विकास नगर में 5 घरों से मिला लारवा, पिछले साल जिले में एक हजार लोगों को हुआ था डेंगू

Nawashahar News - पिछले साल डेंगू जिले में बड़ी बीमारी लेकर आया था और इस साल अभी से लोगों के कूलरों, फ्रिज की ट्रय व गमलों में डेंगू का...

Jun 14, 2019, 08:30 AM IST
Nawanshahr News - larka was found from 5 houses in vikas nagar last year a thousand people had died due to dengue
पिछले साल डेंगू जिले में बड़ी बीमारी लेकर आया था और इस साल अभी से लोगों के कूलरों, फ्रिज की ट्रय व गमलों में डेंगू का लारवा मिलना शुरू हो गया है। वीरवार को ही सेहत विभाग की टीम ने विकास नगर के पांच घरों में डेंगू का लारवा पाया है। चार जगहों पर कूलर के पानी में डेंगू लारवा मिला, जबकि एक जगह फ्रिज की ट्रय में।

अभी से डेंगू का लारवा मिलना सेहत के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं, क्योंकि पिछले साल डेंगू ने जिले में जो कहर बरपाया था, उससे इसे लेकर लोगों में अभी से भय है। आधिकारिक तौर पर जिले में पिछले साल 625 लोगों को डेंगू हुआ था, जबकि बहुत से ऐसे भी थे, जिन्होंने अपना इलाज प्राइवेट तौर पर करवाया। ऐसे में असल आंकड़ा एक हजार वैसे जुलाई शुरू से नवंबर तक का इसका डेंजर पीरियड माना जाता है। जब तक तापमान नीचे गिरकर 15-16 डिग्री तक नहीं आ जाता, तब तक इसका सीजन चलता रहता है। डेंगू फैलाने वाले मच्छर की उम्र एक महीना ही होती है, लेकिन इस जीवन काल में वह 500 से लेकर 1000 तक मच्छर पैदा कर देती है। यह मच्छर तीन फुट से ज्यादा ऊंचा नहीं उड़ सकता, इस कारण केवल लॉयर लिंब्स पर ही इसका डंक चलता है। मादा मच्छर कूलर, गमलों, फ्लॉवर पॉट, छत पर पड़े पुराने बर्तनों व टायर इत्यादि में भरे पानी और आबादी के आसपास गड्ढों में लंबे समय तक खड़े साफ पानी में अपने अंडे देती है। ब्लाक एक्सटेंशन एजुकेटर तरसेम लाल ने बताया कि लोगों को साफ पानी को भी लगातार खड़े नहीं रहने देना चाहिए।

सेहत विभाग की सलाह-घरों और आसपास रखें सफाई, कहीं पानी खड़ा न होने दें

विकास नगर में लोगों को डेंगू से बचाव के बारे में बताते सेहत विभाग के कर्मचारी

डेंगू से बचने के लिए ये करें | डेंगू के डंक से बचने के लिए शरीर को पूरी तरह ढंकने वाले कपड़े पहनने चाहिए। सोते समय मच्छरदानी, मच्छर भगाने वाले लोशन व तेल का इस्तेमाल करें। टूटे बर्तन, पुराने टायर व ड्रम को खुले में नहीं फेंके। कूलरों, फ्लावर पॉट, गमलों व टंकी में ज्यादा दिनों तक पानी खड़ा नहीं होने दें। बुखार होने पर पैरासिटामोल की टेबलेट लें और तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। तेज बुखार, सिरदर्द, मांस पेशियों में दर्द, स्किन पर लाल रंग के दाने निकलना, जोड़ों में दर्द, सूजन आना, मसूड़ों व नाक से खून निकलना डेंगू के लक्ष्ण हो सकते हैं।

10 एमएल पानी में भी पैदा हो जाता है लारवा, सुबह-शाम काटता है मच्छर

जिला एपिडेमाजिस्ट डाॅ. जगदीप के मुताबिक डेंगू को अपना लारवा पैदा करने के लिए 10 मिलीलीटर (एमएल) पानी ही काफी होता है। किसी बड़े पत्ते पर अगर 48 से 72 घंटे पानी खड़ा रह जाए तो वहां भी लारवा पैदा हो सकता है। इसे मच्छर बनने के लिए 7 दिन का समय लगता है। डेंगू का मच्छर सिर्फ सुबह और शाम के समय ही काटता है। दोपहर और रात को यह घर के कोने, पर्दे के पीछे या नमी वाली जगह पर छुप जाता है। उन्होंने कहा कि गांवों में बैठे प्रैक्टिशनर कार्ड टेस्ट करके डेंगू पॉजीटिव बता देते हैं जबकि यह टेस्ट मान्य नहीं है। डेंगू की कंफर्मेशन के लिए एनएस 1 और एलाइजा टेस्ट किया जाता है।

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