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शहर के मंदिरों में मनाई हनुमान जयंती

शहर के कई मंदिरों में शनिवार को हनुमान जयंती पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम करवाए गए। मंदिर में सुबह हनुमान जी की...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:45 AM IST
शहर के कई मंदिरों में शनिवार को हनुमान जयंती पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम करवाए गए। मंदिर में सुबह हनुमान जी की विशेष पूजा कर मंदिर में उनका चौला बदलने के साथ ही लाल रंग का पताका लहराया गया। शहर के बीबी बेहड़ा के शिव मंदिर, मां चिंतपूर्णी मंदिर, स्नेही मंदिर, वैद्या मंदिर, स्लोह रोड के ब्रह्मचारी हरि राम शिव मंदिर, बाग मिश्रा शिव मंदिर, ग्यारह मुखी हनुमान मंदिर, पुरानी दाना मंडी के मनकामेश्वर महादेव शिवालय, नहर की कुटिया के पास नरसिंह आश्रम, पंडोरा मोहल्ला के मुक्तिनाथ महादेव मंदिर, घास मंडी के शिवाला पं. जय दयाल ट्रस्ट, कच्चा टोबा शिव मंदिर, शिवधाम नेहरु गेट मंदिर, बाबा बालक नाथ मंदिर, मां नयना देवी मंदिर, सप्था शिवपुरी मंदिर, स्लोह के श्री दक्षिणेश्वरी मां भद्रकाली वृद्घ आश्रम व अनाथ आश्रम मंदिर इत्यादि मंदिरों में हनुमान जयंती पर विशेष पूजन हुए दोपहर बाद महिलाओं ने हनुमान जी की महिमा का गुणगान करते हुए कीर्तन भी किया। बाबा बालक नाथ जी के मंदिर में स्थापित पंज मुखी हनुमान मंदिर में पूजन के उपरांत महिलाएं सीमा, निर्मला, कुसुम, पिंकी, सुनीता, कविता, कांता, रजनी, ज्ञान आदि ने संकीर्तन में हनुमान जी की महिमा का गुणगान किया और सुख, समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।

हनुमान जी का जीवन हमें देता है शिक्षा

स्नेही मंदिर के पं. हर्षवर्धन, बाबा बालक नाथ मंदिर के पं. प्रेम विहारी व ग्यारह मुखी हनुमान मंदिर के महंत राम दास नागा जी ने बताया कि मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था। हनुमान जी का जीवन हमें शिक्षा देता है कि सेवा ही वो मार्ग है जिससे जगत तो क्या जगदीश को भी जीता जा सकता है। प्रभाव से नहीं स्वभाव से ही किसी को जीता जा सकता है। इसलिए कभी भी मन में अहंकार भाव को पैदा न होने दें और समाज में सेवा भाव से जरूरतमंदों की मदद करने के लिए हमेशा आगे बढ़कर सहयोग करें ताकि जीवन में सुख, खुशहाली और प्रसन्नता का आगमन हो सके। इससे ही हमें जीवन में सफलता की मंजिल मिलेगी।