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मजारी में लोगों को नशे के खिलाफ किया जागरूक

एक वर्ष पहले
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अगर किसी व्यक्ति का स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है, भूख लगनी बंद हो जाती है, समय पर घर नहीं आता, संगत में बदलाव आ जाता है और वह अकेला रहना पसंद करता है तो उस पर नजर रखने की जरूरत है। यह बात रेडक्रास नशा मुक्ति केंद्र के प्रोजेक्ट डायरेक्टर चमन सिंह ने कही। वह गांव मजारी में सरपंच जगतार सिंह की देखरेख में लगाए नशा विरोधी सेमिनार में संबोधित कर रहे थे। उन्होंनेे बताया कि हम अपने परिवार और समाज को इन नशे की चपेट में आने से बचा सकते हैं। काउंसलर दिनेश कुमार ने बताया कि ओट सेंटरों में नशा करने वाले मरीज का मुफ्त इलाज किया जाता है। उसके साथ किसी भी प्रकार की कोई भी मारपीट नहीं की जाती। उसकी पहचान तक गुप्त रखी जाती है। इस मौके पर बलवीर सिंह, मनजीत सिंह, प्रवेश सिंह, पंच अवतार सिंह, कुलविंदर कौर, परमजीत कौर, नछत्तर कौर, दिलवर सिंह, मनी, देसराज, हरदीप सिंह, राज रानी आदि मौजूद थे।

सेमिनार के बाद गांववासियों के साथ रेडक्रास नशा मुक्ति केंद्र के सदस्य।
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