपंर्क करने के लिए कहा। इसके बाद दुबई में भारतीय एंबेसी से संपर्क करके उसकी बेटी को उक्त महिला के चंगुल से छुड़वाकर भारतीय एंबेसी लाया गया।

इटली भेजने के नाम पर युवक से 9.5 लाख ठगे

भास्कर न्यूज | मोगा

बीमार पिता के इलाज के लिए कमाने की हसरत लिए पांच महीने पहले मोगा की युवती दुबई में एजेंट के जरिए गई, पर वहां जाने के बाद युवती को जिस घर में काम मिला वहां उसे 18 से 19 घंटे काम लिया जाता था। बदले में खाना देने की बजाय पिटाई की जाती थी। इसके अलावा शारीरिक व मानसिक तौर पर भी प्रताड़ित किया गया। युवती के पिता ने अकाली नेता से संपर्क किया ताे केंद्रीय मंत्री से बात कर पीड़िता को भारतीय एंबेसी लाया गया। लेकिन जिस कंपनी ने नौकरी पर रखवाया था, उस कंपनी ने युवती का पासपोर्ट देने से इंकार कर दिया।

मिली जानकारी के अनुसार मोगा के प्रीत नगर निवासी सतनाम सिंह ने बताया कि वह मजदूरी करता है। एक साल पहले उसे दिल की बीमारी हो गई थी। बाद में पेट में भी परेशानी रहने लगी। शहर के चार से पांच डॉक्टरों को दिखाने पर उन्होंने दो से तीन लाख रुपए का खर्च बताया था। इस पर उसकी 24 साल की बेटी किरणदीप कौर जोकि बारहवीं कक्षा पास करने के बाद कंप्यूटर कोर्स, ब्यूटी पार्लर का कोर्स किया था, ने उससे कहा कि वह दुबई जाकर रुपए कमाकर भेजेगी अाैर उस रुपए से इलाज करवा लेना।

सतनाम सिंह ने कहा कि उसकी जीरा के गांव लोके में बहन विवाहित है। उसकी रिश्तेदार युवती ने उनको अजनाला के गांव नानकी चक्क निवासी एजेंट सुखविंदर सिंह व सुखा के साथ सपंर्क करवाया था। उसने दुबई भेजने के लिए 90 हजार रुपए की मांग की। उसने बेटी को दुबई भेजने के लिए रिश्तेदारों के जरिए 90 हजार रुपए पांच रुपए प्रति सैकड़ा के ब्याज पर उधार लिए थे।

नेपाली निशा जिसने काम पर रखवाया।

एजेंट सुखविंदर सिंह सुखा।

पूर्व मंत्री जत्थेदार तोता सिंह व युवती का पिता सतनाम सिंह मीडिया को जानकारी देते हुए।
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