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समय पर शिकायतें निपटाने में निगम फिसड्डी, अक्टूबर में आॅनलाइन आईं 39 शिकायतें, एक भी नहीं हुई दूर

Pathankot News - स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक की रैंकिंग में पठानकोट शहर काफी पिछड़ गया है। तिमाही आधार पर हो...

Nov 10, 2019, 08:31 AM IST
स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक की रैंकिंग में पठानकोट शहर काफी पिछड़ गया है। तिमाही आधार पर हो रहे सर्वे में स्वच्छ सिटी पोर्टल पर जारी डाटा में 8 नवंबर तक यूजर्स रजिस्ट्रेशन, यूजर्स इंगेजमेंट, एजेंसी रिस्पांसिवनेशन (शिकायतें दूर करने) और यूजर फीडबैक पर एकत्रित किए डाटा के आधार पर 4 हजार शहरों में पठानकोट शहर की नेशनल रैंकिंग 1024वें और सूबे में 153 वें स्थान पर आई है। पठानकोट महज 80.28 प्वाइंट ही हासिल कर सका है।

लीग के तहत हो रहे सर्वेक्षण में अक्टूबर से तीसरी तिमाही शुरू हो चुकी है, लेकिन आॅनलाइन मिली 39 शिकायतों में से निगम एक भी हल नहीं कर सका है। 1,48,937 की आबादी में किए सर्वे में से निगम के तहत सिर्फ 4,434 लोगों का एेप रजिस्टर्ड किया गया है और हाउस होल्ड प्रतिशत 14.89 फीसदी रहा है, जिस पर उसे 80 प्वाइंटस दिए गए हैं। सबसे बुरा हाल एजेंसी रिस्पांसिवनेस यानि शिकायतों के निवारण का है। इसमें शून्य अंक मिला है।

रामलीला ग्राउंड के पास डंप हटाकर बनाया स्वच्छता सर्वेक्षण का मोटो।

4 माह में आई शिकायतें व निपटारा

4 महीने में अगस्त में निगम को 17 शिकायतें मिली थीं, जिसमें से तय समय पर 4 ही हल हो सकीं, जबकि सितंबर 16 में 2 और अक्टूबर में 39 तथा नवंबर में अभी तक एकमात्र शिकायत भी हल नहीं हो सकी है। यूजर्स इंगेजमेंट में पठानकोट के .28 प्वाइंट्स है, इसमें अगस्त में रजिस्टर्ड 4408 में से 14, सितंबर में 4414 में से 17, अक्टूबर में 4434 में 26 और नवंबर में अभी तक 4434 में से सिर्फ 4 ही एक्टिव यूजर्स हैं। यूजर्स फीडबैक में पिछले चार महीने में 6 में से सिर्फ एक ही यूजर्स से फीडबैक लिया गया है। हालांकि निगम के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर जानू चलोत्रा कहते हैं कि वीआईपी ड्यूटी के चलते डाटा फीड नहीं हो सका है। दिसंबर तक जैसे जैसे डाटा अपलोड होगा रैंकिंग, ऊंची होती जाएगी।

स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 में नए मापदंड

स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 में शहरों की रैंकिंग तय करने को लेकर नए मापदंड निर्धारित किए गए हैं। पहले जहां पांच हजार अंकों में से रैंकिंग तय की जाती थी। साल 2020 के लिए रैंकिंग निर्धारित करने के लिए हर तिमाही के लिए दो हजार अंकों का फॉर्मूला तय किया गया है। अप्रैल से जून तक इस दिशा में किए गए प्रयासों के आधार पर 2 हजार अंकों का निर्धारित है, जुलाई से सितंबर के बीच शहर को स्वच्छ बनाने किए गए कार्यों को आधार बनाकर 2 हजार अंक निर्धारित किए गए हैं जबकि अक्टूबर से दिसंबर के बीच नगर निगम के द्वारा किए गए कार्यों का केंद्र सरकार की टीम द्वारा चेकिंग की जाएगी। इन्हीं नंबरों के आधार पर रैंकिंग तय की जाएगी। बताते चलंे कि पठानकोट से कहीं छोटे शहर टांडा उड़मुड 245.09 प्वाइंट्स, गढ़शंकर 170.91, गोराया के 222.72, जालंधर कैंटोनमेंट बोर्ड 218.28, बठिंडा के 129.18, दीनानगर के 100.41, तरनतारन समेत कई छोटे शहर आगे हैं।

रैंकिंग में सुधार के लिए बहुत कुछ करना बाकी

स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में अच्छी रैंकिंग के लिए अभी भी निगम को बहुत कुछ करना बाकी है। अभी तक नाइट स्विपिंग का 5 लाख के टेंडर पर काम शुरू नहीं कर सका है। 33 वार्डों को छोड़ नए शामिल 17 एरिया में डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन का काम शुरू नहीं हो सका है। गंदगी उठाने लिए अत्याधुनिक मशीन की खरीद नहीं हो सकी है।

पिछले साल सूबे में 7वें नंबर पर था पठानकोट

स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 के सर्वेक्षण में में हिस्सा लेने वाले सूबे के 169 शहरों में से पठानकोट 7वां सबसे साफ शहर था और नेशनल में 171 वां स्थान हासिल हुआ था। जबकि साल 2018 में पठानकोट को सूबे में 9वां और नेशनल में 243 रैंकिंग मिली थी, जबकि साल 2017 में 4 और नेशनल में 188 वीं रैंकिंग मिली थी।

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