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मुकेरियां सिविल अस्पताल बना रेफरल अस्पताल : भारती

भास्कर संवाददाता| मुकेरियां/हाजीपुर सिविल अस्पताल मुकेरियां जिसमें लगभग 250 के करीब गांव एवं हाजीपुर, तलवाड़ा,...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 16, 2018, 02:35 AM IST

मुकेरियां सिविल अस्पताल बना रेफरल अस्पताल : भारती
भास्कर संवाददाता| मुकेरियां/हाजीपुर

सिविल अस्पताल मुकेरियां जिसमें लगभग 250 के करीब गांव एवं हाजीपुर, तलवाड़ा, बुड्ढाबड़, मानसर, भंगाला आदि कस्बों के लोग स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करते हैं, पर अस्पताल में लगभग सभी विशेषज्ञ डा. उपलब्ध होने के बावजूद भी सड़क दुर्घटनाओं, डिलीवरी केस इत्यादि में अधिकतर तौर पर मरीज को सीधे ही रेफरल स्लिप थमा दी जाती है। जिस कारण मरीज एवं उसके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

उक्त बातें भाजपा के युवा नेता एवं भाजपा कार्यालय सचिव मुकेरियां शंभू नाथ भारती ने मुसाहिबपुर के एक केस का उदाहरण देते हुए कहीं। उन्होंने बताया कि मुसाहिबपुर की एक महिला का सिविल अस्पताल मुकेरियां में जनेपा योजना के तहत प्रेगनेंट होने पर कार्ड भी बना था और वह लगभग आठ नौ महीने लगातार चेकअप भी करवाती रही, लेकिन डिलीवरी की दी गई संभावित तारीख के मुताबिक जब परिजनों के साथ वह रात को सिविल अस्पताल मुकेरियां पहुंची तो वहां कार्यरत स्टाफ ने उन्हें कहा कि यहां डिलीवरी के लिए कोई भी डा. उपलब्ध नहीं है। आप कहीं दूसरे अस्पताल में चले जाओ। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अस्पताल को अपग्रेड करके अस्पताल में एमडी ऐनस्थीसिया की स्थाई नियुक्ति कर जच्चा-बच्चा की फ्री डिलीवरी ऑपरेशन एवं इलाज किया जाए।

शंभुनाथ भारती।

एमडी ऐनस्थीसिया हफ्ते में 3 दिन ही अस्पताल में उपलब्ध होता है : डॉ. मुल्तानी

जब अस्पताल में कार्यरत डा. मनजिंदर कौर मुल्तानी से बात की गई तो उनका कहना था कि एमडी ऐनस्थीसिया सप्ताह में सिर्फ तीन दिन ही सिविल अस्पताल मुकेरियां में उपलब्ध होता है। इसलिए पेशेंट को अन्य अस्पताल में जाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ऐमरजेंसी में एमडी ऐनस्थीसिया के बिना ऑपरेशन करना असंभव है।

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