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कौंसिल के नोटिस के बाद भी नहीं रुक रहा अवैध इमारतों का निर्माण

नगर कौंसिलों की इनकम का अहम स्रोत मानीं जाने वाली नक्शा फीस हासिल करने के मामले में नवांशहर कौंसिल फिसड्डी साबित...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:30 AM IST

कौंसिल के नोटिस के बाद भी नहीं रुक रहा अवैध इमारतों का निर्माण
नगर कौंसिलों की इनकम का अहम स्रोत मानीं जाने वाली नक्शा फीस हासिल करने के मामले में नवांशहर कौंसिल फिसड्डी साबित हो रही है। इसका बड़ा कारण नक्शा फीस उगाही को लेकर नेताओं के दबाव में कौंसिल कर्मचारियों द्वारा कई लोगों को नजरअंदाज करना है। यही वजह है कि नवांशहर में पिछले दिनों जिन लोगों को भवनों का अवैध निर्माण करने पर नोटिस जारी किए थे, उनमें से भी कई भवनों में अभी भी काम चल रहा है।

जानकारी के मुताबिक शहर में करीब दर्जनभर अवैध इमारतों का निर्माण चल रहा है। वहीं, नगर कौंसिल ने करीब 15 दिन पहले ही शहर में बिना नक्शा पास करवाए बन रही करीब 6 इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किया था। हैरानी की बात है कि नोटिस जारी होने के बावजूद 3 से 4 इमारतों का काम अभी तक चल रहा है। इससे कौंसिल की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

अगर नक्शा फीस उगाही की बात करें तो गत वित्त वर्ष (2017-18) की बात करें तो नवांशहर नगर कौंसिल तय लक्ष्य का 35 प्रतिशत भी हासिल नहीं कर पाई। कौंसिल ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान 3 करोड़ 50 लाख रुपए का लक्ष्य रखा था, जिसमें से लगभग सवा करोड़ रुपए का ही लक्ष्य हासिल कर पाई।

अनदेखी

नवांशहर की एक इमारत, जिसे कौंसिल ने नोटिस जारी किया था, बावजूद यहां काम जारी है।

जो बिल्डिंगें बन रहीं वहां से कई बार गुजरते हैं प्रधान व अधिकारी

शहर में बन रही अवैध इमारतों पर अकाली पार्षद परम सिंह खालसा ने कहा कि कौंसिल प्रधान, कांग्रेसी पार्षद व कौंसिल अधिकारी कई इन अवैध बिल्डिंगों के आगे से दिन में कई कई बार गुजरते हैं। लेकिन, किसी ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि अवैध इमारतों के बनाने के पीछे सीधे कांग्रेस के बड़े नेताओं का हाथ है। अगर कौंसिल सख्ती बरते, तो कौंसिल को सरकार से कभी ग्रांट लेने की भी जरूरत न पड़े।

गत वित्त वर्ष में नक्शा फीस से सिर्फ सवा करोड़ ही आए

नगर कौंसिल से जुड़े एक कर्मचारी ने बताया कि अगर नेता एक बार शहर में बन रही बिल्डिंगों के मालिकों के ऊपर से हाथ उठा लें, तो नक्शा फीस की उगाही का लक्ष्य कैसे पूरा नहीं होता है। शहर में बिना नक्शे पास करवाए इमारतों के बनने का क्रम लगातार जारी है। हालात यह हैं कि पिछले दिनों कौंसिल ने जिन इमारतों को अवैध निर्माण पर कार्रवाई के नोटिस जारी किए थे, उनमें से भी कुछ इमारतों पर अभी भी काम चल रहा है। इसके अलावा पिछले दिनों कुछ इमारतों पर कौंसिल की ओर से नोटिस भी चस्पां किए गए, लेकिन कई भवन मालिकों ने काम बंद नहीं किया।

3 मंजिल से ऊंची बिल्डिंग के लिए नियम

नगर कौंसिल के नियमानुसार शहर के तंग बाजारों व रिहायशी इलाकों में 3 मंजिल से ऊंची इमारत का नक्शा पास होना मुश्किल है। गुरचरण सिंह ने बताया कि नियमानुसार हर प्लॉट के लिए फ्लोर रेशो निकाली जाती है। हर मंजिल की ऊपरी मंजिल पर कम जगह पर निर्माण कर सकते हैं। नियमानुसार ऊंची इमारतों के लिए पार्किंग आदि की जगह भी छोड़ना जरूरी है। नगर कौंसिल के ईओ रणबीर सिंह ने कहा कि जो भी इमारत अवैध बन रही है, कौंसिल की ओर से उन पर कार्रवाई की जा रही है। कानून के मुताबिक सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

अधिकारियों को पड़ता है बैरंग लौटना|वित्त वर्ष में नक्शा फीस उगाही का लक्ष्य पूरा न होने का एक कारण नई कालोनियों में एनओसी का लागू न होना भी रहा। लेकिन, अगर पुराने शहर में ही नक्शा फीस उगाही पर काम होता, तो कौंसिल अधिक मुनाफा अर्जित कर सकती थी। नक्शा फीस का लक्ष्य पूरा न होने का एक बड़ा कारण यह भी है कि शहर में जो भी व्यक्ति बिना नक्शा पास करवाए निर्माण शुुरू करता है, उसे पहले तो कौंसिल का कोई अधिकारी या कर्मी रोकने नहीं जाता। अगर कभी कोई अधिकारी जाए, तो पीछे से किसी का फोन आ जाता है और अधिकारी बैरंग लौट आते हैं।

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