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5 गांवों की पंचायतों ने भेजा प्रस्ताव, कहा-नहीं खुलने देंगे शराब के ठेके

जिला में बढ़ते नशे को देखते हुए जिले की 5 पंचायतों ने वर्ष 2018-19 के लिए की जाने वाली ठेकों की अलॉटमेंट को लेकर एक्साइज...

Danik Bhaskar | Feb 01, 2018, 03:00 AM IST
जिला में बढ़ते नशे को देखते हुए जिले की 5 पंचायतों ने वर्ष 2018-19 के लिए की जाने वाली ठेकों की अलॉटमेंट को लेकर एक्साइज विभाग को अपने गांवों में शराब का ठेका न खोलने का प्रस्ताव भेजा है। पठानकोट के गांव मंजीरी, अकालगढ़, जंगल, दुरंगखड्‌ड और डडवां गांवों की पंचायतों ने अपने-अपने गांवों में मीटिंगें कर प्रस्ताव पास किया जबकि गांव डडवां की पंचायत ने सीधा एक्साइज स्टेट कमिश्नर को ठेका न खोलने का प्रस्ताव भेजा है। वहीं इससे पहले 2017-18 में 4 गांवों फरीदानगर, मुट्‌ठी, भवानी और खोजकीचक्क में शराब का ठेका न खोलने का प्रस्ताव पास किया था। 3 गांवों का प्रस्ताव पास हो गया था और चौथे गांव फरीदानगर के बाहर ठेके को शिफ्ट करवा दिया गया था। इस बार भी ठेका खुलने न खुलने का फैसला एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट कमिश्नर विवेक प्रताप सिंह करेंगे। गांवों में शराब का ठेका न खोलने पर पंचायतों का तर्क है कि गांव के युवाओं को नशे की दलदल में जाने से रोका जा सके।

गांव जंगल की आबादी 2500, 2400 ने किए हस्ताक्षर

गांव जंगल के सरपंच सुरेश कुमार का कहना है कि पंचायत में सरपंच सहित सभी पंचों ने प्रपोजल बनाई। गांव की कुल आबादी 25 सौ के करीब है और 24 सौ लोगों ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक पंचायत एक्ट में पंचायतों को ठेके नहीं खोलने के लिए धारा 40 के तहत प्रस्ताव पास करने के अधिकार हैं। धारा के तहत गांव की पंचायत 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक गांव की सीमा में ठेका नहीं खोलने के लिए प्रस्ताव पास कर सकती है जो आगामी वर्ष की 1 अप्रैल के लिए वैध होता है। एक बार एक्साइज कमिश्नर से प्रस्ताव पास होने के बाद भविष्य में उस गांव में ठेका नहीं खुल सकता।

सरपंच सुरेश

2017-18 में इन गांवों में नहीं खुले थे ठेके

2017-18 वित्तीय वर्ष में तीन पंचायतों जंगला भवानी, खोजक्की चक्क और मुट्टी में ऑब्जेक्शन के बाद शराब ठेकों की अलॉटमेंट नहीं की गई थी। एक्साइज कमिश्नर ने पाकिस्तान बॉर्डर से लगते खोजक्की चक्क और मुट्ठी गांव समेत आजादी के बाद देश के पहले परमवीर चक्र विजेता कैप्टन गुरबचन सिंह सलारिया के गांव जंगला भवानी में शराब ठेका नहीं खुलने की मंजूरी दी थी। बता दें कि ‘भास्कर’ ने कैप्टन सलारिया के गांव में शराब ठेका खुलने से युवाओं पर उसका असर, खोजक्की चक्क मुट्ठी में शराब पीने से नौजवानों की मौत होने का मामला प्रमुखता से उठाया था।

अंतिम फैसला एक्साइज कमिश्नर करेंगे

ईटीओ लवजिंद्र सिंह ने बताया कि 5 पंचायतों के प्रपोजल मिले हैं, जिन्हें एक्साइज कमिश्नर पंजाब को भेज दिया गया है। सभी संबंधित रिपोर्ट भी उन्हें भेज दी गई है, अंतिम फैसला एक्साइज कमिश्नर करेंगे।