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महिलाओं से छेड़छाड़, हिंसा अभी भी जारी, एक होकर करना होगा संघर्ष : संघा
जन नमन सेवा सोसायटी ने किया तीन समाज सेवकों को सम्मानित
जन नमन सेवा सोसायटी द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस व सोसायटी की तीसरी वर्षगांठ पर पुरानी कचहरी के पास तीन समाज सेवकों को सम्मानित किया। सबसे पहले सोसायटी प्रधान नविता जोशी ने बताया कि महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर कार्य कर रही है। वहीं दूसरी ओर इन्हीं कासमाज में शोषण ज्यादा होता है। उन्होंने बताया कि उनकी सोसायटी शुगर मिल रोड पर जन नमन सोसायटी का सेंटर चला रही है। जहां कोई भी व्यक्ति अपने घर पर पड़ा कोई भी समान दे सकता है, वहीं कोई भी व्यक्ति वहां पर पड़े समान को 10 रुपए देकर ले जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस सेंटर में बच्चों को किताबें तथा खिलौने मुफ्त में दिए जाते हैं ताकि बच्चों का शिक्षा मिले तथा शारीरिक विकास में उनके वृद्धि हो। मैडम जोशी ने बताया कि आने वाले समय में महिलाओं को स्किल डेवलपमेंट प्रोग्रामिंग के तहत सेल्फ डिपेंडेंट बनाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का मकसद महिलाओं को स्वै रोजगार देना, शिक्षित करना तथा उनको आत्म निर्भर बनाना है। इसके बाद शहर में समाज सेवा में अपना अहम योगदान डालने वाले यशपाल सिंह हाफिजाबादी, रतन जैन, परविंदर बत्रा को पहचान पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मौके पर सोसायटी की वाइस प्रधान अरुणा प्रभाकर, महासचिव सुमन सेठी, प्रिंसिपल राजिंदर सिंह गिल, पुनीत प्रभाकर, रीतू जोशी (भाजपा नेत्री), पूर्व पार्षद गुरदेव कौर, प्रो. रजनी, प्रो. कविता, ज्योति, मनदीप, सविता अरोडा, मंजू, संजय कुमार, हरविंदर सिंह आदि हाजिर रहे।
समाज में आज भी हो रहा महिलाओं का शोषण : जोशी
कहा- महिलाओं ने संघर्ष करके काफी कुछ प्राप्त कर लिया
भास्कर संवाददाता|नवांशहर
स्त्री जागृति मंच द्वारा महिला अधिकारों को लेकर जिला स्तरीय पर रोष प्रदर्शन कर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। इससे पहले बारादरी गार्डन में प्रदेश प्रधान गुरबख्श कौर संघा की अगुवाई में हुई मीटिंग को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 1907 व 1910 में स्त्री वर्ग द्वारा किए गए अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में स्त्री वर्ग के इतिहास को अहम देना है। अंतरराष्ट्रीय महिला लहर ने जहां महिलाओं के काम के घंटे 18 से कम करके 10 किए। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने अपने संघर्षों के जरिए अब तक काफी कुछ प्राप्त कर लिया है लेकिन अभी भी काफी कुछ करना बाकी है। महिलाओं पर अत्याचार अभी भी जारी है। जिसके लिए महिलाओं को और भी तेज संघर्ष करना होगा। महिलाओं के साथ छेड़छाड़, हिंसा, घरेलू हिंसा, मानसिक तनाव अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा को आरएसएस व भाजपा ने शह दी तथा पुलिस ने भी अपनी भूमिका सही ढंग से नहीं निभाई। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से देश में मोदी सरकार के फासीवादी कानून लागू कर रही है, वे चिंताजनक हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि पूंजीवादी प्रबंध महिलाओं को बराबरता नहीं दे सकती। महिलाओं को बराबरता समाजवादी प्रबंध ही दे सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की मांगों को लेकर स्त्री जागृति मंच लंबे समय से संघर्षशील है। महिलाओं को लोक विरोधी लड़ाइयां सामाजिक आर्थिक प्रबंधों को बदलने के लिए चल रहे संघर्ष का हिंसा बनना चाहिए। उन्होंने 25 मार्च को लुधियाना में फासीवाद के खिलाफ की जा रही प्रदेश स्तरीय रैली में शामिल होने की अपील की। यहां सुरजीत कौर, सुदेश कुमारी, संतोष कुमारी, रुपिंदर पाल कौर, बलवीर कौर, रणजीत कौर, शकुंतला देवी, महिंदर कौर मौजूद थीं।
14 जन नमन सेवा सोसायटी के सदस्य पुरानी कचहरी के पास समाज सेवकों को सम्मानित करने के उपरांत।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रोष प्रदर्शन करते स्त्री जागृति मंच की मेंबर।