- Hindi News
- National
- Pathankot News Corporation39s Building Branch With The Help Of 1 Clerk Atp Bindra And 3 Building Inspector Relief
निगम की बिल्डिंग ब्रांच 1 क्लर्क के सहारे एटीपी बिंद्रा व 3 बिल्डिंग इंस्पेक्टर रिलीव
नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच खाली हो गई है। पंजाब सरकार की ओर से ट्रांसफर एटीपी एसएस बिंद्रा समेत तीन बिल्डिंग इंस्पेक्टर को ट्रांसफर किया गया था, उन्हें शुक्रवार को निगम से रिलीव कर दिया गया है जबकि उनकी जगह पर किसी नए अफसर को नहीं लगाया गया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि नए अफसरों की तैनाती में अभी एक हफ्ते से ज्यादा का समय लग सकता है लिहाजा लोगों को नक्शे पास करने और चेंज लैंड अाॅफ यूज सीएलयू सर्टिफिकेट समेत बिल्डिंग ब्रांच से संबंधित कार्यों के लिए इंतजार करना पड़ेगा। बिल्डिंग ब्रांच में अब सिर्फ एक रेगुलर क्लर्क और 2 कांट्रेक्ट मुलाजिमों के सहारे ही रह गया है
फरवरी 2020 में एम्युनिशन डिपो और ओटीजी के एक हजार मीटर दायरे में बन रही 5 बिल्डिंगों को बिल्डिंग ब्रांच ने रोक दिए थे और बन रही कई और बिल्डिंगों के मालिकों को काम रोकने के नोटिस जारी किए थे। बिल्डिंग ब्रांच की कार्रवाई का सत्ताधारी कांग्रेस के इंप्रूवमेंट ट्रस्ट चेयरमैन विभूति शर्मा समेत अन्य कांग्रेसियों ने विरोध किया था और उसे साजिश करार दे शिकायत भी की थी। एक महीने के बाद 8 मार्च की शाम को व्हाट्सएप ग्रुप में सेक्रेटरी की ओर से एटीपी एसएस बिंद्रा को फगवाड़ा, बिल्डिंग इंस्पेक्टर किरणदीप सिंह व सोनिका मल्होत्रा को जालंधर और रणदीप कौर को अमृतसर ट्रांसफर किया गया है। इनमें बिल्डिंग इंस्पेक्टर रणदीर कौर और सोनिका मल्होत्रा लोकल हैं। उनके तबादले को बिल्डिंगों पर कार्रवाई के बाद सरकार की नाराजगी के तौर पर देखा गया है। आज चारों को निगम से रिलीव भी कर दिया गया। इसके साथ ही बिल्डिंग ब्रांच पूरी तरह से खाली हो गई है। पहले से ही एमटीपी का कार्यभार निगम के एक्सईएन सुरजीत सिंह के पास है जिनके पास जालंधर का भी चार्ज है जोकि पठानकोट हफ्ते में दो दिन उपलब्ध होते हैं। जबकि बिल्डिंग ब्रांच में अब सिर्फ एक रेगुलर क्लर्क और 2 कांट्रेक्ट मुलाजिमों के सहारे ही रह गया है जबकि नक्शे पास करना और सीएलयू सर्टिफिकेट समेत फील्ड में जाकर बिना नक्शा बन रही बिल्डिंग के नक्शा पास कराने की जिम्मेदारी एटीपी समेत बिल्डिंग इंस्पेक्टर्स की है, उनकी जगह पर सरकार ने नए अफसर तैनात नहीं किए हैं। इसके चलते लोगों को अपने काम कराने के लिए और इंतजार
करना पड़ेगा।
उधर, निगम के एडिशनल कमिश्नर अजय कुमार सूद का कहना है कि सरकार को नए अफसरों की तैनाती के लिए रिक्वेस्ट भेजी गई है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर निगम से ही किसी अफसर की ड्यूटी
सौंपी जाएगी।
निगम के पास नहीं है रेगुलर कमिश्नर
पठानकोट की पहली नगर निगम में रेगुलर कमिश्नर का पद भी खाली पड़ा है। डीसी गुरप्रीत सिंह खैहरा के पास निगम कमिश्नर का अतिरिक्त कार्यभार है जबकि एक मात्र रेगुलर कमिश्नर रही सोनाली गिरी का पिछले साल छुट्टी पर जाने के चलते तत्कालीन डीसी रामवीर को कमिश्नर का चार्ज दिया गया है। उनसे पहले एडीसी कुलवंत सिंह के पास निगम कमिश्नर का अतिरिक्त कार्यभार रहा था। इसके अलावा एसई, एक्सईन, एसडीओ और जेई स्तर के अधिकारियों की भी निगम में कमी है। इसके चलते एक एक अफसर के पास अतिरिक्त कार्यभार है। उससे निगम का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।