Hindi News »Punjab »Nawashahar» पेंडिंग सैलरी नहीं आई तो 25 अप्रैल से पूर्ण हड़ताल

पेंडिंग सैलरी नहीं आई तो 25 अप्रैल से पूर्ण हड़ताल

सुविधा केंद्र के कर्मचारियों ने अपनी सैलरी में देरी के लिए राज्य सरकार और संबंधित कंपनी को जिम्मेदार ठहराया है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:30 AM IST

सुविधा केंद्र के कर्मचारियों ने अपनी सैलरी में देरी के लिए राज्य सरकार और संबंधित कंपनी को जिम्मेदार ठहराया है। सुविधा केंद्र के कर्मियों ने कहा कि अगर कंपनी ने अपने वादे के मुताबिक 25 अप्रैल को हर कर्मचारी के खाते में पिछले 5 महीने की पेंडिंग सैलरी नहीं डाली, तो वे कामकाज छोड़कर हड़ताल पर चले जाएंगे।

नवांशहर में कुल 55 सुविधा केंद्र चल रहे हैं, जिनमें कुल मिलाकर करीब 100 कर्मचारी काम करते हैं। उन्हें 8,500 रुपए के हिसाब से मासिक वेतन मिलता है। इस हिसाब से कर्मचारियों की पिछले 5 महीने की सैलरी का करीब 42 लाख रुपए कंपनी पर बकाया हो गया है।

सुविधा केंद्र के कर्मचारियों के मुताबिक उन्हें कंपनी एक महीने की सैलरी देने के बाद दोबारा तीसरे महीने सैलरी देती है। लेकिन, इस बार तो हद ही हो गई। उनकी पिछले 5 महीने की सैलरी पेंडिंग हो गई है। सुविधा केंद्र के कर्मियों ने कहा कि बीएलएस इंटरनेशनल कंपनी उन्हें वेतन देती है, जिसका पूरे वर्ल्ड में बिजनेस है। कंपनी को उनकी सैलरी देने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बावजूद कंपनी की ओर से उनकी सैलरी रोकी जा रही है।

कंपनी पर कर्मियों की सैलरी का करीब 42 लाख रुपए बकाया

सुविधा केंद्र के कर्मचारियों ने कंपनी को दी चेतावनी, वादे के मुताबिक इकट्‌ठा डाला जाए पिछले 5 महीने का वेतन

सोमवार को सुविधा केंद्र में काम करवाने के लिए पहुंचे लोग। -भास्कर

शनिवार को काम पर लौट आए थे हड़ताल पर गए कर्मी

बता दें कि हड़ताल पर चले गए सेवा केंद्रों के कर्मचारी शनिवार को कंपनी प्रबंधन का आश्वासन मिलने के बाद काम पर लौट आए थे। कंपनी प्रबंधन ने 25 अप्रैल तक सेवा केंद्र के कर्मियों को सैलरी देने का भरोसा दिया है। इसके बाद नवांशहर के 55 सुविधा सेंटरों में 50 फीसदी में काम दोबारा शुरू हो गया।

सर्टिफिकेट बनाने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ा

सोमवार को केंद्र में सर्टिफिकेट बनवाने के लिए बच्चे अभिभावकों के साथ आए थे। उन्हें लंबी लाइनों में लगना पड़ा। सुबह 8 बजे से बच्चे लाइनों में खड़े थे। राजनंदनी निवासी रंजीत नगर (6) अपनी मां निर्मला के साथ आधारकार्ड के लिए अप्लाई करने आई थी। इसी तरह रविंद्र कौर अपनी बेटी इश्मीन 9वीं क्लास का सर्टिफिकेट बनाने व गांव सलोह के रहने वाले जसबीर सिंह अपनी बेटी अमनप्रीत जो छठी क्लास में पढ़ती है, उसका ओबीसी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आए थे। उन्हें लगातार 5 घंटे तक लाइनों में खड़े होना पड़ा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Nawashahar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×