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धोखाधड़ी के मामले में दो साल की सजा व जुर्माना

एक वर्ष पहले
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मामला करीब पांच साल पुराना, 7 मई 2015 को एफआईआर हुई थी दर्ज

स्थानीय आर्य समाज रोड पर घासमंडी के पास मंदिर के सामने की दुकानों को बैंक के पास गिरवी होने के बावजूद बेचने की हुई धोखाधड़ी के मामले में स्थानीय अदालत ने आरोप साबित होने आरोपी को दो साल कैद व 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा दो साल की होने के कारण अपील के समय तक मौके पर ही जमानत दे दी गई।

मामला करीब पांच साल पुराना है तथा सिटी थाने में इस संबंध में 7 मई 2015 को एफआईआर दर्ज की गई थी। 2014 में पुलिस को दी अपनी शिकायत में गीता भवन रोड निवासी कृष्ण कुमार ने बताया था कि उन्होंने सुरिंदर पाल गांधी से घासमंडी मंदिर के पास एक दुकान 2009 में खरीदी थी। दुकान की रजिस्ट्री 11 फरवरी 2009 को उनके नाम पर हुई थी। इन दुकानों पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की नवांशहर ब्रांच से सुरिंदर पाल गांधी ने लोन ले रखा था, लेकिन यह तथ्य उनसे तथा वहां पर दुकानें खरीदने वाले अन्य लोगों से छिपा लिया था। कुछ समय बाद अचानक 2014 में बैंक हरकत में आया तथा
दुकानदारों को ही लोन के लिए तंग करना शुरू कर दिया।

उन्होंने सितंबर 2014 में मामले की शिकायत एसएसपी से की। जांच के बाद मई 2015 में मामला दर्ज हुआ तथा इसके बाद अदालत में सुनवाई हुई। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने सुरिंदर पाल को मामले में दो साल की सजा व दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।

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