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बच्चे अच्छी किताबें पढ़ें और बीमारियों से रहें सुचेत
किशोर अवस्था में बच्चों के वृद्धि विकास को बहुत से कारण प्रभावित करते हैं। इसमें शरीर में परिवर्तन, संगत, आदत, मोबाइल फोन का प्रयोग, अपोजिट सेक्स प्रति आकर्षण शामिल हैं। यह बात जिला परिवार भलाई अफसर डाॅ. सुखविंदर सिंह ने कही। वह स्थानीय कमेटी घर के पास डीएनआरएसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में किशोर शिक्षा पर जिला स्तरीय वर्कशाप में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि इस उम्र में शारीरिक तबदीलियों के कारण जो भी समस्याएं आती है, उसे संबंधी डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है। हमें अच्छी आदतें जैसे कि सुबह जल्दी उठना, सुबह-शाम ब्रश करना, मोबाइल फोन का कम प्रयोग करना चाहिए। हमें अच्छी संगत, अच्छी किताबें पढ़नी, बीमारियों सबंधी जागरूक होना, कसरत करना, दूसरे बच्चों के साथ प्यार से पेश आना चाहिए। किशोर अवस्था में खुद की संभाल रखनी और मां-बाप व टीचरों के अनुसार भविष्य का निर्माण करना चाहिए। जिला सेहत अफसर डाॅ. कुलदीप राय और डिप्टी कमिश्नर मेडिकल डाॅ. राज रानी ने कहा कि किशोर शिक्षा तब ही सकारात्मक है, अगर हम एक दूसरे को सम्मान देंगे। एक दूसरे को बहन-भाई मानते हुए एक दूसरे की रखवाली करेंगे। अगर कोई गलत रास्ते पर जा रहा है तो उसको सही रास्ते पर लाने का प्रयास करेंे। उन्होंने लड़कियों को छेड़छाड़ से खुद को बचाने के लिए प्रेक्टिकल करके ट्रेनिंग भी दी। उन्होंने कहा कि किशोरों में नशे का बढ़ रहा रुझान भी खतरा है। अगर कोई हमें बरगला कर नशा करने को कहे तो हमें सुचेत रहना चाहिए। इस मौके पर स्कूल की प्रिंसिपल किरण हांडा, जिला प्रोग्राम अफसर राम सिंह, मंग गुरप्रशाद, डाॅ. विजय, डाॅ. सोनिया, रेणुका कलेर, राजिंदर, गुरप्रीत सिंह, दीपक वर्मा, रमनदीप कौर, अमरिंदर सिंह, कृष्ण कुमार सरीन, प्रवीण सरीन, तिलक राज शर्मा, जसवीर सिंह, शिवानी शर्मा, नीतू, रविंदर करवर, आरती शर्मा मौजूद थीं।
छात्राओं को कोरोना वायरस से बचाव के लिए किया जागरूक
कपूरथला | कोरोनावायरस सबंधी जागरूकता पैदा करने के लिए सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल में सेमिनार का अायाेजन किया गया। सेमिनार के दौरान स्कूल स्टाफ व छात्राओं को कोरोनावायरस संबंधी जागरूक किया गया। सीनियर मेडिकल अधिकारी डाॅ. मनजीत ने कहा कि भीड़ में जाने से गुरेज करना चाहिए। बार-बार हाथ साबुन से धोने चाहिए। खांसी, बुखार व सांस लेने में तकलीफ आदि इस रोग के लक्षण है। खांसते व छींकते समय मुंह पर हाथ लगाने की बजाय कोहनी या कंधा पास करके खांसना व छींकना चाहिए। मास, मछली, मीट व अंडे साफ पानी में अच्छी तरह धोकर पूरी तरह पका कर खाना चाहिए। अपने गले को सूखने नहीं देना चाहिए और समय-समय पर स्वच्छ पानी पीते रहना चाहिए।