पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Nawanshahr News Opd Services At Urban Primary Health Center Remain Suspended For Four Days A Week Due To Emergency Duty In Doctor39s Civil

डॉक्टर की सिविल में इमरजेंसी ड्यूटी लगाने की वजह से हफ्ते में चार दिन ठप रहती है अरबन प्राइमरी हेल्थ सेंटर में ओपीडी सेवाएं

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

स्वास्थ्य विभाग द्वारा केंद्र सरकार की योजना के तहत श्री गुरु रविदास मंदिर में अरबन हेल्थ सेंटर खोला गया था। जिसमें दिन के साथ-साथ शाम के समय में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करी जाने की प्रपोजल थी। मगर हालात यह है कि यहां शाम की तो एक तरफ दिन की स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो हफ्ते में 4 दिन यह सेवाएं भी ठप रहती हैं। इसका मुख्य कारण यहां तैनात डॉक्टर की सिविल अस्पताल में ड्यूटी लगाना है। सेंटर में तैनात डॉक्टर की िसविल में इमरजेंसी ड्यूटी लगा दी जाती है। जिस वजह से उन्हें हफ्ते में करीब 3 से 4 दिन के लिए वहीं ड्यूटी करनी पड़ती है व यहां सेंटर में उन दिनों स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहती हैं। हालांकि सेंटर खुला रहता है जिसके चलते मरीजों को जरूरत के अनुसार फॉलोअप के रूप में यही दवा दोबारा से दे दी जाती है। इसके अलावा लोगों को सिविल का ही रुख करना पड़ता है। जिस वजह से यह केंद्र बेमायने साबित हो रहा है। बता दें कि जिला मुख्यालय की करीब 47 हजार की आबादी को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से इस सेंटर को अपग्रेड किया गया था।

डॉक्टरों की तैनाती संबंधी कहा जा रहा है, सिविल को जल्द मिलेंगे नए डॉक्टर

सिविल अस्पताल में इमरजेंसी में महिला डॉक्टर की ड्यूटी लगानी अनिवार्य है। अगर अस्पताल में रुटीन तैनाती वाले डॉक्टरों की इमरजेंसी ड्यूटी लगा दी जाती है तो यहां सिविल की ओपीडी डिस्टर्ब हो जाएगी। इसी वजह से अरबन प्राइमरी हेल्थ सेंटर व अन्य सेंटर से डाक्टर की ड्यूटी यहां लगाई जाती है। हालांकि विभाग द्वारा नए डॉक्टरों की तैनाती संबंधी कहा जा रहा है। जिसके चलते उम्मीद है िक जल्द ही नए डॉक्टर सिविल को मिल जाएंगे व बाहरी डॉक्टरों की इमरजेंसी ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी।
डॉ. हरविंदर सिंह, एसएमओ

डॉक्टर के होने पर होती है 30 से 35 मरीजों की ओपीडी

अरबन प्राइमरी हेल्थ सेंटर में डॉक्टर की मौजूदगी में करीब 30 से 35 की ओपीडी होती है। जबकि बुधवार यानि जिस दिन जच्चा-बच्चा टीकाकरण दिवस होता है उस दिन सेंटर की ओपीडी करीब 70 तक पहुंच जाती है। इसके बावजूद विभाग की ओर से यहां तैनात एक मात्र (महिला) डॉक्टर की एक्सट्रा ड्यूटी भी सिविल अस्पताल में बतौर एमओ या इमरजेंसी डाक्टर के रूप में लगा दी जाती है। तर्क यह दिया जाता है कि वहां इमरजेंसी सेवाएं चलाने के लिए एक महिला डॉक्टर की जरूरत होती है। एेसे में जिस दिन डाक्टर की सिविल अस्पताल में ड्यूटी होती है तो वे हेल्थ सेंटर में हाजिर नहीं हो पाते। बताते हैं कि विभाग की तरफ से यहां तैनात डाक्टर की महीने में औसतन 14 ड्यूटी हेल्थ सेंटर से बाहर की लगाई जाती हैं। जिस वजह से महीने में औसतन 200 मरीजों को यहां आने पर ही पता चल पाता है कि डॉक्टर आज नहीं आएंगे उनकी सिविल अस्पताल में ड्यूटी लगी है। जिसके चलते या तो लोगों को शहर से बाहर स्थित सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जाना पड़ता है या फिर उन्हें निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। एेसे में जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए यह हेल्थ सेंटर बनाया गया है वह उद्देश्य हल होता नजर नहीं आ रहा। दी नवांशहर वेलफेयर सोसायटी के नेता परदीप चांदला व मोहल्लावासी राम लुभाया, रमनदीप, संदीप कुमार ने कहा कि सिविल अस्पताल शहर से बाहर चला गया है। शहर के लोगों के लिए खोले सेंटर में तैनात डाक्टर की ड्यूटी विभाग को कहीं ओर नहीं लगानी चाहिए जिससे यहां की सेवाएं बाधित हों। ऐसे में अगर महिला डाक्टर की इमरजेंसी में ड्यूटी लगानी ही पड़ती है तो यहां उस दिन किसी और डॉक्टर की ड्यूटी लगाई जाए।

अरबन हेल्थ सेंटर जहां के डॉक्टर की सिविल अस्पताल में हफ्ते में 3 से 4 दिन इमरजेंसी ड्यूटी लगा दी जाती है।
खबरें और भी हैं...